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कोल इंडिया का 51वें स्थापना दिवस पर रिकॉर्ड: अक्टूबर 2026 में 70.3 MT कोयला आपूर्ति, 19% वार्षिक वृद्धि

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कोल इंडिया का 51वें स्थापना दिवस पर रिकॉर्ड: अक्टूबर 2026 में 70.3 MT कोयला आपूर्ति, 19% वार्षिक वृद्धि

सारांश

51 वर्ष की विकास यात्रा में कोल इंडिया ने अक्टूबर 2026 को यादगार बना दिया — 70.3 MT आपूर्ति, 67.2 MT उत्पादन और बिजली क्षेत्र को 57.1 MT कोयला — तीनों श्रेणियों में नए कीर्तिमान। 1975 में 79 MT वार्षिक उत्पादन से 768 MT तक की दस गुना छलाँग भारत की ऊर्जा रीढ़ की ताकत बताती है।

मुख्य बातें

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अक्टूबर 2026 में 70.3 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की — किसी एकल माह का अब तक का सर्वोच्च स्तर।
पिछला रिकॉर्ड मार्च 2026 में 69.4 मिलियन टन का था; सालाना वृद्धि 19% ।
बिजली संयंत्रों को 57.1 मिलियन टन आपूर्ति — मई 2024 के 56.5 MT रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
कुल उत्पादन 67.2 मिलियन टन — अक्टूबर 2024 के 62.47 MT से अधिक।
रेल निकासी में औसतन प्रतिदिन 310 रेक — मार्च 2025 के 302.8 रेक का रिकॉर्ड तोड़ा।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 815 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित।

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अपने 51वें स्थापना दिवस पर 1 नवंबर 2026 को उत्पादन और आपूर्ति दोनों मोर्चों पर नए कीर्तिमान स्थापित किए। अक्टूबर 2026 में कंपनी ने 70.3 मिलियन टन (MT) कोयले की आपूर्ति की — जो किसी एकल माह में सीआईएल की अब तक की सर्वाधिक आपूर्ति है — और कुल उत्पादन 67.2 मिलियन टन के सर्वोच्च मासिक स्तर पर पहुँचा। तीनों प्रमुख श्रेणियों — कुल आपूर्ति, बिजली क्षेत्र को आपूर्ति, और उत्पादन — में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

आपूर्ति में नया कीर्तिमान

आधिकारिक बयान के अनुसार, अक्टूबर 2026 में सीआईएल की 70.3 मिलियन टन की कुल कोयला आपूर्ति ने मार्च 2026 के 69.4 मिलियन टन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब देश में बिजली की माँग में लगातार इज़ाफा हो रहा है और घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने पर नीतिगत ज़ोर दिया जा रहा है।

बिजली क्षेत्र को रिकॉर्ड आपूर्ति

बिजली संयंत्रों को आपूर्ति के मामले में भी कंपनी ने नया मानक स्थापित किया। अक्टूबर 2026 में ताप विद्युत संयंत्रों को 57.1 मिलियन टन कोयला उपलब्ध कराया गया, जो मई 2024 के 56.5 मिलियन टन के पूर्व रिकॉर्ड से अधिक है। इस श्रेणी में भी सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। गौरतलब है कि भारत की बिजली उत्पादन क्षमता का एक बड़ा हिस्सा अभी भी कोयला आधारित ताप विद्युत पर निर्भर है, इसलिए यह आपूर्ति आँकड़ा ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज़ से अहम है।

उत्पादन और रेल निकासी में भी नए रिकॉर्ड

उत्पादन के मोर्चे पर, अक्टूबर 2026 में सीआईएल का कुल कोयला उत्पादन 67.2 मिलियन टन रहा — जो अक्टूबर 2024 के 62.47 मिलियन टन के पिछले सर्वोच्च स्तर से काफी आगे है। रेल परिवहन के ज़रिये निकासी में भी कंपनी ने नई उपलब्धि हासिल की: बिजली क्षेत्र के लिए प्रतिदिन औसतन 310 रेल रेक लोड किए गए, जो किसी भी माह का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। इससे पहले मार्च 2025 में प्रतिदिन 302.8 रेक लोड करने का रिकॉर्ड था।

पाँच दशक की विकास यात्रा

1 नवंबर 1975 को स्थापित कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने पहले वर्ष में 79 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन दर्ज किया था। कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में यह आँकड़ा बढ़कर 768 मिलियन टन हो गया — लगभग दस गुना वृद्धि। अब कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 815 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

आगे की राह

सीआईएल के ताज़ा उत्पादन आँकड़े ऐसे समय में आए हैं जब भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा में भी तेज़ी से निवेश कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, 815 मिलियन टन के वार्षिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी को लॉजिस्टिक्स और खनन क्षमता दोनों में निरंतर निवेश जारी रखना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका संदर्भ समझना ज़रूरी है — भारत एक ओर जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ निभा रहा है, दूसरी ओर कोयला उत्पादन को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है। यह विरोधाभास भारत की ऊर्जा नीति की केंद्रीय चुनौती को उजागर करता है: तेज़ी से बढ़ती बिजली माँग को तत्काल पूरा करना, और साथ ही हरित संक्रमण की दिशा में भी आगे बढ़ना। 815 MT का अगला लक्ष्य यह सवाल खड़ा करता है कि क्या यह विस्तार दीर्घकालिक जलवायु लक्ष्यों के साथ संगत है, और क्या नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि उस गति से हो रही है जो भविष्य में कोयले की माँग को वास्तव में कम कर सके।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोल इंडिया ने अक्टूबर 2026 में कितना कोयला उत्पादन और आपूर्ति की?
अक्टूबर 2026 में कोल इंडिया ने 70.3 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति और 67.2 मिलियन टन का उत्पादन किया — दोनों ही किसी एकल माह के अब तक के सर्वोच्च स्तर हैं। तीनों प्रमुख श्रेणियों में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कोल इंडिया का 51वाँ स्थापना दिवस कब है?
कोल इंडिया लिमिटेड की स्थापना 1 नवंबर 1975 को हुई थी, इसलिए 1 नवंबर 2026 को कंपनी का 51वाँ स्थापना दिवस मनाया गया। इसी अवसर पर कंपनी ने अक्टूबर के रिकॉर्ड उत्पादन और आपूर्ति आँकड़े जारी किए।
बिजली क्षेत्र को कोल इंडिया की आपूर्ति का क्या नया रिकॉर्ड बना?
अक्टूबर 2026 में कोल इंडिया ने बिजली संयंत्रों को 57.1 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की, जो मई 2024 के 56.5 मिलियन टन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ता है। इस श्रेणी में भी सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
कोल इंडिया का वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्पादन लक्ष्य क्या है?
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 815 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का उत्पादन 768 मिलियन टन रहा था।
पिछले 50 वर्षों में कोल इंडिया का उत्पादन कितना बढ़ा है?
1975-76 में अपने पहले वर्ष के 79 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का उत्पादन 768 मिलियन टन हो गया — लगभग दस गुना वृद्धि। यह वृद्धि भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में कंपनी की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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