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क्या कोयंबटूर हवाई अड्डे के पास लेजर लाइट्स सुरक्षा खतरा पैदा कर रही हैं?

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क्या कोयंबटूर हवाई अड्डे के पास लेजर लाइट्स सुरक्षा खतरा पैदा कर रही हैं?

सारांश

कोयंबटूर हवाई अड्डे पर लेजर लाइट्स से पायलटों को हो रही परेशानियों ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। क्या यह खतरा गंभीर है? जानिए इस मामले में अधिकारियों ने क्या कदम उठाए हैं।

मुख्य बातें

लेजर लाइट्स हवाई सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
उड़ान संचालन में ध्यान भटकने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
पुलिस और एयरपोर्ट प्राधिकरण को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
जागरूकता अभियान समुदाय में महत्वपूर्ण हैं।
सुरक्षित लैंडिंग के लिए दृश्यता का होना आवश्यक है।

कोयम्बटूर, 23 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने आस-पास के क्षेत्रों से आने वाली लेजर लाइट्स के बढ़ते खतरे को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है, जो रात के समय विमान उतारने के दौरान पायलटों को असुविधा पहुंचा रही हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इससे उड़ान संचालन को गंभीर खतरा हो सकता है, खासकर लैंडिंग के समय।

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, विमानों की ओर तेज रोशनी की किरणें पायलटों को भटकाने, चकाचौंध उत्पन्न करने, और आंखों को अस्थायी रूप से चौंधियाने का कारण बन सकती हैं, जिससे रनवे पर सही दिशा में उतरने में गलती की संभावना बढ़ जाती है।

यह खतरा रात के समय और भी बढ़ जाता है, क्योंकि उस समय पायलटों की आंखें कम रोशनी के लिए अनुकूलित होती हैं। अचानक चमकने वाली लेजर लाइट इस स्थिति को और भी खतरनाक बना सकती है। ऐसी कई घटनाओं की जानकारी पुलिस को पहले ही दी जा चुकी है और उन्हें दर्ज भी किया गया है।

यह समस्या मुख्यतः एयरपोर्ट के आसपास स्थित निजी प्रतिष्ठानों, जैसे पार्टी हॉल और होटलों से जुड़ी हुई प्रतीत होती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये लाइटें जानबूझकर लगाई जा रही हैं या नहीं। लेकिन अधिकारियों ने इस पर जोर दिया है कि इस प्रकार की लाइटें गलती से भी इस्तेमाल करने से हवाई सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

समस्या के समाधान के लिए, आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की गई है, विशेषकर शाम के समय।

पिछले महीने की एयरफील्ड पर्यावरण मैनेजमेंट कमेटी (एईएमसी) की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई। कमेटी के सदस्यों ने सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि शहर की पुलिस न केवल अपराधियों की जांच करे, बल्कि समुदाय में जागरूकता अभियान भी चलाए।

उनका मानना है कि जागरूकता बढ़ाने से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के अधिकारियों ने लेजर बीम के उपयोग के खतरों और कानूनी परिणामों के बारे में सार्वजनिक चेतावनी जारी करने का सुझाव दिया है।

पुलिस से अपेक्षा की गई है कि वह एयरपोर्ट के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करे ताकि प्रवर्तन और जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से चलाए जा सकें। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षित लैंडिंग के लिए स्पष्ट दृश्यता और पूरा ध्यान आवश्यक है, और थोड़ा सा भी ध्यान भटकने से विमानन सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम हमेशा देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। कोयंबटूर हवाई अड्डे पर लेजर लाइट्स की समस्या गंभीर है और इसे तुरंत सुलझाने की आवश्यकता है। सही समय पर कदम उठाने से हम ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं और पायलटों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयंबटूर हवाई अड्डे पर लेजर लाइट्स के खतरे का कारण क्या है?
लेजर लाइट्स की किरणें पायलटों को भटका सकती हैं, जिससे उड़ान संचालन में खतरा उत्पन्न होता है।
क्या इस समस्या का समाधान किया जा सकता है?
हां, निगरानी और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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