13 अगस्त 2026
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स्वतंत्रता दिवस से पहले कोयंबटूर में सुरक्षा कड़ी, रेलवे-एयरपोर्ट पर बम-निरोधक दस्ते तैनात

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स्वतंत्रता दिवस से पहले कोयंबटूर में सुरक्षा कड़ी, रेलवे-एयरपोर्ट पर बम-निरोधक दस्ते तैनात

सारांश

15 अगस्त से पहले कोयंबटूर में सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह मुस्तैद हैं — रेलवे जंक्शन से लेकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक बम-निरोधक दस्ते तैनात हैं। 1998 के सिलसिलेवार विस्फोटों और NIA की हालिया कार्रवाइयों की पृष्ठभूमि में यह शहर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे पर विशेष स्थान रखता है।

मुख्य बातें

कोयंबटूर में 15 अगस्त से पहले RPF, GRP, BDDS और शहर पुलिस ने संयुक्त सुरक्षा अभियान चलाया।
कोयंबटूर रेलवे जंक्शन पर विशेष बम-पता लगाने वाले उपकरणों और श्वान दल से गहन तलाशी की गई।
कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवेश नियंत्रण और सामान-स्कैनिंग कड़ी की गई।
14 फरवरी 1998 के सिलसिलेवार बम विस्फोटों के कारण कोयंबटूर को संवेदनशील शहर माना जाता है।
NIA ने फरवरी 2024 में राज्य के 21 स्थानों पर छापे मारकर 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों ने जनता से लावारिस वस्तुओं की सूचना तुरंत देने की अपील की है।

तमिलनाडु के संवेदनशील शहर कोयंबटूर में 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पूर्व सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक चौकसी अभियान शुरू किया है। 13 अगस्त को पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने परिवहन केंद्रों, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और अन्य अति-संवेदनशील ठिकानों पर निगरानी का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है।

रेलवे जंक्शन पर गहन तलाशी

रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), कोयंबटूर शहर पुलिस और बम का पता लगाने व उसे निष्क्रिय करने वाली विशेष टीम (BDDS) के जवानों ने बुधवार को कोयंबटूर रेलवे जंक्शन पर गहन तलाशी अभियान चलाया। प्लेटफार्मों, पार्सल भंडारण क्षेत्रों, प्रतीक्षा कक्षों और स्टेशन परिसर में खड़ी ट्रेनों की जाँच विशेष बम-पता लगाने वाले उपकरणों और एक प्रशिक्षित श्वान दल की मदद से की गई। यात्रियों और उनके सामान की भी बारीकी से जाँच की गई।

हवाई अड्डे पर भी सतर्कता

कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी समान स्तर के सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। राष्ट्रीय पर्व से पूर्व प्रवेश नियंत्रण, सामान की स्कैनिंग और निगरानी कैमरों की क्षमता को और मज़बूत किया गया है। पुलिस व्यावसायिक क्षेत्रों और पूजा स्थलों पर भी कड़ी नज़र रख रही है।

कोयंबटूर की संवेदनशीलता का पृष्ठभूमि

सुरक्षा एजेंसियाँ कोयंबटूर को दीर्घकाल से एक संवेदनशील शहर मानती रही हैं। 14 फरवरी 1998 को तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की चुनावी सभा से कुछ ही पहले शहर में कई स्थानों पर सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए थे। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बाद में इसे ISIS से प्रेरित आत्मघाती हमले की कोशिश बताते हुए जाँच अपने हाथ में ली।

गौरतलब है कि NIA ने कार विस्फोट और संदिग्ध कट्टरपंथीकरण व भर्ती नेटवर्क की जाँच के सिलसिले में कोयंबटूर और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए। फरवरी 2024 में एजेंसी ने संबंधित मामलों में राज्य भर के 21 स्थानों की तलाशी ली और चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इससे पूर्व चलाए गए अभियानों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अहम दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए गए थे।

जनता से सतर्कता की अपील

अधिकारियों ने गश्त और वाहन-जाँच बढ़ा दी है। जनता से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ी हुई तैनाती 15 अगस्त तक जारी रहेगी।

आगे क्या

स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी, लेकिन शहर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए दीर्घकालिक निगरानी तंत्र बनाए रखने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी पर्व-पूर्व सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थायी खुफिया-आधारित निगरानी ज़रूरी है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयंबटूर में स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है?
15 अगस्त के समारोह से पूर्व संवेदनशील शहर कोयंबटूर में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक चौकसी अभियान शुरू किया है। 1998 के सिलसिलेवार बम विस्फोटों और NIA की हालिया जाँचों की पृष्ठभूमि में यह शहर विशेष निगरानी में रहता है।
कोयंबटूर रेलवे जंक्शन पर किस तरह की जाँच की गई?
RPF, GRP, BDDS और कोयंबटूर शहर पुलिस ने संयुक्त रूप से प्लेटफार्मों, प्रतीक्षा कक्षों, पार्सल भंडारण और खड़ी ट्रेनों की जाँच की। विशेष बम-पता लगाने वाले उपकरणों और एक प्रशिक्षित श्वान दल का उपयोग किया गया।
कोयंबटूर को संवेदनशील शहर क्यों माना जाता है?
14 फरवरी 1998 को कोयंबटूर में तत्कालीन BJP अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की सभा से ठीक पहले सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए थे। NIA ने इसे ISIS से प्रेरित आत्मघाती हमले की कोशिश बताया और तब से यह शहर सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता सूची में है।
NIA ने कोयंबटूर में हाल में क्या कार्रवाई की?
फरवरी 2024 में NIA ने संबंधित मामलों में तमिलनाडु के 21 स्थानों पर तलाशी ली और चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इससे पहले के अभियानों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए गए थे।
सुरक्षा बंदोबस्त कब तक जारी रहेगा?
अधिकारियों के अनुसार बढ़ी हुई तैनाती 15 अगस्त तक जारी रहेगी। इस दौरान गश्त, वाहन-जाँच और निगरानी सभी स्तरों पर बनाए रखी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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