स्वतंत्रता दिवस से पहले कोयंबटूर में सुरक्षा कड़ी, रेलवे-एयरपोर्ट पर बम-निरोधक दस्ते तैनात
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के संवेदनशील शहर कोयंबटूर में 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पूर्व सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक चौकसी अभियान शुरू किया है। 13 अगस्त को पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने परिवहन केंद्रों, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और अन्य अति-संवेदनशील ठिकानों पर निगरानी का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है।
रेलवे जंक्शन पर गहन तलाशी
रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), कोयंबटूर शहर पुलिस और बम का पता लगाने व उसे निष्क्रिय करने वाली विशेष टीम (BDDS) के जवानों ने बुधवार को कोयंबटूर रेलवे जंक्शन पर गहन तलाशी अभियान चलाया। प्लेटफार्मों, पार्सल भंडारण क्षेत्रों, प्रतीक्षा कक्षों और स्टेशन परिसर में खड़ी ट्रेनों की जाँच विशेष बम-पता लगाने वाले उपकरणों और एक प्रशिक्षित श्वान दल की मदद से की गई। यात्रियों और उनके सामान की भी बारीकी से जाँच की गई।
हवाई अड्डे पर भी सतर्कता
कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी समान स्तर के सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। राष्ट्रीय पर्व से पूर्व प्रवेश नियंत्रण, सामान की स्कैनिंग और निगरानी कैमरों की क्षमता को और मज़बूत किया गया है। पुलिस व्यावसायिक क्षेत्रों और पूजा स्थलों पर भी कड़ी नज़र रख रही है।
कोयंबटूर की संवेदनशीलता का पृष्ठभूमि
सुरक्षा एजेंसियाँ कोयंबटूर को दीर्घकाल से एक संवेदनशील शहर मानती रही हैं। 14 फरवरी 1998 को तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की चुनावी सभा से कुछ ही पहले शहर में कई स्थानों पर सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए थे। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बाद में इसे ISIS से प्रेरित आत्मघाती हमले की कोशिश बताते हुए जाँच अपने हाथ में ली।
गौरतलब है कि NIA ने कार विस्फोट और संदिग्ध कट्टरपंथीकरण व भर्ती नेटवर्क की जाँच के सिलसिले में कोयंबटूर और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए। फरवरी 2024 में एजेंसी ने संबंधित मामलों में राज्य भर के 21 स्थानों की तलाशी ली और चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इससे पूर्व चलाए गए अभियानों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अहम दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए गए थे।
जनता से सतर्कता की अपील
अधिकारियों ने गश्त और वाहन-जाँच बढ़ा दी है। जनता से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ी हुई तैनाती 15 अगस्त तक जारी रहेगी।
आगे क्या
स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी, लेकिन शहर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखते हुए दीर्घकालिक निगरानी तंत्र बनाए रखने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी पर्व-पूर्व सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा किया गया है।