क्या कांग्रेस बजट सत्र में मनरेगा और एसआईआर पर सरकार को घेरने में सफल होगी?

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क्या कांग्रेस बजट सत्र में मनरेगा और एसआईआर पर सरकार को घेरने में सफल होगी?

सारांश

कांग्रेस ने बजट सत्र की तैयारी की है, जिसमें मनरेगा, एसआईआर और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। क्या यह सरकार को घेरने में सफल होगी? जानें सभी प्रमुख बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने बजट सत्र के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है।
मनरेगा और एसआईआर जैसे मुद्दे मुख्य चर्चा में रहेंगे।
विदेशी नीति और आर्थिक मुद्दों को भी उठाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और जमीनी मुद्दों को ध्यान में रखा जाएगा।
जातिगत जनगणना की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस ने बजट सत्र से पहले संसद में सरकार को घेरने की व्यापक रणनीति तैयार की है। कांग्रेस की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी ग्रुप की मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस की संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने की, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।

बैठक के बाद, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज कांग्रेस पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में बजट सत्र के पहले चरण में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई। मनरेगा के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसे पहले चरण में उठाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही एसआईआर के मुद्दे पर भी सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, अरावली जैसे कुछ पर्यावरण संबंधी मुद्दों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे को भी जोरशोर से उठाया जाएगा।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि विदेशी नीति और टैरिफ के मामलों को भी उठाया जाएगा। अमेरिका लगातार भारत को धमका रहा है और टैरिफ के कारण हमें जो नुकसान हो रहा है, वह चिंता का विषय है। रुपया लगातार गिर रहा है, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। एमएसएमई क्षेत्र को भी बहुत अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन सभी मुद्दों को बजट सत्र में उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एसआईआर के खिलाफ इतना बड़ा विपक्ष है, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, और जमीनी स्तर पर आने वाली कठिनाइयां हैं। इसके बावजूद सरकार एसआईआर को लेकर जिस तरह से आगे बढ़ रही है, यह उसके अहंकार को दर्शाता है। हमें इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाना होगा, क्योंकि वोट चोरी की बातें सामने आ रही हैं, जिसका मतलब है कि 2003 के बाद जितने चुनाव हुए हैं, वे सभी फर्जी हैं। भाजपा द्वारा जीते गए चुनाव भी फर्जी हैं। दूसरे राज्यों में जो चुनाव हुए, वे भी फर्जी हैं। हम चाहते हैं कि एसआईआर को वापस लिया जाए और पुरानी मतदाता सूचियों को बहाल किया जाए।

इस दौरान यूजीसी विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए। देश में जातिगत जनगणना से इन सभी मुद्दों और समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल विपक्ष की ताकत को दिखाता है, बल्कि सरकार की नीतियों पर सवाल भी उठाता है। इस सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दे समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी को समझती है और लोगों की आवाज उठाने का प्रयास कर रही है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस किस मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बना रही है?
कांग्रेस मनरेगा, एसआईआर और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना रही है।
इस बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल थे?
बैठक में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और अन्य प्रमुख नेता शामिल थे।
क्या एसआईआर पर विपक्ष का कोई समर्थन है?
जी हां, एसआईआर के खिलाफ बड़ा विपक्ष है और सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी है।
राष्ट्र प्रेस
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