हुसैन दलवाई ने CM फडणवीस को लिखा पत्र, दिल्ली मार्च रोके गए महाराष्ट्र कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की माँग
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवाई ने 10 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर माँग की है कि नई दिल्ली में आयोजित शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने से रोके गए महाराष्ट्र के कार्यकर्ताओं और छात्रों को तत्काल एवं सम्मानजनक तरीके से रिहा किया जाए। दलवाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कथित तौर पर नागरिकों को उनके घरों से ही हिरासत में लिया और रास्ते में रेलवे स्टेशनों पर भी रोका, जो संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
मुख्य घटनाक्रम
10 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से एक शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया गया था। इस आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र दिल्ली रवाना होने की तैयारी में थे।
दलवाई ने पत्र में बताया कि मुंबई स्थित आवास से ही कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कथित तौर पर हिरासत में लेकर थाने में बैठाए रखा। इसके अतिरिक्त, ट्रेन से दिल्ली जा रहे अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को भी रास्ते में अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर रोककर हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
दलवाई के पत्र में उठाए गए आरोप
पूर्व सांसद हुसैन दलवाई ने अपने पत्र में इस कार्रवाई को 'कथित दमनकारी' और 'तानाशाही रवैया' करार दिया। उनका कहना है कि वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं को नजरबंद करना और युवाओं के साथ 'अपराधियों जैसा व्यवहार' करना, भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण आंदोलन के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
दलवाई ने तर्क दिया कि एक लोकतांत्रिक देश में नागरिकों को अपनी माँगों के समर्थन में यात्रा करने और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में पुलिस की यह कथित कार्रवाई न केवल कानूनी सवाल खड़े करती है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
सरकार से की गई माँगें
दलवाई ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से — जो राज्य के गृहमंत्री भी हैं — तीन सूत्रीय माँग की है: पहली, इस मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप; दूसरी, पुलिस की कथित दमनकारी कार्रवाई पर संज्ञान; और तीसरी, देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी महाराष्ट्र के कार्यकर्ताओं और छात्रों की तत्काल रिहाई के लिए संबंधित प्रशासन को आवश्यक निर्देश।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब चुनावी पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों की ओर से देशभर में आंदोलन की खबरें सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने या हिरासत में लेने की ऐसी घटनाएँ पहले भी कई मौकों पर राजनीतिक और कानूनी विवाद का केंद्र बनी हैं।
इस पत्र के माध्यम से कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार को सीधे जवाबदेह ठहराने की कोशिश की है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री फडणवीस इस पत्र का कोई आधिकारिक जवाब देते हैं या नहीं, और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को कब तक रिहाई मिलती है।