छात्र आंदोलन दबाने की साजिश रच रही सरकार, राजनीति का आरोप बेबुनियाद: हुसैन दलवई
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 23 जुलाई को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए पेपर लीक विवाद, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार के बीच हुई मुलाकात पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दलवई ने आरोप लगाया कि सरकार स्वयं आंदोलनों को कुचलने का काम कर रही है और विपक्ष पर राजनीतिकरण का ठीकरा फोड़ना बेबुनियाद है।
नड्डा के बयान पर पलटवार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने छात्र आंदोलन के राजनीतिकरण को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा था। इस पर हुसैन दलवई ने कहा, 'असल में राजनीति कौन कर रहा है, यह देश देख रहा है। सरकार ही आंदोलनों को दबाने और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का काम कर रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज करना, प्रदर्शनकारियों को कुचलना और छात्राओं पर हमला करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सलमान खान के एक्स पोस्ट का समर्थन
अभिनेता सलमान खान ने हाल ही में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की थी। दलवई ने इस पोस्ट का समर्थन करते हुए कहा कि अभिनेता ने सही बात कही है, हालांकि उनका यह भी मानना था कि यदि सलमान खान स्वयं प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित होते तो उनका संदेश और अधिक प्रभावशाली होता।
मोदी-पवार मुलाकात पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार के बीच हुई हालिया मुलाकात को लेकर दलवई ने असहमति जताई। उन्होंने कहा, 'मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए यह मुलाकात उचित नहीं थी। अभी सरकार के खिलाफ माहौल है और ऐसे समय में पवार साहब का वहाँ जाना और उनकी मेहमाननवाजी स्वीकार करना मेरे हिसाब से सही नहीं था।'
वायरल वीडियो और 'बाहरी तत्वों' का आरोप
पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के वायरल वीडियो पर दलवई ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोग छात्र नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए कुछ बाहरी तत्वों ने जानबूझकर हिंसा को अंजाम दिया होगा। गौरतलब है कि इस वीडियो को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों के बीच तीखी बयानबाजी हो चुकी है।
राहुल गांधी पर आरोपों का खंडन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री आवास के घेराव को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को दलवई ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'देश में तनावपूर्ण हालात पैदा करने के लिए विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली जिम्मेदार है। सरकार लोगों के सवालों का जवाब देने के बजाय लाठी और गोली चलाने में लगी है।' दलवई ने राहुल गांधी को संविधान में आस्था रखने वाला और समाज के वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील नेता बताया, और कहा कि राजनीतिक विरोधी उन्हें इसीलिए लगातार निशाना बना रहे हैं क्योंकि उनसे डर लगने लगा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में संसद सत्र में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।