25 जून 2026
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NCERT पाठ्यपुस्तकों पर दलवई का हमला: 'हिंदुत्व से छात्रों को तैयार कर देश को बर्बाद किया जा रहा'

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NCERT पाठ्यपुस्तकों पर दलवई का हमला: 'हिंदुत्व से छात्रों को तैयार कर देश को बर्बाद किया जा रहा'

सारांश

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों को लेकर केंद्र सरकार पर हिंदुत्व एजेंडे के ज़रिए छात्रों को एकतरफा ढंग से तैयार करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भूमि खरीद घोटाले की पारदर्शी जाँच और धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की माँग की।

मुख्य बातें

हुसैन दलवई ने 25 जून 2026 को मुंबई में NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर हिंदुत्व विचारधारा से छात्रों को एकतरफा तैयार करने का आरोप लगाया।
दलवई ने कहा कि वे आपातकाल का समर्थन नहीं करते, लेकिन इतिहास का एकांगी प्रस्तुतिकरण भी स्वीकार्य नहीं है।
सांसद संजय दीना पाटिल पर पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की आलोचना करते हुए जनप्रतिनिधियों से संयम की माँग की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भूमि खरीद के आरोपों की निष्पक्ष जाँच और उनके इस्तीफे की माँग।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी पद से हटाने की माँग दलवई ने की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने 25 जून 2026 को मुंबई में एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल से जुड़े अध्याय शामिल किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि विद्यार्थियों को हिंदुत्व विचारधारा के माध्यम से एकतरफा ढंग से तैयार किया जा रहा है, जो देश के लिए घातक सिद्ध होगा।

NCERT पाठ्यक्रम पर दलवई का रुख

दलवई ने स्पष्ट किया कि वे आपातकाल का समर्थन नहीं करते, लेकिन इतिहास को एकांगी दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं इमरजेंसी का समर्थन नहीं करता, लेकिन विद्यार्थियों को हिंदुत्व के जरिए तैयार किया जा रहा है, जिससे इस देश का विनाश होने वाला है। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसा माहौल बन गया है, जो बिल्कुल गलत बात है।"

उन्होंने आगे कहा, "इस देश की कुछ संस्कृति थी, एक वजूद था, पूरी दुनिया में लोग इस देश को कुछ मानते थे। अब उन सभी चीजों को खत्म करने का काम किया गया है।" आलोचकों का कहना है कि पाठ्यक्रम में किसी भी बदलाव को बहुपक्षीय ऐतिहासिक दृष्टि से संतुलित होना चाहिए।

सांसद संजय दीना पाटिल पर नाराज़गी

दलवई ने सांसद संजय दीना पाटिल पर पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं और उन्हें पत्रकारों सहित सभी नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। यदि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा अपमानजनक भाषा का प्रयोग हुआ है, तो लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उसकी आलोचना होनी चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) और स्पीकर विवाद

शिवसेना (यूबीटी) के उन सांसदों के मुद्दे पर, जिन्होंने अलग राजनीतिक रुख अपनाया है, दलवई ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा, "कानून और भाजपा का कोई संबंध नहीं है। पीएम और केंद्रीय गृह मंत्री जो बोलेंगे, वही स्पीकर मानेंगे। सही मायने में यह गलत है, जिसे मान्यता नहीं देनी चाहिए।"

मध्य प्रदेश CM पर भूमि घोटाले के आरोप

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर भूमि खरीद से जुड़े आरोपों पर दलवई ने निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच की माँग की। उन्होंने कांग्रेस शासन का हवाला देते हुए कहा, "कांग्रेस में जब कोई थोड़ा सा भी ऐसा करता था, तो उसे पार्टी से निकाल दिया जाता था। अशोक चव्हाण सीएम थे, उन्होंने एक फ्लैट लिया, जिसके कारण सत्ता छोड़नी पड़ी।"

दलवई ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पक्षों को सरकारी परियोजनाओं की जानकारी पहले से थी, जिसके आधार पर भूमि खरीदकर लाभ उठाने की कोशिश की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी पद से हटाने की माँग की। यह देखना बाकी है कि सत्तापक्ष इन आरोपों पर क्या औपचारिक प्रतिक्रिया देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे केवल राजनीतिक लेंस से नहीं देखा जाना चाहिए। मोहन यादव पर भूमि घोटाले के आरोप नए नहीं हैं, लेकिन दलवई का अशोक चव्हाण का उदाहरण देना स्वयं कांग्रेस की जवाबदेही की कहानी भी उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या सत्तापक्ष इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच की अनुमति देगा — या यह विवाद भी बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
25 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुसैन दलवई ने NCERT पाठ्यपुस्तकों पर क्या आरोप लगाए?
दलवई ने आरोप लगाया कि NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल के अध्याय को हिंदुत्व विचारधारा के एकतरफा नज़रिए से प्रस्तुत किया जा रहा है, जो देश के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि इतिहास को संतुलित दृष्टिकोण से पढ़ाया जाना चाहिए।
क्या दलवई ने आपातकाल का समर्थन किया?
नहीं, दलवई ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे आपातकाल का समर्थन नहीं करते। उनकी आपत्ति पाठ्यक्रम में इतिहास की एकांगी प्रस्तुति को लेकर थी, न कि आपातकाल के औचित्य को लेकर।
मोहन यादव पर क्या आरोप हैं और दलवई ने क्या माँग की?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर सरकारी परियोजनाओं की पूर्व जानकारी के आधार पर भूमि खरीदकर लाभ उठाने के आरोप हैं। दलवई ने निष्पक्ष जाँच और यादव के इस्तीफे की माँग की है।
दलवई ने धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की माँग क्यों की?
दलवई ने कहा कि जो लोग प्रशासन ठीक से नहीं संभाल सकते, उन्हें सत्ता में रखना गलत है। उन्होंने मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी पद से हटाने की माँग की।
शिवसेना (यूबीटी) और स्पीकर विवाद पर दलवई का क्या कहना है?
दलवई ने आरोप लगाया कि स्पीकर स्वतंत्र रूप से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देश पर काम करते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
राष्ट्र प्रेस
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