इंडिया गठबंधन मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा विवाद और सांसद खरीद पर केंद्र को घेरेगा: हुसैन दलवई
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने 19 जुलाई को मुंबई में कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दल आगामी लोकसभा मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा विवाद, सांसद खरीद के आरोप, बुलडोजर कार्रवाई, किसानों-मजदूरों की समस्याओं और सांप्रदायिक माहौल जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को एकजुट होकर घेरेंगे। मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
दलवई ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राम मंदिर चंदे के दुरुपयोग के आरोपों की स्वतंत्र जाँच की माँग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में यह माँग और भी जोर-शोर से उठाई जाएगी।
चंदा विवाद पर दलवई के आरोप
दलवई ने कहा, 'यह सिर्फ कुछ लाख या दो लाख रुपए का मामला नहीं है। लोगों ने भरोसे के साथ सोना-चांदी और ईंटें दी हैं। यह पैसा कहाँ गया?' उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया कि चंदे का पैसा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से दूसरे दलों के सांसदों को खरीदने में या संघ के कार्यों में खर्च किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि बड़े चेहरे बेनकाब हो सकें।
दलवई ने यह भी कहा कि जब विपक्षी दल इस मुद्दे पर सवाल उठाते हैं, तो सत्तारूढ़ पक्ष सवाल पूछने वालों पर ही आरोप लगाता है कि 'मन से दान नहीं किया, इसीलिए चंदा चोरी हुआ।' उन्होंने इस तर्क को निराधार बताते हुए कहा कि निष्पक्ष जाँच के बिना सच्चाई सामने नहीं आएगी।
सोनम वांगचुक और विपक्षी एकता
लद्दाखी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत और जारी अनशन पर दलवई ने चिंता जताई और कहा कि सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष की ओर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को अलग बैठने की अनुमति और उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों को शिंदे गुट में शामिल करने के फैसले पर दलवई ने माना कि इससे विपक्षी एकता प्रभावित होगी। हालाँकि उन्होंने कहा कि जनता BJP के साथ नहीं है और 2029 के लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए चौथी बार सत्ता में आना मुश्किल होगा।
सांप्रदायिक सौहार्द पर रुख
मौलाना अरशद मदनी के हालिया बयान के संदर्भ में दलवई ने कहा कि कांग्रेस की नींव हिंदू-मुस्लिम एकता पर रखी गई थी। उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोलकाता में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, तब गांधीजी ने अनशन किया था — यह परंपरा कांग्रेस की विरासत का हिस्सा है।
आगे क्या
मानसून सत्र के पहले दिन से ही इंडिया गठबंधन के तेवर आक्रामक रहने के संकेत हैं। गठबंधन की रणनीति के अनुसार, राम मंदिर चंदा जाँच की माँग, सांसद खरीद के आरोप और किसान-मजदूर मुद्दे संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाए जाएँगे।