गाजा संघर्ष पर हुसैन दलवई का केंद्र को आड़े हाथ: 'इंसानियत की बात है, सरकार को इजरायल से युद्ध बंद करवाना चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने 27 जून 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में गाजा संकट, राम मंदिर चढ़ावा विवाद, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और महाराष्ट्र की राजनीतिक हलचलों समेत कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। दलवई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गाजा में हो रही हिंसा 'इंसानियत का सवाल' है और भारत सरकार को इजरायल पर युद्ध तत्काल बंद करने का दबाव डालना चाहिए।
गाजा पर सरकार की चुप्पी पर सवाल
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी द्वारा गाजा मुद्दे पर लिखे गए लेख का समर्थन करते हुए दलवई ने कहा, 'इजरायल की ओर से गाजा में जिस तरह से लोगों को मारा जा रहा है, यह बिल्कुल गलत है।' उन्होंने जोड़ा कि यह केवल गाजा की नहीं, बल्कि समूची मानवता की बात है। दलवई के अनुसार, 'ऐसा लगता है कि यह सरकार इंसानियत मानती नहीं है।' उन्होंने माँग की कि भारत सरकार गाजा के लोगों के साथ खड़ी हो और इजरायल से युद्ध पूरी तरह बंद करने को कहे।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी रिपोर्ट पर संदेह
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट को लेकर दलवई ने गहरा संदेह जताया। उन्होंने कहा, 'मेरे अनुसार इस मामले में कुछ किया नहीं जाएगा — सिर्फ दिखाया जाएगा कि कार्रवाई की जा रही है।' उनका आरोप था कि छोटे लोगों को थोड़े समय के लिए जेल भेजकर मामले को रफा-दफा किया जाएगा, जबकि मुख्य सवाल — 'यह सारा पैसा गया कहाँ?' — का जवाब कहीं नहीं दिया गया।
आरएसएस और भाजपा नेता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दलवई ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरएसएस की शाखाओं में 'हिंसा करना, मुसलमानों के खिलाफ बोलना और द्वेष फैलाना' सिखाया जाता है। यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से विवादास्पद है और भाजपा-आरएसएस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया अपेक्षित है।
महाराष्ट्र की राजनीतिक हलचलें: उद्धव-फडणवीस फ्लाइट और शिवसेना विभाजन
एक ही व्यावसायिक उड़ान में उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक साथ यात्रा करने पर उठे विवाद को दलवई ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेता अपने-अपने टिकट से कमर्शियल विमान में गए थे — मुख्यमंत्री के सरकारी विमान का इससे कोई संबंध नहीं। उन्होंने कहा, 'राजनीति में व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं होती।' वहीं, शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने को दलवई ने 'संविधान और देश के साथ गद्दारी' करार दिया।
UCC और केतन हत्याकांड पर दलवई का रुख
पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) संबंधी बयान पर दलवई ने कहा कि UCC का मसौदा पहले आम लोगों तक पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं के समान अधिकारों का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी धर्म में एकाधिक विवाह को अनिवार्य नहीं बताया गया है। केतन हत्याकांड पर उन्होंने कहा कि यह घटना 'बिल्कुल गलत' है, लेकिन इसके पीछे के कारणों की भी जाँच होनी चाहिए। उनके अनुसार, बेटियों पर विवाह का दबाव डालने से ऐसी त्रासदियाँ जन्म लेती हैं और समाज में व्यवस्थागत बदलाव की ज़रूरत है।
दलवई के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब महाराष्ट्र में विपक्ष सरकार पर कई मोर्चों से दबाव बनाने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।