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गीता पर अमित शाह की सलाह का जवाब: हुसैन दलवाई बोले — 'पहले खुद बताएं, पढ़ी है या नहीं'

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गीता पर अमित शाह की सलाह का जवाब: हुसैन दलवाई बोले — 'पहले खुद बताएं, पढ़ी है या नहीं'

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भगवद गीता पढ़ने की सलाह पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने पलटवार करते हुए शाह से ही सवाल पूछ लिया। साथ ही सिद्धिविनायक मंदिर के दान में कथित अनियमितताओं की जाँच और रोज़गार को प्राथमिकता देने की माँग उठाई।

मुख्य बातें

हुसैन दलवाई ने 2 अगस्त 2026 को मुंबई में अमित शाह की भगवद गीता वाली सलाह पर तीखा पलटवार किया।
दलवाई ने कहा — शाह को पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने स्वयं भगवद गीता पढ़ी है या नहीं।
सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित चोरी पर दलवाई ने स्वतंत्र जाँच और दोषियों से वसूली की माँग की।
अबू आजमी के 'रोज़गार बनाम मुफ्त राशन' बयान का दलवाई ने समर्थन किया, सरकार से रोज़गार सृजन पर ध्यान देने की अपील की।
यह बयान महाराष्ट्र में बढ़ती राजनीतिक तनातनी के बीच आया है।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवाई ने 2 अगस्त 2026 को मुंबई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें शाह ने युवाओं को भगवद गीता पढ़ने की सलाह दी थी। दलवाई ने कहा कि शाह को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने स्वयं गीता पढ़ी है या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर में दान की कथित चोरी और मुफ्त राशन बनाम रोज़गार के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी।

अमित शाह की टिप्पणी पर दलवाई का पलटवार

दलवाई ने कहा, 'यह ठीक है कि भगवद गीता पढ़नी चाहिए, लेकिन अमित शाह ने भगवद गीता पढ़ने के बाद भी बहुत गलतियाँ की हैं। उनके खिलाफ बहुत सारे आरोप हैं। पहले अमित शाह को बताना चाहिए कि उन्होंने भगवद गीता पढ़ी है या नहीं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार पर धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाता रहा है।

सिद्धिविनायक मंदिर दान विवाद

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा सिद्धिविनायक मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं के कथित आरोपों पर दलवाई ने कहा, 'यह बहुत गंभीर मामला है। लोग दान देते हैं, और बड़ी संख्या में गरीब लोग भी वहाँ जाते हैं। अगर उस दान को इस तरह लूटा जा रहा है, तो यह बहुत गंभीर मुद्दा है।' उन्होंने माँग की कि राज ठाकरे के दावों की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए और दोषियों से पूरी राशि वसूल कर उसे गरीब बच्चों की शिक्षा में लगाया जाना चाहिए।

रोज़गार बनाम मुफ्त राशन: अबू आजमी के बयान का समर्थन

दलवाई ने समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख अबू आजमी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि लोगों को मुफ्त राशन की नहीं, बल्कि रोज़गार की ज़रूरत है। दलवाई ने कहा, 'बहुत अच्छी बात है। अबू आजमी ने बहुत सही बात की। लोग काम करना चाहते हैं। उन्हें काम दो। काम के ज़रिए बड़े पैमाने पर विकास होता है। लोग आपकी भीख नहीं चाहते, बल्कि उन्हें काम चाहिए। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए।'

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में विपक्षी दलों के बीच सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमले तेज़ हो रहे हैं। दलवाई का यह बयान कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें भाजपा नेताओं को धार्मिक और नैतिक मुद्दों पर घेरने की कोशिश की जा रही है। सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का दान आता है, और इस पर उठे सवाल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति को दर्शाता है जिसमें भाजपा नेताओं को उन्हीं के नैतिक और धार्मिक मानदंडों पर कसने की कोशिश की जाती है। सिद्धिविनायक मंदिर के दान विवाद को राजनीतिक रंग देना जोखिम भरा है — यह मुद्दा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है और गलत संदेश देने पर उलटा पड़ सकता है। रोज़गार बनाम मुफ्त राशन की बहस में अबू आजमी का समर्थन कांग्रेस के लिए एक सुरक्षित और व्यापक आधार वाला मुद्दा है, जो महाराष्ट्र के मतदाताओं में अनुगूँज पैदा कर सकता है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुसैन दलवाई ने अमित शाह की किस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं को भगवद गीता पढ़ने की सलाह दी थी। इसी पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने 2 अगस्त 2026 को मुंबई में कहा कि शाह को पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने खुद गीता पढ़ी है या नहीं, क्योंकि उनके खिलाफ अनेक आरोप हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर दान विवाद क्या है?
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं के कथित आरोप लगाए हैं। दलवाई ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए स्वतंत्र जाँच और दोषियों से पूरी राशि वसूल कर उसे गरीब बच्चों की शिक्षा में लगाने की माँग की।
दलवाई ने अबू आजमी के किस बयान का समर्थन किया?
समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख अबू आजमी ने कहा था कि लोगों को मुफ्त राशन की नहीं, बल्कि रोज़गार की ज़रूरत है। दलवाई ने इस बयान का पूरा समर्थन करते हुए सरकार से रोज़गार सृजन को प्राथमिकता देने की अपील की।
यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में क्यों अहम है?
महाराष्ट्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच विपक्षी दल सत्तारूढ़ गठबंधन पर धार्मिक, नैतिक और आर्थिक मुद्दों पर हमले तेज़ कर रहे हैं। सिद्धिविनायक मंदिर जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल से जुड़े आरोप और रोज़गार की माँग दोनों ही मतदाताओं को प्रभावित करने वाले मुद्दे हैं।
हुसैन दलवाई कौन हैं?
हुसैन दलवाई भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर नियमित रूप से प्रतिक्रिया देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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