29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शरद पवार का BJP-NDA में जाना असंभव: हुसैन दलवई, मोदी से मुलाकात पर उठे सवालों को किया खारिज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शरद पवार का BJP-NDA में जाना असंभव: हुसैन दलवई, मोदी से मुलाकात पर उठे सवालों को किया खारिज

सारांश

शरद पवार और PM मोदी की मुलाकात के बाद उठी NDA में शामिल होने की अटकलों को महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने सिरे से खारिज किया। साथ ही उन्होंने दिल्ली लाठीचार्ज पर गृह मंत्री अमित शाह और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर केंद्र सरकार से जवाबदेही माँगी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा — शरद पवार का NDA में जाना पूरी तरह असंभव है।
शरद पवार ने स्वयं स्पष्ट किया है कि वे NDA के साथ नहीं जाएंगे; PM मोदी से मुलाकात की तस्वीरों से उठी अटकलें खारिज।
दलवई ने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही माँगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस द्वारा छात्रों की FIR वापस लेने के फैसले का स्वागत; दिल्ली में भी ऐसी ही माँग।

महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने 29 जुलाई को स्पष्ट कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता। उनका यह बयान उन राजनीतिक अटकलों के बीच आया है, जो पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद तेज हो गई थीं।

मुलाकात से उठी अटकलें, पवार ने किया खंडन

हाल ही में शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि पवार NDA में शामिल हो सकते हैं। हालाँकि, शरद पवार ने स्वयं इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि वे NDA के साथ नहीं जाएंगे।

दलवई ने कहा, 'मैं पहले दिन से कह रहा हूँ कि शरद पवार कभी भी NDA में शामिल नहीं होंगे। शरद पवार पंडित जवाहरलाल नेहरू को मानने वाले सेकुलर विचारधारा वाले नेता हैं। उन्होंने खुद स्पष्ट कर दिया है कि वे NDA के साथ नहीं जा रहे हैं, इसलिए मैं उनका अभिनंदन करता हूँ।'

दिल्ली लाठीचार्ज पर गृह मंत्री से जवाबदेही की माँग

20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर दलवई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'दिल्ली पुलिस गृह मंत्री के अधीन है। पेपर लीक की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की थी तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया — पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज की जवाबदेही गृह मंत्री की है, इसलिए उन्हें जवाब देना ही चाहिए।'

दलवई ने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं था — प्रदर्शनकारी सरकार के शीर्ष नेतृत्व से भी इस्तीफे की माँग कर रहे थे। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने स्थिति को कुछ हद तक शांत किया, लेकिन मूल मुद्दा अनुत्तरित है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर केंद्र को घेरा

दलवई ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को भी उठाया। उनका कहना था कि चूँकि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था, इसलिए इस विवाद में भी केंद्र सरकार को जवाबदेही लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर में 'बड़े पैमाने पर घपला' हुआ है।

महाराष्ट्र में FIR वापसी का स्वागत, दिल्ली में भी माँग

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने के फैसले का दलवई ने स्वागत किया। उन्होंने माँग की कि दिल्ली में भी ऐसा ही होना चाहिए — और जो पुलिसकर्मी एवं सुरक्षाबल 20 जुलाई के लाठीचार्ज में शामिल थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दलवई ने स्पष्ट कहा, 'अगर FIR दर्ज करनी है तो उन पुलिसवालों के खिलाफ होनी चाहिए जिन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज किया।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पवार-मोदी मुलाकात से उपजी राजनीतिक अनिश्चितता को जल्द से जल्द दफनाना चाहती है। लेकिन यह सवाल बना रहता है कि यदि अटकलें इतनी निराधार थीं, तो पवार को स्वयं सार्वजनिक खंडन की जरूरत क्यों पड़ी। दिल्ली लाठीचार्ज पर अमित शाह की जवाबदेही की माँग राजनीतिक दृष्टि से सटीक है, पर विपक्ष अभी तक इसे संसदीय दबाव में नहीं बदल पाया है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद को इसी बयान में जोड़ना यह भी दर्शाता है कि कांग्रेस एक साथ कई मोर्चों पर BJP को घेरने की कोशिश कर रही है — जिसकी प्रभावशीलता तब ही तय होगी जब ये मुद्दे जमीनी आंदोलन में तब्दील हों।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या शरद पवार NDA या BJP में शामिल होने वाले हैं?
नहीं। शरद पवार ने स्वयं स्पष्ट किया है कि वे NDA के साथ नहीं जाएंगे। महाराष्ट्र कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने भी इन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया है और कहा कि पवार सेकुलर विचारधारा के नेता हैं।
PM मोदी और शरद पवार की मुलाकात के बाद अटकलें क्यों उठीं?
दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि पवार NDA में शामिल हो सकते हैं। हालाँकि, पवार और उनके करीबी नेताओं ने इन अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया।
दिल्ली में 20 जुलाई को छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुसैन दलवई के अनुसार, दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन आती है, इसलिए इस कार्रवाई की जवाबदेही उन्हीं की है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में केंद्र सरकार की क्या भूमिका है?
हुसैन दलवई का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था, इसलिए मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में केंद्र को जवाबदेही लेनी चाहिए। उन्होंने इसे 'बड़े पैमाने पर घपला' बताया।
महाराष्ट्र में छात्रों की FIR वापस लेने पर दलवई ने क्या कहा?
दलवई ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस फैसले का स्वागत किया और माँग की कि दिल्ली में भी छात्रों की FIR वापस ली जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले