कुर्ला क्रेन हादसा लापरवाही का नतीजा, 'वंदे मातरम' पर BJP ध्यान भटका रही: हुसैन दलवई
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 21 अगस्त को मुंबई के कुर्ला क्रेन हादसे को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर 'वंदे मातरम' जैसे भावनात्मक मुद्दों की आड़ में असली जनसमस्याओं से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। दलवई ने झारखंड की जेपीएससी परीक्षा विवाद, तमिलनाडु के परिसीमन मुद्दे और राहुल गांधी की प्रस्तावित पंजाब बस यात्रा सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर एक साथ प्रतिक्रिया दी।
कुर्ला हादसा: जवाबदेही की मांग
दलवई ने कुर्ला क्रेन हादसे पर सवाल उठाया कि वह क्रेन किसकी थी, उसका ठेका किसे दिया गया था और मौके पर काम करने की अनुमति किसने दी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की ओर से इस क्रेन के संचालन की अनुमति दी गई थी। उनका कहना था कि हादसे में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और यह स्पष्ट करना जरूरी है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई। उन्होंने घायलों और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा तथा आवश्यक सहायता देने की मांग की।
'वंदे मातरम' विवाद: BJP पर ध्यान भटकाने का आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए तुष्टिकरण के आरोपों पर पलटवार करते हुए दलवई ने कहा कि BJP चुनावी मौसम में हिंदू-मुस्लिम जैसे भावनात्मक विषयों को उछालकर रोजगार, शिक्षा और आजीविका जैसी वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाती है। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 'वंदे मातरम' के नारे के साथ सत्याग्रह में कांग्रेस कार्यकर्ता जेल गए थे, इसलिए कांग्रेस को देशविरोधी कहना ऐतिहासिक दृष्टि से गलत है। दलवई ने अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बिना देखे 'वंदे मातरम' के सभी अंतरे पढ़कर दिखाने चाहिए।
अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की 'वंदे मातरम' के पहले दो अंतरों को लेकर कथित सहमति पर दलवई ने कहा कि इन्हीं अंतरों में देश की प्राकृतिक सुंदरता और मातृभूमि का वर्णन है। शेष हिस्सों को लेकर भाषा और अर्थ से जुड़े सवाल उठना स्वाभाविक है।
झारखंड जेपीएससी और युवा मुद्दे
झारखंड में 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर दलवई ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी में थी, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी रहा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी इस मुद्दे पर समाधान की आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं और छात्रों की समस्याओं का निराकरण बातचीत व उचित प्रक्रिया से होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के सचिवों के साथ बैठक और छात्रों से संवाद की चर्चाओं पर दलवई ने कहा कि युवाओं के सवाल लगातार सामने आने के कारण सरकार दबाव महसूस कर रही है। उन्होंने नीट-यूजी विवाद का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
तमिलनाडु परिसीमन और दक्षिण भारत की चिंताएँ
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति के परिसीमन मुद्दे पर रुख में कथित बदलाव और अमित शाह व प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात पर दलवई ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है, लेकिन इससे यह नहीं माना जाना चाहिए कि विजय परिसीमन पर अपना रुख बदल चुके हैं। उन्होंने BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया।
राहुल गांधी की बस यात्रा और पंजाब कांग्रेस
राहुल गांधी की प्रस्तावित पंजाब बस यात्रा पर BJP की आलोचना को खारिज करते हुए दलवई ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से युवाओं और छात्रों के मुद्दे उठाते रहे हैं और जहाँ भी जाते हैं, वहाँ लोगों के बीच उनकी स्वीकार्यता साफ दिखती है। उन्होंने पंजाब और पुणे दोनों यात्राओं के सफल रहने का दावा किया। दलवई के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब कांग्रेस कई राज्यों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।