सुखबीर बादल हमला: हुसैन दलवई ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, राहुल का किया बचाव
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 14 अगस्त 2026 को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए कथित हमले को राज्य सरकार की सुरक्षा-विफलता का प्रमाण बताया। साथ ही, दलवई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना को 'बौखलाहट' करार दिया।
सुखबीर बादल पर हमला और सुरक्षा व्यवस्था
दलवई ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जैसे वरिष्ठ राजनीतिक नेता के पास सुरक्षा दस्ता मौजूद होने के बावजूद नांदेड़ में उन पर हमला होना महाराष्ट्र के प्रशासन और पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने कहा, 'यह केवल हमले के प्रयास की बात नहीं है — यदि किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो यह गंभीर घटना है।' दलवई के अनुसार, आजकल बड़े नेताओं को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएँ बढ़ रही हैं और पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए।
हर घर तिरंगा और RSS पर निशाना
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे की उस टिप्पणी का समर्थन करते हुए, जिसमें उन्होंने 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत RSS मुख्यालय से करने की बात कही थी, दलवई ने कहा कि एक समय राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों और अशोक चक्र को स्वीकार करने को लेकर भी आपत्तियाँ जताई जाती थीं। उन्होंने माँग की कि जो संगठन और लोग लंबे समय तक तिरंगे को स्वीकार नहीं करते रहे, उन्हें पहले देश के सामने अपने पुराने रुख पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और माफी माँगनी चाहिए।
राहुल गांधी का बचाव, BJP की आलोचना खारिज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर राहुल गांधी द्वारा एक कार्यक्रम में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों पर BJP की आलोचना को दलवई ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने 'कोई गलत बात नहीं कही' और मेलोनी को लेकर जिस टिप्पणी का जिक्र किया जा रहा है, वह राहुल गांधी की ओर से नहीं की गई थी। दलवई ने कहा कि BJP राहुल गांधी की आलोचना इसलिए करती है क्योंकि विपक्ष के नेता के तौर पर वह लगातार सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठा रहे हैं।
खड़गे की सभा के बाद शुद्धिकरण पर कड़ी आपत्ति
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में हुई सभा के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण की घटना पर दलवई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खड़गे दलित समाज से आते हैं और यदि उनकी जाति के आधार पर किसी स्थान का शुद्धिकरण किया गया है, तो यह 'बेहद आपत्तिजनक' है। दलवई ने संविधान और समानता के मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि इस मानसिकता का विरोध होना चाहिए और कथित घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
आगे क्या
दलवई के बयान ऐसे समय में आए हैं जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज है। नांदेड़ हमले की जाँच जारी है और महाराष्ट्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों पर राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।