प्रणित मोरे की अभद्र टिप्पणी पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई बोले — कड़ी कार्रवाई हो
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 13 जून 2026 को मुंबई में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे की महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि संविधान पुरुष और महिला में कोई भेद नहीं करता, फिर भी समाज में महिलाओं को समान दृष्टि से नहीं देखा जाता।
महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी — दलवई का कड़ा रुख
दलवई ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'महिलाएं मज़ाक का विषय नहीं हैं।' उनके अनुसार समाज में महिलाओं को लेकर जोक करने की जो प्रवृत्ति है, वह संवैधानिक मूल्यों के सर्वथा विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रणित मोरे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि ऐसी टिप्पणियाँ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाती हैं।
ममता बनर्जी पर एफआईआर — विपक्ष को परेशान करने की कोशिश
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर दलवई ने कहा कि यह कदम उन्हें तकलीफ देने के इरादे से उठाया गया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी जिम्मेदारी लोगों का कल्याण करना है, न कि विपक्षी नेताओं को परेशान करना।
'काला हिरण' फिल्म विवाद और सलमान खान की याचिका
फिल्म 'काला हिरण' की रिलीज के खिलाफ अभिनेता सलमान खान की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाए जाने पर दलवई ने कहा कि छोटे-छोटे विवादों के नाम पर किसी फिल्म को रिलीज से रोकना उचित नहीं है। उनके अनुसार यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनावश्यक अंकुश लगाने जैसा है।
मीनाक्षी नटराजन की याचिका और सुप्रीम कोर्ट
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका सर्वोच्च न्यायालय से खारिज होने पर दलवई ने कहा कि जब भी किसी के साथ अन्याय होता है और वह न्यायालय की शरण लेता है, तो अदालत का दायित्व बनता है कि वह उस मामले में उचित हस्तक्षेप करे।
महाराष्ट्र की सियासत — दलबदल पर कड़ा संदेश
महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापटक पर दलवई ने कहा कि जो नेता पार्टी बदलना चाहते हैं, उन्हें पहले अपनी सीट से इस्तीफा देना चाहिए और जनता के बीच जाकर दोबारा चुनाव जीतना चाहिए। बिना जनादेश के पार्टी बदलना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में दलबदल की राजनीति को लेकर बहस तेज है।