हुसैन दलवई ने ममता बनर्जी की सुरक्षा पर जताई चिंता, पुलिस को देना चाहिए पूरा संरक्षण
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
- हुसैन दलवई ने पुलिस से सुरक्षा देने की अपील की।
- मध्य पूर्व के युद्ध पर नेताओं की चिंताएँ।
मुंबई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंताओं का इजहार किया है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान, हुसैन दलवई ने कहा कि बंगाल में जो माहौल निर्मित किया गया है, वह अत्यंत हिंसक है। कहीं भी कुछ भी हो सकता है और वे हर जगह हिंसा का माहौल बनाते हैं। केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि सभी स्थानों पर इनका प्रोपेगेंडा है। इस कारण, मुझे लगता है कि ममता बनर्जी ने जो कहा है, वह गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
हुसैन दलवई ने यह भी कहा कि वह नहीं मानते कि सीएम बनर्जी जानबूझकर ऐसा कह रही हैं। पुलिस को उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।
सीएम ममता के आरोप कि भाजपा सरकार आने पर लोग मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं कर पाएंगे, पर हुसैन दलवई ने कहा कि यह बात भी सही है, क्योंकि सनातन धर्म के अनुयायी मटन या मछली का सेवन नहीं करते। बंगाल के लोग मछली का सेवन करते हैं। उनके अनुसार, ये लोग आएंगे और इसके सेवन पर रोक लगाएंगे। किसी के खाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए।
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के संदर्भ में विपक्षी नेताओं के बयानों पर हुसैन दलवई ने कहा कि गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। खाड़ी संकट पर कांग्रेस कोई टिप्पणी नहीं कर रही है, लेकिन डर तो है।
हुसैन दलवई के अनुसार, यदि भारत सरकार सही दिशा में कदम उठाए, तो मध्य पूर्व का युद्ध समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी सरकार ने इस युद्ध के आरंभिक चरण में सही रुख अपनाया होता, तो यह युद्ध इतना लंबे समय तक नहीं चलता। उन्होंने यह भी कहा कि अरब देशों में बड़े पैमाने पर हमारे लोग फंसे हुए हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी सरकार की होनी चाहिए।
अमित शाह द्वारा घुसपैठियों के संदर्भ में दिए गए बयान पर हुसैन दलवई ने कहा कि घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाना चाहिए, लेकिन घुसपैठ के नाम पर केवल मुसलमानों के प्रति भेदभाव नहीं होना चाहिए।