इटली की PM जियोर्जिया मेलोनी बनीं AI डीपफेक का निशाना, बोलीं— 'यकीन करने से पहले जांचें'
सारांश
मुख्य बातें
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने 5 मई 2026 को खुलासा किया कि उनकी कई नकली तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार कर सोशल मीडिया पर असली बताकर फैलाई जा रही हैं। मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट कर इस मामले को सार्वजनिक किया और लोगों से अपील की कि किसी भी सामग्री को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जरूर परखें। उन्होंने इसे महज अपने खिलाफ हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर खतरा बताया।
मेलोनी ने क्या कहा
मेलोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, ''आजकल मेरी कई नकली तस्वीरें सर्कुलेट हो रही हैं, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है और कुछ कट्टर विरोधी उन्हें असली बताकर फैला रहे हैं।'' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी जोड़ा कि जिसने ये तस्वीरें बनाई हैं, उसने कम से कम उन्हें ''काफी बेहतर'' भी बना दिया है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि असली मकसद सिर्फ हमला करना और झूठी बातें गढ़ना है।
मेलोनी ने आगे कहा, ''डीपफेक एक खतरनाक हथियार है, क्योंकि ये किसी को भी धोखा दे सकते हैं, मैनिपुलेट कर सकते हैं और उन पर हमला कर सकते हैं। मैं तो अपना बचाव कर सकती हूँ, लेकिन बहुत से दूसरे लोग ऐसा नहीं कर सकते।''
मेलोनी की अपील — 'जांचें, फिर शेयर करें'
मेलोनी ने डीपफेक के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण नियम सुझाया: ''यकीन करने से पहले जांचें, और शेयर करने से पहले यकीन करें।'' उन्होंने चेताया कि आज यह उनके साथ हुआ है, कल किसी के भी साथ हो सकता है। यह बयान डिजिटल साक्षरता की दिशा में एक राष्ट्राध्यक्ष की ओर से आई सबसे सीधी और स्पष्ट अपील मानी जा रही है।
भारत में डीपफेक के चर्चित मामले
डीपफेक का खतरा केवल यूरोप तक सीमित नहीं है — भारत में भी इसके कई विवादित मामले सामने आ चुके हैं। अभिनेत्री रश्मिका मंदाना एक वायरल डीपफेक वीडियो का शिकार हुईं, जिसमें एक अन्य लड़की के चेहरे पर उनका चेहरा AI की मदद से लगा दिया गया था। विवाद बढ़ने पर जाँच में यह वीडियो पूरी तरह फर्जी निकला।
इसी तरह, अभिनेता आमिर खान का एक डीपफेक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर किसी राजनीतिक दल का समर्थन करते दिखाया गया था। उनकी टीम ने सार्वजनिक रूप से इसे फर्जी करार दिया। गौरतलब है कि भारत में ज्यादातर डीपफेक के शिकार सेलिब्रिटी और राजनेता रहे हैं।
डीपफेक: वैश्विक चिंता का विषय
AI-जनित नकली सामग्री का बढ़ता प्रसार दुनियाभर की सरकारों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यह ऐसे समय में और भी गंभीर हो जाता है जब सोशल मीडिया पर सामग्री की सत्यता परखने के लिए आम उपयोगकर्ताओं के पास सीमित साधन हैं। मेलोनी जैसे वैश्विक नेताओं का इस मुद्दे पर मुखर होना इस समस्या की व्यापकता को रेखांकित करता है। आने वाले समय में AI नियमन और डीपफेक-विरोधी कानूनों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।