15 अक्टूबर 2026
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दिल्ली में 250 संग्रह केंद्र खुलेंगे, खंडित मूर्तियाँ और पूजा सामग्री होंगी रीसाइकिल — यमुना को बचाने की बड़ी पहल

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दिल्ली में 250 संग्रह केंद्र खुलेंगे, खंडित मूर्तियाँ और पूजा सामग्री होंगी रीसाइकिल — यमुना को बचाने की बड़ी पहल

सारांश

यमुना को धार्मिक कचरे से बचाने की कोशिश में दिल्ली सरकार, MCD और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने हाथ मिलाया। 250 केंद्रों पर खंडित मूर्तियाँ और पूजा सामग्री एकत्र कर रीसाइकिल की जाएगी — आस्था और पर्यावरण, दोनों का सम्मान एक साथ।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार , MCD और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के बीच 15 अक्टूबर 2026 को MoU पर हस्ताक्षर हुए।
शहरभर में 250 से अधिक विशेष केंद्र खोले जाएंगे जहाँ खंडित मूर्तियाँ और पूजा सामग्री सम्मानजनक तरीके से एकत्र होगी।
एकत्र सामग्री को रीसाइकिल करके उपयोगी वस्तुएं बनाई जाएंगी; यमुना में विसर्जन हतोत्साहित किया जाएगा।
CM रेखा गुप्ता ने ' श्रमिक पोषण संवाद ' में महिला श्रमिकों को पोषण किट भी वितरित कीं।
लोक नायक अस्पताल में ' डुअल-सोर्स 256-स्लाइस सीटी स्कैन ' और ' 3 टेस्ला एमआरआई मशीन ' का उद्घाटन हुआ।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सरकार, नगर निगम दिल्ली (MCD) और प्लास्टिक उद्योग की शीर्ष संस्था प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस MoU के तहत दिल्ली भर में 250 से अधिक विशेष संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ नागरिक खंडित मूर्तियाँ और पूजा सामग्री सम्मानजनक तरीके से जमा कर सकेंगे। यह पहल यमुना नदी में धार्मिक सामग्री के विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

समझौते का विवरण और उद्देश्य

मुख्यमंत्री गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस MoU की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'आज दिल्ली सरकार और एमसीडी के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत दिल्ली में 250 से अधिक ऐसे नए केंद्र खोले जाएंगे, जहाँ खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री को सम्मानपूर्वक एकत्र किया जा सकेगा।' इन केंद्रों पर एकत्र सामग्री को रीसाइकिल कर उपयोगी वस्तुएं बनाई जाएंगी। इस कार्यक्रम में दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

यमुना प्रदूषण और धार्मिक भावनाओं का संतुलन

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री को माँ यमुना में विसर्जित करने के बजाय इन संग्रह केंद्रों पर जमा करें। उन्होंने कहा कि इससे आस्था का सम्मान भी बना रहेगा और यमुना नदी भी स्वच्छ व पवित्र रहेगी। गौरतलब है कि यमुना नदी लंबे समय से प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है, और धार्मिक अवसरों पर सामग्री के विसर्जन को इसके प्रमुख कारणों में से एक माना जाता रहा है।

श्रमिक महिलाओं के लिए 'श्रमिक पोषण संवाद' कार्यक्रम

इसी दिन मुख्यमंत्री गुप्ता ने 'श्रमिक पोषण संवाद' कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहाँ राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर की उपस्थिति में महिला श्रमिकों से संवाद किया और उन्हें पोषण किट वितरित कीं। मुख्यमंत्री ने इन महिलाओं को 'कर्मयोगिनी' बहनें संबोधित करते हुए उनकी सेवा भावना और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि सरकार 'पालना घर', 'अटल कैंटीन', 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' और 'पिंक सहेली कार्ड' जैसी योजनाओं के ज़रिए महिला श्रमिकों के जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता भी उपस्थित रहीं।

लोक नायक अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उद्घाटन

मुख्यमंत्री गुप्ता ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत लोक नायक अस्पताल का दौरा किया और वहाँ एक 'डुअल-सोर्स 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन' तथा '3 टेस्ला एमआरआई मशीन' का उद्घाटन किया। इन अत्याधुनिक उपकरणों से हृदय, मस्तिष्क, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की जाँच अस्पताल के भीतर ही संभव हो सकेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी भी उपस्थित थे।

आगे की राह

यह तिहरी पहल — पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और स्वास्थ्य सेवा उन्नयन — दिल्ली सरकार के व्यापक शासन एजेंडे का हिस्सा प्रतीत होती है। 250 संग्रह केंद्रों की स्थापना कब तक पूरी होगी, इसकी समयसीमा आधिकारिक तौर पर अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन इसे आगामी त्योहारी सीज़न को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नागरिक जागरूकता और रीसाइकिलिंग की पारदर्शी निगरानी के बिना यह पहल महज़ प्रतीकात्मक बनकर रह सकती है। साथ ही एक दिन में तीन बड़े कार्यक्रमों — MoU, महिला श्रमिक संवाद और अस्पताल उद्घाटन — का एक साथ आयोजन शासन की व्यापकता दर्शाता है, पर यह भी सवाल उठाता है कि क्या इनमें से प्रत्येक को पर्याप्त संसाधन और अनुवर्ती ध्यान मिल पाएगा।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में 250 खंडित मूर्ति संग्रह केंद्र क्या हैं?
ये वे विशेष केंद्र हैं जो दिल्ली सरकार, MCD और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के बीच हुए MoU के तहत स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर नागरिक खंडित मूर्तियाँ और पूजा सामग्री सम्मानजनक तरीके से जमा कर सकेंगे, जिन्हें बाद में रीसाइकिल किया जाएगा।
यह पहल यमुना नदी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यमुना नदी में धार्मिक अवसरों पर मूर्तियों और पूजा सामग्री के विसर्जन से प्रदूषण बढ़ता है। इन केंद्रों के ज़रिए विसर्जन को हतोत्साहित कर यमुना को स्वच्छ रखने की कोशिश की जाएगी।
इन केंद्रों पर जमा सामग्री का क्या होगा?
एकत्र मूर्तियों और पूजा सामग्री को रीसाइकिल करके उपयोगी वस्तुएं बनाई जाएंगी। प्लास्टइंडिया फाउंडेशन इस रीसाइकिलिंग प्रक्रिया में भागीदार है।
इसी दिन लोक नायक अस्पताल में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत लोक नायक अस्पताल में 'डुअल-सोर्स 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन' और '3 टेस्ला एमआरआई मशीन' का उद्घाटन किया। इससे हृदय, मस्तिष्क और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जाँच अस्पताल परिसर में ही संभव हो सकेगी।
'श्रमिक पोषण संवाद' कार्यक्रम क्या था?
यह एक विशेष कार्यक्रम था जिसमें CM गुप्ता ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर की उपस्थिति में महिला श्रमिकों से संवाद किया और उन्हें पोषण किट वितरित कीं। सरकार ने 'पालना घर', 'अटल कैंटीन', 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' और 'पिंक सहेली कार्ड' जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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