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क्या तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने मोहम्मद उबैदुल्ला की जमानत रद्द कर दी?

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क्या तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने मोहम्मद उबैदुल्ला की जमानत रद्द कर दी?

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी में गिरफ्तार मोहम्मद उबैदुल्ला की जमानत रद्द कर दी है। यह मामला तब चर्चा में आया जब अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़क गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। जानिए इस मामले में और क्या हुआ।

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट ने मोहम्मद उबैदुल्ला की जमानत रद्द की।
पत्थरबाजी की घटना के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
जमानत रद्द करने का निर्णय निचली अदालत के आदेश पर आधारित है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान असामाजिक तत्वों का हस्तक्षेप।
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है।

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्कमान गेट के फैज-ए-इलाही मस्जिद से अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद उबैदुल्ला की जमानत को रद्द कर दिया है।

दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद पत्थरबाजी की घटना के संदर्भ में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद, मोहम्मद उबैदुल्ला समेत कई अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। अब, दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करने का निर्णय लिया है।

हाईकोर्ट ने कहा कि जमानत के आदेश में निचली अदालत ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रस्तुत दलीलों को उचित रूप से नहीं माना। जमानत रद्द करते हुए, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अधिकांश बातें केवल दलीलों के रिकॉर्ड तक सीमित थीं।

कोर्ट ने मोहम्मद उबैदुल्ला को नियमित जमानत देने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की अपील पर जमानत रद्द की है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, मोहम्मद नावेद (44), मोहम्मद फैज (20) तथा मोहम्मद उबैदुल्ला (23) उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें पत्थरबाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया था, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

एफआईआर में बताया गया है कि अतिक्रमण वाली भूमि पर पुलिस की बैरिकेडिंग के समय, रात 12:40 बजे लगभग 30-35 लोगों का एक समूह इकट्ठा हुआ, जिन्होंने भड़काऊ नारे लगाए और पुलिस के कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया।

जांच में यह भी सामने आया कि क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से स्थानीय निवासियों को इकट्ठा होने और विरोध करने के लिए उकसाया। पुलिस के अनुसार, इनका उद्देश्य ऑपरेशन के दौरान अशांति फैलाना और प्रशासन तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में बाधा डालना था।

संपादकीय दृष्टिकोण

साथ ही प्रशासन को भी अपने दायित्वों को समझना होगा। हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जहाँ कानून का शासन सर्वोपरि है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मोहम्मद उबैदुल्ला को फिर से जमानत मिलेगी?
इस समय उनकी जमानत रद्द कर दी गई है, लेकिन भविष्य में उनकी अपील पर विचार किया जा सकता है।
इस मामले में अन्य आरोपी कौन हैं?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मोहम्मद नावेद और मोहम्मद फैज भी इस मामले में आरोपी हैं।
पत्थरबाजी की घटना का कारण क्या था?
यह घटना तब हुई जब अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू किया।
राष्ट्र प्रेस
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