31 अगस्त 2026
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झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स बनेगा स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब, मंत्री सिरसा ने की समीक्षा बैठक

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झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स बनेगा स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब, मंत्री सिरसा ने की समीक्षा बैठक

सारांश

झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब बनाने का खाका तैयार हो रहा है। उद्योग मंत्री सिरसा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान का रोडमैप भी चर्चा में रहा — दिल्ली को ग्रीन और आधुनिक औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में यह एक ठोस शुरुआत है।

मुख्य बातें

उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 31 अगस्त को सचिवालय में औद्योगिक विकास और ई-वेस्ट प्रबंधन पर समीक्षा बैठक की।
झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा — आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ।
दिल्ली में ई-वेस्ट के संग्रह, पृथक्करण, विखंडन और पुनर्चक्रण के लिए वैज्ञानिक सुविधाएं स्थापित करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार उद्योग और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ प्राथमिकता दे रही है।
संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार, 31 अगस्त को सचिवालय में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का केंद्र झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब के रूप में पुनर्विकसित करने और राजधानी में ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक ढाँचा खड़ा करना रहा।

बैठक में क्या हुआ

मंत्री सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ दिल्ली के औद्योगिक विकास और ई-वेस्ट के बेहतर प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित करने और दिल्ली में ई-वेस्ट के उचित संग्रह, पृथक्करण, विखंडन और पुनर्चक्रण के लिए वैज्ञानिक सुविधाएं स्थापित करने के रोडमैप पर चर्चा हुई।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, हम पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए दिल्ली के उद्योगों को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।'

स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब की योजना

झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को अपग्रेड करने की योजना के तहत इसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य है कि छोटे और मध्यम उद्यमों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे उत्पादन लागत घटे और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े। गौरतलब है कि यह कॉम्प्लेक्स दशकों से दिल्ली के लघु उद्योगों की रीढ़ रहा है, लेकिन बुनियादी ढाँचे की कमी इसकी क्षमता को सीमित करती रही है।

ई-वेस्ट प्रबंधन पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नई दिल्ली में हर साल हजारों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसके वैज्ञानिक निपटान के लिए अब तक पर्याप्त आधुनिक सुविधाओं का अभाव रहा है। सरकार ई-वेस्ट के संग्रह, पृथक्करण, विखंडन और पुनर्चक्रण के लिए एक समग्र रोडमैप तैयार कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में अनियंत्रित ई-वेस्ट डंपिंग से भूजल और मिट्टी प्रदूषण की चिंताएं तेज हो रही हैं।

सरकार की प्राथमिकता

मंत्री सिरसा ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को एक ग्रीन और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल हब के रूप में स्थापित करना सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य है। बैठक में सभी संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

आगे क्या होगा

विभागीय अधिकारियों से निर्धारित समयसीमा में कार्य योजना माँगी गई है। एक बार रोडमैप अंतिम रूप लेने के बाद झंडेवालान कॉम्प्लेक्स के उन्नयन और ई-वेस्ट सुविधाओं की स्थापना पर अमल शुरू होने की उम्मीद है। यह पहल दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र को आधुनिक, स्वच्छ और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दिल्ली में ऐसी औद्योगिक पुनरुद्धार योजनाओं का इतिहास क्रियान्वयन की सुस्त रफ्तार से भरा रहा है। असली कसौटी यह है कि विभागों से माँगी गई कार्य योजना में समयबद्ध मील के पत्थर और जवाबदेही तंत्र कितने स्पष्ट हैं। ई-वेस्ट प्रबंधन के मोर्चे पर, राजधानी में हजारों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरे के अनियंत्रित निपटान की समस्या वर्षों पुरानी है — एक बैठक और रोडमैप की चर्चा तब तक पर्याप्त नहीं जब तक बजट आवंटन और लाइसेंस ढाँचा सार्वजनिक न हो।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब क्यों बनाया जा रहा है?
दिल्ली सरकार इस कॉम्प्लेक्स को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से लैस करना चाहती है ताकि छोटे और मध्यम उद्यमों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें। यह पहल दिल्ली को एक ग्रीन और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल हब के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
दिल्ली में ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए क्या योजना बनाई जा रही है?
सरकार ई-वेस्ट के संग्रह, पृथक्करण, विखंडन और पुनर्चक्रण के लिए वैज्ञानिक सुविधाएं स्थापित करने का रोडमैप तैयार कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में हर साल हजारों टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा निकलता है, जिसके वैज्ञानिक निपटान के लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे की तत्काल आवश्यकता है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह समीक्षा बैठक कब और कहाँ की?
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 31 अगस्त को नई दिल्ली स्थित सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ यह समीक्षा बैठक की। बैठक में झंडेवालान कॉम्प्लेक्स के उन्नयन और ई-वेस्ट प्रबंधन दोनों एजेंडे पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस योजना से दिल्ली के छोटे उद्योगों को क्या फायदा होगा?
स्मार्ट इंडस्ट्रियल हब बनने से छोटे और मध्यम उद्यमों को एक ही परिसर में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं मिलेंगी। इससे उत्पादन लागत में कमी और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि की उम्मीद है।
आगे की कार्रवाई कब तक अपेक्षित है?
बैठक में संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रोडमैप अंतिम रूप लेने के बाद झंडेवालान कॉम्प्लेक्स के उन्नयन और ई-वेस्ट सुविधाओं की स्थापना पर अमल शुरू होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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