दिल्ली में कमर्शियल LPG सप्लाई में 50 प्रतिशत की वृद्धि, मंत्री सिरसा ने खारिज की अफवाहें
सारांश
Key Takeaways
- कमर्शियल LPG सिलेंडर का आवंटन 50%25 तक बढ़ा है।
- 4500 सिलेंडर प्रतिदिन की सप्लाई शुरू की गई है।
- जरूरी सेवाओं और उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- अफवाहों को खारिज करते हुए मंत्री ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
- जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जांच टीमें सक्रिय हैं।
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का आवंटन 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। अब यह 1800 से बढ़कर 4500 सिलेंडर (19 किलो) प्रतिदिन हो गया है। यह बढ़ी हुई सप्लाई तुरंत लागू हो गई है, और इससे जरूरी सेवाओं, होटलों, उद्योगों और प्रवासी मजदूरों की जरूरतें बिना रुकावट पूरी होंगी।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का धन्यवाद करते हैं। उनके समय पर लिए गए फैसले से दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं होगी।”
नई व्यवस्था के तहत एलपीजी वितरण को 7 प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है, जिनके लिए कुल 4,500 सिलेंडर (19 किलो) प्रतिदिन तय किए गए हैं। श्रेणी 1 में जरूरी सेवाएं (स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे, एयरपोर्ट) - 225 सिलेंडर (5 प्रतिशत); श्रेणी 2 में 2 सरकारी संस्थान, पीएसयू, औद्योगिक कैंटीन, कम्युनिटी किचन - 225 सिलेंडर (5 प्रतिशत); श्रेणी 3 में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी - 3,375 सिलेंडर (75 प्रतिशत); श्रेणी 4 में कैटरिंग और बैंक्वेट - 225 सिलेंडर (5 प्रतिशत); श्रेणी 5 में छोटे उद्योग (ड्राई क्लीनिंग, पैकिंग, फार्मा) - 45 सिलेंडर (1 प्रतिशत); श्रेणी 6 में खेल सुविधा, स्टेडियम आदि - 225 सिलेंडर (5 प्रतिशत); और श्रेणी 7 में प्रवासी मजदूर (5 किलो सिलेंडर) - 684 सिलेंडर (4 प्रतिशत) शामिल हैं।
सप्लाई केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार की जा रही है, जिसमें पिछले तीन महीने की औसत खपत को आधार बनाया गया है और जरूरी सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए वेट्स एंड मेजर्स और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की 70 संयुक्त टीमें पूरे दिल्ली में जांच कर रही हैं। नियम तोड़ने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, एलपीजी वितरण आदेश 2000 और भारतीय न्याय संहिता 2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री सिरसा ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सप्लाई सामान्य है और वितरण लगातार जारी है। मैं दिल्ली के लोगों से अपील करता हूं कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें फैलाएं।
उन्होंने आगे कहा कि हमारा विभाग सप्लायर और आईजीएल के साथ लगातार संपर्क में है। आईजीएल हर हफ्ते पीएनजी प्रगति रिपोर्ट देता है। उपभोक्ताओं को किसी तरह की समस्या नहीं होगी और सभी नियमों का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
मंत्री सिरसा ने जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार हर सेक्टर तक बिना रुकावट एलपीजी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है – चाहे वह जरूरी सेवाएं हों, उद्योग हों या प्रवासी मजदूर।