दिल्ली में बालिकाओं पर हमले: VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने माँगी कठोर कार्रवाई, LG और CM को लिखा
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 22 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए दिल्ली में हाल ही में हुई कई आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने दिल्ली पुलिस, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से महिलाओं की सुरक्षा के लिए तत्काल कठोर कदम उठाने और एक समग्र योजना बनाने की माँग की है।
बंसल ने किन घटनाओं का ज़िक्र किया
बंसल ने अपने एक्स पोस्ट में तीन अलग-अलग मामलों का उल्लेख किया। पहला मामला पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर का है, जिसमें इमरान नामक आरोपी पर मुस्कान की उसके घर में घुसकर हत्या का आरोप है। पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
दूसरी घटना सदर बाजार इलाके की बताई गई है, जहाँ 56 वर्षीय दर्जी मकसूद पर कथित तौर पर एक 10 वर्षीय स्कूली छात्रा को दुकान में खींचकर दुर्व्यवहार करने का आरोप है। तीसरी घटना दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी की है, जहाँ मंदिर से लौट रही एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ आसिफ और उसके दो कथित साथियों पर गैंगरेप का आरोप है। इन दोनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
बंसल की माँगें और आरोप
बंसल ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'राजधानी दिल्ली में हिंदू बेटियों के खिलाफ हो रहे हमलों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है और ऐसे अपराधियों के मन में डर बिठाने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में इस तरह की अनेक घटनाएँ घटी हैं, लेकिन पीड़ितों को पूर्ण न्याय नहीं मिल पाया। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज से सतर्क और चौकन्ना रहने की अपील की।
पुलिस की प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस का कहना है कि बंसल द्वारा उल्लिखित सभी मामलों में विधिक कार्रवाई जारी है। तिलक नगर हत्याकांड में आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि सदर बाजार और कालकाजी के मामलों में मुकदमे दर्ज कर जाँच प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रकरणों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में महिला सुरक्षा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में है। गौरतलब है कि दिल्ली में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़े हर वर्ष गंभीर चिंता पैदा करते हैं। बंसल की यह माँग सरकारी तंत्र पर त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
विभिन्न नागरिक समाज संगठन भी समय-समय पर दिल्ली में महिला सुरक्षा के मुद्दे को उठाते रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया और दर्ज मुकदमों की न्यायिक प्रगति पर नज़र बनी रहेगी।