दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण: सितंबर 2026 से मार्च 2027 का एक्शन प्लान तैयार, सिरसा बोले — हर स्तर पर होगी ठोस कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के प्रबंधन एवं नियंत्रण पर एक उच्चस्तरीय ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के पर्यावरण मंत्रियों, सचिवों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य एजेंडा
बैठक में सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक के विस्तृत एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। सभी भाग लेने वाले राज्यों ने अपने-अपने प्रदूषण नियंत्रण के रोडमैप और आगे की रूपरेखा साझा की। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री यादव ने राज्यों के प्रयासों में हरसंभव सहयोग और समर्थन देने का आश्वासन दिया।
दिल्ली का 7-सूत्रीय एक्शन प्लान
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली ने इस बैठक में अपना एक्शन प्लान प्रस्तुत किया, जिसमें 7 प्रमुख बिंदु शामिल हैं। इनमें औद्योगिक प्रदूषण (Industrial Pollution) पर सख्ती, डीजी सेट के उत्सर्जन पर नियंत्रण, वैज्ञानिक तरीके से रोड-डस्ट मैनेजमेंट, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे का प्रबंधन, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (MSW) तथा बायोमास बर्निंग पर रोक, पराली जलाने के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान, और वाहन प्रदूषण के साथ-साथ क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना शामिल हैं।
केंद्र-राज्य समन्वय और निगरानी
बैठक में यह तय हुआ कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र और सभी राज्य सरकारें एक टीम की तरह काम करेंगी। डेटा शेयरिंग से लेकर जमीनी स्तर पर कार्रवाई तक आपसी सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की गाइडलाइंस के अनुसार निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उद्योगों के प्रदूषण पर सख्ती बरती जाएगी और सभी पर्यावरण मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सिरसा का बयान और मुख्यमंत्री का नेतृत्व
सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर की हवा को साफ और बेहतर बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।' सिरसा ने इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा की। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियों के करीब आते ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर रूप लेने की आशंका हर साल बनी रहती है।
आगे की राह
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में हर सर्दी से पहले इस तरह की बहु-राज्यीय बैठकें होती हैं, लेकिन जमीनी क्रियान्वयन की गति हमेशा सवालों के घेरे में रही है। इस बार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आम नागरिकों को भी इस मुहिम से जोड़ने की बात कही गई है, जो एक नया पहलू है। अब देखना यह होगा कि सितंबर 2026 से शुरू होने वाले इस एक्शन प्लान का क्रियान्वयन कितनी प्रभावी रूप से हो पाता है।