दिल्ली वायु प्रदूषण: भूपेंद्र यादव और CM रेखा गुप्ता की समीक्षा बैठक, अक्टूबर 2026 तक इलेक्ट्रिक बसें और ईवी चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 26 मई 2026 को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में शीत ऋतु से पहले प्रदूषण नियंत्रण के लिए त्वरित कार्यान्वयन, अंतर-एजेंसी समन्वय और कड़े प्रवर्तन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस समीक्षा बैठक में दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा और पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि आने वाले सर्दियों के मौसम से पहले दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है।
सड़क धूल और मशीनीकृत सफाई पर निर्देश
भूपेंद्र यादव ने सड़क पुनर्निर्माण के वार्षिक लक्ष्यों में देरी पर चिंता जताई और सभी लंबित पुनर्निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरे करने का आग्रह किया। उन्होंने योजना, निविदा प्रक्रिया और आपूर्ति शृंखला में व्यवधानों को दूर करने के लिए अधिक केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।
मशीनीकृत सड़क सफाई मशीनों (एमआरएसएम) की तैनाती की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सितंबर 2026 तक 78 बड़ी और मध्यम आकार की एमआरएसएम मशीनों के साथ-साथ 1,000 कूड़ा बीनने वाली मशीनों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में कण प्रदूषण को कम करने के लिए गहन सड़क सफाई और धूल नियंत्रण सबसे प्रभावी उपायों में से हैं।
यादव ने सड़कों के किनारे खुले स्थानों की पहचान कर व्यापक हरियाली गतिविधियाँ शुरू करने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) और योजना एवं वास्तुकला विद्यालय (एसपीए) के साथ लंबित समझौता ज्ञापन (एमओए) को मई 2026 के अंत तक अंतिम रूप दिया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक बसें और ईवी चार्जिंग नेटवर्क
सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर चर्चा करते हुए भूपेंद्र यादव ने अधिक इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की आवश्यकता पर बल दिया और दिल्ली सरकार से अक्टूबर 2026 तक चरणबद्ध कार्य योजना के माध्यम से इस कमी को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने पूरे शहर में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढाँचे में तेजी से वृद्धि पर भी जोर दिया।
क्षेत्रीय समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में निजी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वाहन उत्सर्जन प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है।
मेट्रो और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
यादव ने दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को मजबूत करने और मल्टी मॉडल लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में सुधार करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग हो और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आए। गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो के विस्तार के बावजूद लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की कमी निजी वाहनों पर निर्भरता का एक बड़ा कारण बनी हुई है।
जवाबदेही और आगे की राह
मंत्री ने सुझाव दिया कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण के प्रमुख क्षेत्रों से निपटने के लिए राजनीतिक और सरकारी प्रतिनिधियों से मिलकर कार्य बल गठित करे, जो संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मासिक समीक्षा के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित करे। उन्होंने मानसून समाप्त होने के बाद भी हरियाली और सफाई अभियान जारी रखने का आह्वान किया, ताकि बारिश के बाद सड़कों, नालियों और रेल पटरियों पर जमा होने वाली धूल की समस्या का समाधान हो सके।
यादव ने कहा, 'वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और हर स्तर पर निरंतर कार्रवाई आवश्यक है। केंद्र सरकार दिल्ली सरकार और सभी हितधारकों के साथ मिलकर दिल्लीवासियों के लिए स्वच्छ वायु सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।' अगले कुछ महीने दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रबंधन की दिशा तय करेंगे — और इन निर्देशों का जमीनी क्रियान्वयन ही असली कसौटी होगी।