दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-1 लागू: AQI बढ़ने पर सिरसा ने दिए कड़े निर्देश, खुले में जलाने पर रोक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बाद 21 अक्टूबर 2026 को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण — ग्रैप-1 — पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के उद्योग, पर्यावरण, खाद्य एवं आपूर्ति, वन एवं वन्यजीव मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सभी संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार्रवाई तेज़ करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रैप-1 के तहत क्या बदला
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि ग्रैप-1 के प्रावधानों के अंतर्गत डस्ट मिटिगेशन से जुड़े सभी मानकों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। सभी एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि मैकेनिकल रोड स्वीपर्स के ज़रिए 100 प्रतिशत सड़कों की सफाई सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही, ओपन बर्निंग — यानी खुले में कचरा या अन्य सामग्री जलाने — पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस पाबंदी की निगरानी के लिए टीमें दिन-रात सड़कों पर तैनात रहेंगी।
ट्रैफिक प्रबंधन और वाहन प्रदूषण पर फोकस
मंत्री सिरसा ने बताया कि उन्होंने स्वयं शहर के कई हिस्सों का निरीक्षण किया और उन स्थलों की पहचान की जहाँ ट्रैफिक जाम सबसे अधिक है। वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया गया है, ताकि जाम से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
उन्होंने वाहन चालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बिना वैध पीयूसी (Pollution Under Control) प्रमाणपत्र के दिल्ली में वाहन न चलाएँ। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
बाहरी वाहनों की आवाजाही पर नज़र
ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से दिल्ली में प्रवेश करने वाले गैर-ज़रूरी और राजधानी से बाहर के वाहनों पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण का अतिरिक्त दबाव बढ़ने से रोकना है।
इसके अलावा, प्रदूषण नियमों का पालन न करने वाले उद्योगों और गैर-अनुपालक इकाइयों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी है। विभिन्न विभागों की टीमें मैदान में उतरकर निरीक्षण कर रही हैं।
नागरिकों से अपील और ग्रीन दिल्ली ऐप
सरकार ने IEC (Information, Education and Communication) गतिविधियाँ भी तेज़ की हैं ताकि नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रति जागरूक किया जा सके। ग्रीन दिल्ली 311 ऐप पर निगरानी तंत्र को और मज़बूत किया गया है, जिससे नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सके।
पर्यावरण मंत्री सिरसा ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे ग्रैप-1 के दिशा-निर्देशों का पालन करें, प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की सूचना ग्रीन दिल्ली ऐप के ज़रिए दें और राजधानी की हवा को साफ़ करने में अपना योगदान दें। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली-एनसीआर में प्रतिवर्ष वायु प्रदूषण का संकट गहराता है और GRAP के उच्चतर चरणों तक पहुँचने से पहले समय पर हस्तक्षेप की अहमियत बढ़ जाती है।