दिल्ली-एनसीआर में 2 जुलाई को येलो अलर्ट: बारिश से गर्मी में राहत, ट्रैफिक सिग्नल फेल से घंटों जाम
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 2 जुलाई की सुबह हुई हल्की बारिश ने लगातार कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को बड़ी राहत दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, राहत की यह बारिश यातायात व्यवस्था के लिए आफत साबित हुई — कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल फेल होने से लंबे जाम लगे।
मौसम विभाग की चेतावनी और येलो अलर्ट
IMD के अनुसार, 2 जुलाई को दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश की संभावना है। दोपहर और शाम के समय 40 से 50 किमी प्रति घंटे की सतही हवाएं, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। विभाग ने नागरिकों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमज़ोर ढाँचों से दूर रहने की सलाह दी है।
तापमान में गिरावट — अगले सप्ताह का पूर्वानुमान
बारिश और बादलों के कारण 2 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो पिछले दिनों की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट है। 3 जुलाई को भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी — अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहने का पूर्वानुमान है, हालांकि उस दिन कोई विशेष चेतावनी नहीं है।
4 जुलाई को अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री, 5 जुलाई को 34 और 23 डिग्री, 6 जुलाई को 34 और 23 डिग्री तथा 7 जुलाई को अधिकतम 35 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इन सभी दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी।
ट्रैफिक व्यवस्था पर असर
गुरुवार सुबह हुई बारिश के कारण कई व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद हो गए, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल खुलने का समय होने के कारण कई स्कूल बसें जाम में फंस गईं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लगा।
आम जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना जताई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों और ऊँचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों। यातायात अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे बारिश के दौरान सिग्नल फेल होने की स्थिति में मैनुअल यातायात नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
गौरतलब है कि यह बारिश मानसून के सक्रिय होने का संकेत है, और आने वाले दिनों में भी राजधानी में इसी तरह का मौसम बने रहने की उम्मीद है।