गोकुलपुरी लूट मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपी दबोचे, एक पर पहले से 12 मुकदमे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में हुई मोबाइल लूट की घटना में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक 'रजिस्टर्ड बैड कैरेक्टर' भी शामिल है, जिस पर पूर्व में 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से पीड़ित का चोरी किया हुआ मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
घटनाक्रम
28 अक्टूबर की सुबह करीब 8 बजे शिकायतकर्ता अभिषेक (27 वर्ष) भागीरथी विहार की गली नंबर 13 के पास अपनी गाड़ी से कचरा संग्रह कर रहा था। शिकायत के अनुसार, तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उसे घेरकर उसका मोबाइल फोन छीना और मौके से भाग निकले।
पुलिस ने गोकुलपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(4) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की और जाँच शुरू की।
जाँच और गिरफ्तारी
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जाँच की और मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर तीनों को हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओल्ड मुस्तफाबाद निवासी राहुल (36), भागीरथी विहार गली नंबर 13 निवासी अब्बास उर्फ टोटू (26) और भागीरथी विहार गली नंबर 11 निवासी शोएब उर्फ अब्बास (18) के रूप में हुई है।
आरोपियों के आपराधिक इतिहास
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, अब्बास उर्फ टोटू गोकुलपुरी थाने में 'रजिस्टर्ड बैड कैरेक्टर' है और वह पहले भी लूट, झपटमारी तथा आर्म्स एक्ट से जुड़े 12 मामलों में लिप्त रह चुका है। शेष दोनों आरोपियों — राहुल और शोएब उर्फ अब्बास — के विरुद्ध भी झपटमारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े दो-दो पूर्व मामले दर्ज हैं।
बरामदगी और आगे की जाँच
आरोपियों की निशानदेही पर पीड़ित अभिषेक का मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त वह मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली, जिस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और लूट की समस्त परिस्थितियों तथा आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में झपटमारी और सड़क-अपराध की घटनाओं को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की संभावना है।