दिल्ली पुलिस ने चंद घंटों में लूट का मामला सुलझाया, दो अपराधी पकड़े गए
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने लूट के मामले को तेजी से सुलझाया।
- दो आदतन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस ने लूटी गई संपत्ति बरामद की।
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है।
- पुलिस की सक्रियता से अपराधियों को पकड़ा गया।
नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 थाने की पुलिस ने एक उल्लेखनीय कार्रवाई करते हुए लूट के मामले को चंद घंटों में सुलझा लिया। पुलिस ने इस मामले में दो आदतन अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से लूटा हुआ मोबाइल फोन तथा वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 मार्च को हुई जब मयूर विहार फेज-1 थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। कॉल में जानकारी दी गई थी कि नाला रोड पर स्थित सीएनजी पंप के पास एक युवती से मोबाइल फोन छीन लिया गया है। पीड़िता काजल ने बताया कि वह ड्यूटी के लिए ई-रिक्शा लेने जा रही थीं, तभी एक आरोपी ने पीछे से आकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया, जबकि दूसरा आरोपी उनकी सहायता कर रहा था।
इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। बाद में पीड़िता ने कहा कि एक आरोपी ने उसे चाकू दिखाकर धमकाया था, जिसके बाद संबंधित धाराएं जोड़ दी गईं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया, जो एसएचओ मयूर विहार के नेतृत्व और एसीपी मयूर विहार के मार्गदर्शन में कार्यरत थी। टीम में एसआई अजय शर्मा, हेड कांस्टेबल हाकम, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, कांस्टेबल संदीप और कांस्टेबल सुभाष शामिल थे।
पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच और स्थानीय सूत्रों की सहायता से आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को त्रिलोकपुरी के 26 ब्लॉक के पास कुड़ा खट्टा इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी अमन उर्फ कड़ा (22) के पास से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया, जबकि आरोपी फरमान (26) के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू मिला। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और आमतौर पर सुबह या देर शाम के समय अकेले चल रहे लोगों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाते हैं। वे जोड़ी में काम करते हैं, जिसमें एक व्यक्ति वारदात को अंजाम देता है जबकि दूसरा भागने में मदद करता है और डर पैदा करता है।
मुख्य आरोपी अमन के खिलाफ पहले भी चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। इस पूरे मामले की जांच अभी भी जारी है।