29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

द्वारका पुलिस ने 24 वर्षीय सचिन को किया गिरफ्तार, 3 चोरी के फोन और चांदी के गहने बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
द्वारका पुलिस ने 24 वर्षीय सचिन को किया गिरफ्तार, 3 चोरी के फोन और चांदी के गहने बरामद

सारांश

दिल्ली के डाबरी में एंटी-बर्गलरी सेल की घेराबंदी के बाद 24 वर्षीय सचिन को पकड़ा गया। आरोपी चोरी और सेंधमारी के 25 से अधिक मामलों में वांछित था और 'अमीर दिखने' की चाहत में अपराध का रास्ता चुना था।

मुख्य बातें

द्वारका एंटी-बर्गलरी सेल ने 26 सितंबर 2026 को डाबरी, महावीर एन्क्लेव से 24 वर्षीय सचिन को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से 3 चोरी के मोबाइल फोन , चांदी की पायल के 5 जोड़े और 2 चांदी के सिक्के बरामद हुए।
सचिन पर चोरी और सेंधमारी के 25 से अधिक मामले दर्ज हैं।
बरामद गहने डाबरी थाने में दर्ज ई-एफआईआर से मेल खाते हैं।
गिरफ्तारी DCP कुशल पाल सिंह के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत हुई।

द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के महावीर एन्क्लेव, डाबरी से 24 वर्षीय सचिन को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से तीन चोरी के मोबाइल फोन, चांदी की पायल के पाँच जोड़े और चांदी के दो सिक्के बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, सचिन चोरी और सेंधमारी के 25 से अधिक मामलों में शामिल रहा है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

26 सितंबर को एंटी-बर्गलरी सेल के हेड कॉन्स्टेबल रितेश कुमार को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी सचिन चोरी का सामान ठिकाने लगाने के लिए डाबरी के महावीर एन्क्लेव आने वाला है। यह सूचना एंटी-बर्गलरी सेल के इंचार्ज के साथ साझा की गई और इंस्पेक्टर बसंत कुमार की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस टीम महावीर एन्क्लेव पहुँची और पार्क की ओर जाने वाले रास्तों पर सादे कपड़ों में तैनात हो गई। कुछ देर बाद एक व्यक्ति महावीर विहार की दिशा से आता दिखा, जिसकी पहचान मुखबिर ने सचिन के रूप में की। रुकने का इशारा होते ही आरोपी पार्क के भीतर बने कमरों की तरफ भागने लगा, लेकिन कॉन्स्टेबल आशीष ने उसे पकड़ लिया।

बरामदगी और जाँच

आरोपी की तलाशी में तीन मोबाइल फोन और एक चांदी के नारियल आकार के कवर के भीतर पायल के पाँच जोड़े तथा दो चांदी के सिक्के मिले। पूछताछ में सचिन ने स्वीकार किया कि उसने ये गहने करीब सात-आठ दिन पहले रात में डाबरी के 25 फुटा रोड स्थित एक मकान से चुराए थे। पुलिस ने बताया कि बरामद सामान डाबरी थाने में दर्ज ई-एफआईआर में चोरी बताई गई संपत्ति से मेल खाता है।

अभियुक्त की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, विजय एन्क्लेव, डाबरी निवासी सचिन केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ा है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने दोस्तों को प्रभावित करने और तथाकथित 'बड़े आदमी' की छवि बनाने के लिए चोरी का रास्ता चुना। यह ऐसे समय में सामने आया है जब द्वारका जिले में सेंधमारी की घटनाओं में वृद्धि के मद्देनज़र विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस अभियान की पृष्ठभूमि

द्वारका के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) कुशल पाल सिंह के निर्देश पर जिले में चोरों और सेंधमारों के विरुद्ध एक विशेष अभियान जारी है। गौरतलब है कि इसी अभियान के तहत एंटी-बर्गलरी सेल सक्रिय रूप से गुप्त सूचनाओं पर कार्रवाई कर रही है। आगे की जाँच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के पास मिले तीन मोबाइल फोन किन मामलों से जुड़े हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ युवा 'सोशल स्टेटस' और दोस्तों में रसूख बनाने के लिए अपराध की राह चुन रहे हैं — यह केवल आर्थिक विपन्नता का मामला नहीं। डाबरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में सेंधमारी के बढ़ते मामले पुलिस के लिए चिंता का विषय हैं, और डीसीपी स्तर पर विशेष अभियान इसी दबाव का संकेत है। हालाँकि गिरफ्तारी उल्लेखनीय है, असली सवाल यह है कि क्या बरामद तीन मोबाइल फोन और गहने सभी 25 दर्ज मामलों से जोड़े जा सकेंगे — बाकी पीड़ितों को न्याय दिलाना अभी बाकी है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका पुलिस ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
द्वारका एंटी-बर्गलरी सेल ने 26 सितंबर 2026 को डाबरी के महावीर एन्क्लेव से 24 वर्षीय सचिन को गिरफ्तार किया। वह विजय एन्क्लेव, डाबरी का निवासी है।
आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने सचिन के पास से तीन चोरी के मोबाइल फोन, चांदी की पायल के पाँच जोड़े और दो चांदी के सिक्के बरामद किए। ये गहने डाबरी थाने में दर्ज ई-एफआईआर में उल्लिखित चोरी की संपत्ति से मेल खाते हैं।
सचिन ने चोरी क्यों की थी?
पूछताछ में सचिन ने बताया कि उसने दोस्तों को प्रभावित करने और अमीर जीवनशैली का दिखावा करने के लिए चोरी का रास्ता अपनाया। वह 10वीं कक्षा तक पढ़ा है।
सचिन पर कितने मामले दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार सचिन चोरी और सेंधमारी के 25 से अधिक मामलों में शामिल रहा है। आगे की जाँच जारी है।
यह गिरफ्तारी किस अभियान के तहत हुई?
यह गिरफ्तारी द्वारका के DCP कुशल पाल सिंह के निर्देश पर चल रहे विशेष एंटी-बर्गलरी अभियान के तहत हुई। इंस्पेक्टर बसंत कुमार की अगुवाई में गठित टीम ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले