दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह तोड़ा, ₹1.5 करोड़ की अवैध शराब बरामद, 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिले की टीम ने सोमवार, 18 मई को मेहरौली क्षेत्र में की गई कार्रवाई के बाद दिल्ली, गुरुग्राम और बेंगलुरु में फैले एक सुनियोजित अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस अभियान में कुल ₹1.5 करोड़ मूल्य की अवैध शराब बरामद की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह अवैध शराब को व्यावसायिक सामान की आड़ में रेलवे पार्सल के ज़रिए बेंगलुरु भेजता था।
मुख्य घटनाक्रम
शराब तस्करी की बार-बार हो रही घटनाओं के मद्देनजर मेहरौली पुलिस स्टेशन ने निरंतर निगरानी, गश्त और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद एक विशेष टीम गठित की। 18 मई को नियमित गश्त के दौरान पुलिस ने आरोपी अखिलेश कुमार सिंह द्वारा चलाई जा रही एक टेम्पो को रोका, जिसमें अवैध शराब के 63 बक्से लदे पाए गए। वाहन और शराब को तत्काल जब्त कर लिया गया।
पूछताछ में खुलासा
लंबी पूछताछ में अखिलेश कुमार सिंह ने स्वीकार किया कि वह सह-आरोपी उपेंद्र सिंह और उनके बेटे अंकित सिंह के निर्देश पर पैसों के बदले अवैध शराब ओखला रेलवे स्टेशन तक पहुँचाता था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के राजपुर खुर्द गाँव में उपेंद्र और अंकित के आवास पर छापा मारा, जहाँ अवैध शराब के 11 अतिरिक्त बक्से बरामद हुए और दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कहने पर एक कार से 6 और बक्से भी जब्त किए गए।
गिरोह का अंतरराज्यीय नेटवर्क
जाँच में सामने आया कि आरोपी गुरुग्राम निवासी मोहित से अवैध शराब खरीदते थे और जब्त टेम्पो के ज़रिए खेप को रेलवे पार्सल बुकिंग पॉइंट तक पहुँचाते थे। इसके बाद खेप को कथित तौर पर व्यावसायिक सामान की आड़ में बेंगलुरु भेजा जाता था। यह गिरोह कम से कम तीन राज्यों — दिल्ली, हरियाणा और कर्नाटक — में फैला हुआ था।
बेंगलुरु में समन्वित कार्रवाई
गिरोह के अंतरराज्यीय स्वरूप को देखते हुए एक विशेष पुलिस दल तत्काल बेंगलुरु भेजा गया। इस समन्वित अभियान में दल ने यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से अवैध शराब के 74 बक्से, जिनमें लगभग 1,118 बोतलें थीं, बरामद किए। बरामद शराब को कर्नाटक उत्पाद शुल्क विभाग को सौंप दिया गया और कर्नाटक उत्पाद शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार गुरुग्राम निवासी मोहित की भूमिका की जाँच जारी है और उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। गौरतलब है कि रेलवे पार्सल नेटवर्क का अवैध शराब तस्करी में दुरुपयोग एक उभरती हुई चिंता है, जिसे यह मामला एक बार फिर उजागर करता है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।