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दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह तोड़ा, ₹1.5 करोड़ की अवैध शराब बरामद, 3 गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह तोड़ा, ₹1.5 करोड़ की अवैध शराब बरामद, 3 गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की दक्षिण जिला टीम ने तीन राज्यों में फैले शराब तस्करी गिरोह को तोड़ा — मेहरौली से शुरू होकर बेंगलुरु के यशवंतपुर रेलवे स्टेशन तक। ₹1.5 करोड़ की अवैध शराब, 3 गिरफ्तार और रेलवे पार्सल नेटवर्क के दुरुपयोग का खुलासा।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिले ने 18 मई 2026 को मेहरौली में कार्रवाई कर अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
कुल ₹1.5 करोड़ मूल्य की अवैध शराब बरामद; आरोपी अखिलेश कुमार सिंह, उपेंद्र सिंह और अंकित सिंह गिरफ्तार।
गिरोह गुरुग्राम से शराब खरीदकर ओखला रेलवे स्टेशन के पार्सल बुकिंग पॉइंट के ज़रिए बेंगलुरु भेजता था।
बेंगलुरु के यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से 74 बक्से (लगभग 1,118 बोतलें ) बरामद; कर्नाटक उत्पाद शुल्क विभाग को सौंपी गई।
गुरुग्राम निवासी मोहित की भूमिका की जाँच जारी, अभी तक गिरफ्तारी नहीं।

दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिले की टीम ने सोमवार, 18 मई को मेहरौली क्षेत्र में की गई कार्रवाई के बाद दिल्ली, गुरुग्राम और बेंगलुरु में फैले एक सुनियोजित अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस अभियान में कुल ₹1.5 करोड़ मूल्य की अवैध शराब बरामद की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह अवैध शराब को व्यावसायिक सामान की आड़ में रेलवे पार्सल के ज़रिए बेंगलुरु भेजता था।

मुख्य घटनाक्रम

शराब तस्करी की बार-बार हो रही घटनाओं के मद्देनजर मेहरौली पुलिस स्टेशन ने निरंतर निगरानी, गश्त और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद एक विशेष टीम गठित की। 18 मई को नियमित गश्त के दौरान पुलिस ने आरोपी अखिलेश कुमार सिंह द्वारा चलाई जा रही एक टेम्पो को रोका, जिसमें अवैध शराब के 63 बक्से लदे पाए गए। वाहन और शराब को तत्काल जब्त कर लिया गया।

पूछताछ में खुलासा

लंबी पूछताछ में अखिलेश कुमार सिंह ने स्वीकार किया कि वह सह-आरोपी उपेंद्र सिंह और उनके बेटे अंकित सिंह के निर्देश पर पैसों के बदले अवैध शराब ओखला रेलवे स्टेशन तक पहुँचाता था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के राजपुर खुर्द गाँव में उपेंद्र और अंकित के आवास पर छापा मारा, जहाँ अवैध शराब के 11 अतिरिक्त बक्से बरामद हुए और दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कहने पर एक कार से 6 और बक्से भी जब्त किए गए।

गिरोह का अंतरराज्यीय नेटवर्क

जाँच में सामने आया कि आरोपी गुरुग्राम निवासी मोहित से अवैध शराब खरीदते थे और जब्त टेम्पो के ज़रिए खेप को रेलवे पार्सल बुकिंग पॉइंट तक पहुँचाते थे। इसके बाद खेप को कथित तौर पर व्यावसायिक सामान की आड़ में बेंगलुरु भेजा जाता था। यह गिरोह कम से कम तीन राज्यों — दिल्ली, हरियाणा और कर्नाटक — में फैला हुआ था।

बेंगलुरु में समन्वित कार्रवाई

गिरोह के अंतरराज्यीय स्वरूप को देखते हुए एक विशेष पुलिस दल तत्काल बेंगलुरु भेजा गया। इस समन्वित अभियान में दल ने यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से अवैध शराब के 74 बक्से, जिनमें लगभग 1,118 बोतलें थीं, बरामद किए। बरामद शराब को कर्नाटक उत्पाद शुल्क विभाग को सौंप दिया गया और कर्नाटक उत्पाद शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार गुरुग्राम निवासी मोहित की भूमिका की जाँच जारी है और उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। गौरतलब है कि रेलवे पार्सल नेटवर्क का अवैध शराब तस्करी में दुरुपयोग एक उभरती हुई चिंता है, जिसे यह मामला एक बार फिर उजागर करता है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका बार-बार अवैध माल ढुलाई में दुरुपयोग हो रहा है। तीन राज्यों में फैले इस गिरोह को तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को बेंगलुरु तक दल भेजना पड़ा, जो बताता है कि राज्य-स्तरीय उत्पाद शुल्क प्रवर्तन की सीमाएँ कहाँ हैं। गुरुग्राम के आपूर्तिकर्ता 'मोहित' का अभी तक गिरफ्तार न होना यह भी दर्शाता है कि गिरोह की जड़ें अभी पूरी तरह नहीं कटी हैं। जब तक रेलवे पार्सल बुकिंग में माल की जाँच का तंत्र मज़बूत नहीं होता, ऐसे नेटवर्क पकड़े जाने के बाद भी नए रूप में उभर सकते हैं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिले ने दिल्ली, गुरुग्राम और बेंगलुरु के बीच सक्रिय एक अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। गिरोह व्यावसायिक सामान की आड़ में रेलवे पार्सल के ज़रिए अवैध शराब बेंगलुरु भेजता था।
इस मामले में कितनी अवैध शराब बरामद हुई और कितने लोग गिरफ्तार हुए?
कुल ₹1.5 करोड़ मूल्य की अवैध शराब बरामद हुई, जिसमें दिल्ली से 80 बक्से और बेंगलुरु के यशवंतपुर रेलवे स्टेशन से 74 बक्से (लगभग 1,118 बोतलें) शामिल हैं। तीन आरोपी — अखिलेश कुमार सिंह, उपेंद्र सिंह और अंकित सिंह — गिरफ्तार किए गए।
गिरोह अवैध शराब कैसे भेजता था?
आरोपी गुरुग्राम से अवैध शराब खरीदकर टेम्पो के ज़रिए ओखला रेलवे स्टेशन के पार्सल बुकिंग पॉइंट तक पहुँचाते थे। वहाँ से खेप को व्यावसायिक सामान की आड़ में ट्रेन से बेंगलुरु भेजा जाता था।
बेंगलुरु में बरामद शराब का क्या हुआ?
यशवंतपुर रेलवे स्टेशन पर बरामद 74 बक्से अवैध शराब को कर्नाटक उत्पाद शुल्क विभाग को सौंप दिया गया। कर्नाटक उत्पाद शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
क्या गिरोह के सभी सदस्य गिरफ्तार हो गए हैं?
अभी तक तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन गुरुग्राम निवासी मोहित — जो गिरोह को शराब की आपूर्ति करता था — अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार उसकी भूमिका की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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