दिल्ली पूर्वी जिले में साइबर ठगी गिरोह के 5 गिरफ्तार, ₹3.40 लाख की धोखाधड़ी; शराब तस्कर भी दबोचा

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दिल्ली पूर्वी जिले में साइबर ठगी गिरोह के 5 गिरफ्तार, ₹3.40 लाख की धोखाधड़ी; शराब तस्कर भी दबोचा

सारांश

दिल्ली पूर्वी जिले की पुलिस ने एक ही दिन में दो अलग-अलग मोर्चों पर बड़ी सफलता पाई — ऑनलाइन निवेश के नाम पर ₹3.40 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्य उत्तराखंड से दबोचे गए, तो कल्याणपुरी में 120 लीटर हरियाणा लेबल वाली अवैध शराब के साथ एक 19 वर्षीय तस्कर भी गिरफ्तार हुआ।

मुख्य बातें

दिल्ली पूर्वी जिला पुलिस ने 5 मई 2026 को दो मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के 5 सदस्य उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से पकड़े गए; 5 मोबाइल फोन बरामद।
गिरोह ने मैसेजिंग ऐप और म्यूल बैंक अकाउंट के ज़रिए ₹3 लाख 40 हजार से अधिक की ठगी की।
कल्याणपुरी में 19 वर्षीय राहुल के पास से 120 लीटर अवैध शराब व बीयर बरामद; शराब पर हरियाणा बिक्री लेबल।
दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश।

दिल्ली के पूर्वी जिले की पुलिस ने 5 मई 2026 को दो अलग-अलग मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया और एक अवैध शराब तस्कर को भी हिरासत में लिया। इन दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है तथा बड़ी मात्रा में अवैध सामान व डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़

पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने ऑनलाइन निवेश और टास्क-आधारित योजनाओं के नाम पर देशभर में लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। पाँचों आरोपियों को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से पकड़ा गया और उनके पास से पाँच मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मैसेजिंग ऐप के ज़रिए लोगों को निवेश का लालच देता था। पहले पीड़ितों को छोटे-छोटे मुनाफे दिखाकर विश्वास में लिया जाता था, फिर बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली जाती थी। इसके बाद उन पैसों को कई खातों के ज़रिए घुमाकर छिपा दिया जाता था ताकि जाँच एजेंसियाँ उन्हें ट्रेस न कर सकें।

पुलिस के अनुसार, इस ठगी में ₹3 लाख 40 हजार से अधिक की राशि शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे और बदले में कमीशन लेते थे। यह नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था और संगठित तरीके से संचालित होता था।

अवैध शराब तस्करी में 19 वर्षीय गिरफ्तार

दूसरे मामले में पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ ने कल्याणपुरी इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान 19 वर्षीय राहुल को अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से लगभग 120 लीटर अवैध शराब और बीयर बरामद की गई।

जब्त शराब पर हरियाणा में बिक्री के लिए लेबल लगा हुआ था, जिससे पुलिस को संदेह है कि यह किसी संगठित अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। आरोपी को मौके पर ही शराब बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया और बाद में उसने अवैध कारोबार में संलिप्तता स्वीकार की।

आगे की जाँच जारी

पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में जाँच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साइबर ठगी मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों और म्यूल खाताधारकों की पहचान के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जाँच की जा रही है। शराब तस्करी मामले में पूरे सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस साइबर अपराध और अवैध शराब व्यापार दोनों पर विशेष अभियान चला रही है। गौरतलब है कि म्यूल बैंक अकाउंट के ज़रिए ठगी के मामले हाल के महीनों में तेज़ी से बढ़े हैं और यह पूरे देश में एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह हिमशैल की नोक है; असली नुकसान उन सैकड़ों पीड़ितों का है जो शर्म या जागरूकता की कमी के चलते शिकायत ही नहीं करते। कल्याणपुरी की शराब तस्करी में हरियाणा लेबल का मिलना एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसकी जड़ें अभी तक उखाड़ी नहीं गई हैं। दोनों मामले यह भी रेखांकित करते हैं कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं — जब तक डिजिटल वित्तीय प्रवाह और सप्लाई चेन की पूरी जाँच न हो, ऐसे गिरोह फिर खड़े हो जाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में पकड़े गए साइबर ठगी गिरोह ने कैसे काम किया?
यह गिरोह मैसेजिंग ऐप के ज़रिए लोगों को ऑनलाइन निवेश और टास्क-आधारित योजनाओं का लालच देता था। पहले छोटे मुनाफे दिखाकर विश्वास जीता जाता था, फिर बड़ी रकम म्यूल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाकर कई खातों के ज़रिए छिपा दी जाती थी।
इस साइबर ठगी में कितनी राशि की धोखाधड़ी हुई?
पुलिस के अनुसार इस मामले में ₹3 लाख 40 हजार से अधिक की राशि की ठगी शामिल है। आरोपियों ने म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने के बदले कमीशन लेने की बात पूछताछ में स्वीकार की।
म्यूल बैंक अकाउंट क्या होता है और यह साइबर ठगी में कैसे इस्तेमाल होता है?
म्यूल बैंक अकाउंट वे खाते होते हैं जो किसी तीसरे व्यक्ति के नाम पर खुले होते हैं और ठगी की रकम को इनके ज़रिए घुमाया जाता है ताकि असली अपराधियों तक पहुँचना मुश्किल हो। इस मामले में आरोपी ऐसे खाते उपलब्ध कराने के बदले कमीशन ले रहे थे।
कल्याणपुरी में जब्त अवैध शराब कहाँ से आई थी?
जब्त की गई लगभग 120 लीटर शराब और बीयर पर हरियाणा में बिक्री के लिए लेबल लगा हुआ था। पुलिस को संदेह है कि यह किसी संगठित अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जिसकी जाँच जारी है।
दिल्ली पुलिस ने आगे क्या कार्रवाई की योजना बनाई है?
पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में जाँच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साइबर मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जाँच और शराब तस्करी मामले में पूरे सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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