दिल्ली के पहले CM चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार, 16 जून 2026 को राष्ट्रीय राजधानी के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित इस स्मृति समारोह में गुप्ता ने चौधरी ब्रह्म प्रकाश की दूरदर्शिता, निर्भीकता और जन-सेवा की भावना को आधुनिक दिल्ली की नींव बताया।
आधुनिक दिल्ली के निर्माता
समारोह को संबोधित करते हुए स्पीकर गुप्ता ने कहा, 'चौधरी ब्रह्म प्रकाश के असाधारण योगदान को माने बिना आधुनिक दिल्ली की कहानी नहीं लिखी जा सकती।' उन्होंने रेखांकित किया कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने अत्यंत कम आयु में ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए खुद को समर्पित कर दिया था और किसी राजनीतिक पद या व्यक्तिगत लाभ की कामना के बिना ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष में कूद पड़े थे।
गुप्ता ने कहा कि उस दौर में जब औपनिवेशिक सत्ता का सामना करना जीवन के लिए जोखिम था, चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने असाधारण साहस का परिचय दिया। उनका सार्वजनिक जीवन में प्रवेश केवल देश की आज़ादी के लक्ष्य से प्रेरित था।
सादगी और सिद्धांतों पर आधारित जीवन
स्पीकर ने बताया कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने दिल्ली के विकास, किसानों के कल्याण और राष्ट्रीय मुद्दों के समाधान के लिए अथक परिश्रम करते हुए भी सदा सादगी और सिद्धांतनिष्ठ जीवन जिया। सत्ता के पदों पर रहते हुए भी उन्होंने कभी संघर्ष का मार्ग नहीं छोड़ा और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनाए गए आदर्शों पर अडिग रहे।
गुप्ता ने कहा कि साहस और दृढ़ विश्वास चौधरी ब्रह्म प्रकाश के व्यक्तित्व की मूल विशेषताएँ थीं, और उनके हर कार्य में उन नागरिकों के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना झलकती थी जिनका वे प्रतिनिधित्व करते थे।
नेहरू से मतभेद — निर्भीक आवाज़
तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों के साथ चौधरी ब्रह्म प्रकाश के मतभेदों का उल्लेख करते हुए स्पीकर गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में नेहरू के विशाल कद के बावजूद चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने जब भी दिल्ली और वहाँ के लोगों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक समझा, अपनी चिंताएँ निर्भीकता से व्यक्त कीं। यह उनकी स्वतंत्र सोच और जन-प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
प्रतिमा और अटल बिहारी वाजपेयी का संदर्भ
दिल्ली विधानसभा परिसर में स्थापित चौधरी ब्रह्म प्रकाश की प्रतिमा का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा कि यह सम्मान उस अपार आदर और पहचान को दर्शाता है जो उन्होंने जीवन भर की निःस्वार्थ सेवा से अर्जित की। उन्होंने यह भी बताया कि तत्कालीन विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वयं दिल्ली विधानसभा परिसर आकर इस प्रतिमा का उद्घाटन किया था और चौधरी ब्रह्म प्रकाश को श्रद्धांजलि दी थी — जो दलगत सीमाओं से परे उनकी स्वीकार्यता को रेखांकित करता है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस जयंती समारोह में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट, भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा और राजकुमार भाटिया के साथ-साथ चौधरी ब्रह्म प्रकाश के परिवार के सदस्य और निकट संबंधी भी उपस्थित रहे। यह आयोजन दिल्ली के राजनीतिक इतिहास के एक अविस्मरणीय अध्याय को जीवंत करने का अवसर बना। आने वाली पीढ़ियों को चौधरी ब्रह्म प्रकाश के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा मिलती रहे, यही इस स्मृति समारोह का संदेश था।