10 अगस्त 2026
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दिल्ली के पहले CM चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दी श्रद्धांजलि

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दिल्ली के पहले CM चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

दिल्ली विधानसभा परिसर में चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें आधुनिक दिल्ली का शिल्पकार बताया। नेहरू से मतभेद के बावजूद निर्भीक रहे इस नेता की प्रतिमा का उद्घाटन कभी अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था — दलगत सम्मान का दुर्लभ उदाहरण।

मुख्य बातें

दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 16 जून 2026 को चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित हुआ; डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट , विधायक ओम प्रकाश शर्मा व राजकुमार भाटिया उपस्थित रहे।
गुप्ता ने कहा कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश के योगदान के बिना आधुनिक दिल्ली की कहानी अधूरी है।
तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मतभेद के बावजूद चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने दिल्ली के हितों पर कभी समझौता नहीं किया।
विधानसभा परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा का उद्घाटन तत्कालीन विपक्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था।

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार, 16 जून 2026 को राष्ट्रीय राजधानी के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित इस स्मृति समारोह में गुप्ता ने चौधरी ब्रह्म प्रकाश की दूरदर्शिता, निर्भीकता और जन-सेवा की भावना को आधुनिक दिल्ली की नींव बताया।

आधुनिक दिल्ली के निर्माता

समारोह को संबोधित करते हुए स्पीकर गुप्ता ने कहा, 'चौधरी ब्रह्म प्रकाश के असाधारण योगदान को माने बिना आधुनिक दिल्ली की कहानी नहीं लिखी जा सकती।' उन्होंने रेखांकित किया कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने अत्यंत कम आयु में ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए खुद को समर्पित कर दिया था और किसी राजनीतिक पद या व्यक्तिगत लाभ की कामना के बिना ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष में कूद पड़े थे।

गुप्ता ने कहा कि उस दौर में जब औपनिवेशिक सत्ता का सामना करना जीवन के लिए जोखिम था, चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने असाधारण साहस का परिचय दिया। उनका सार्वजनिक जीवन में प्रवेश केवल देश की आज़ादी के लक्ष्य से प्रेरित था।

सादगी और सिद्धांतों पर आधारित जीवन

स्पीकर ने बताया कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने दिल्ली के विकास, किसानों के कल्याण और राष्ट्रीय मुद्दों के समाधान के लिए अथक परिश्रम करते हुए भी सदा सादगी और सिद्धांतनिष्ठ जीवन जिया। सत्ता के पदों पर रहते हुए भी उन्होंने कभी संघर्ष का मार्ग नहीं छोड़ा और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनाए गए आदर्शों पर अडिग रहे।

गुप्ता ने कहा कि साहस और दृढ़ विश्वास चौधरी ब्रह्म प्रकाश के व्यक्तित्व की मूल विशेषताएँ थीं, और उनके हर कार्य में उन नागरिकों के प्रति गहरी जिम्मेदारी की भावना झलकती थी जिनका वे प्रतिनिधित्व करते थे।

नेहरू से मतभेद — निर्भीक आवाज़

तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों के साथ चौधरी ब्रह्म प्रकाश के मतभेदों का उल्लेख करते हुए स्पीकर गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में नेहरू के विशाल कद के बावजूद चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने जब भी दिल्ली और वहाँ के लोगों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक समझा, अपनी चिंताएँ निर्भीकता से व्यक्त कीं। यह उनकी स्वतंत्र सोच और जन-प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

प्रतिमा और अटल बिहारी वाजपेयी का संदर्भ

दिल्ली विधानसभा परिसर में स्थापित चौधरी ब्रह्म प्रकाश की प्रतिमा का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा कि यह सम्मान उस अपार आदर और पहचान को दर्शाता है जो उन्होंने जीवन भर की निःस्वार्थ सेवा से अर्जित की। उन्होंने यह भी बताया कि तत्कालीन विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वयं दिल्ली विधानसभा परिसर आकर इस प्रतिमा का उद्घाटन किया था और चौधरी ब्रह्म प्रकाश को श्रद्धांजलि दी थी — जो दलगत सीमाओं से परे उनकी स्वीकार्यता को रेखांकित करता है।

समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस जयंती समारोह में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट, भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा और राजकुमार भाटिया के साथ-साथ चौधरी ब्रह्म प्रकाश के परिवार के सदस्य और निकट संबंधी भी उपस्थित रहे। यह आयोजन दिल्ली के राजनीतिक इतिहास के एक अविस्मरणीय अध्याय को जीवंत करने का अवसर बना। आने वाली पीढ़ियों को चौधरी ब्रह्म प्रकाश के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा मिलती रहे, यही इस स्मृति समारोह का संदेश था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। दिलचस्प यह है कि एक कांग्रेसी नेता की प्रतिमा का उद्घाटन अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था — यह दलगत सम्मान की वह परंपरा है जो आज की राजनीति में दुर्लभ हो चली है। नेहरू से मतभेद का उल्लेख करना भी संयोग नहीं लगता; यह एक ऐसे नेता को रेखांकित करने की कोशिश है जो सत्ता-केंद्र से टकराने में नहीं हिचका। असली सवाल यह है कि क्या ऐसे स्मृति समारोह केवल प्रतीकात्मक रहेंगे, या दिल्ली की शासन-व्यवस्था में उनके मूल्यों को व्यावहारिक रूप भी मिलेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौधरी ब्रह्म प्रकाश कौन थे?
चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में दिल्ली के विकास, किसान कल्याण तथा राष्ट्रीय मुद्दों पर अथक कार्य किया। वे सादगी और सिद्धांतनिष्ठा के लिए जाने जाते थे।
चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती समारोह कहाँ और कब हुआ?
यह समारोह 16 जून 2026 को दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य संबोधन दिया।
दिल्ली विधानसभा में चौधरी ब्रह्म प्रकाश की प्रतिमा का उद्घाटन किसने किया था?
दिल्ली विधानसभा परिसर में स्थापित चौधरी ब्रह्म प्रकाश की प्रतिमा का उद्घाटन तत्कालीन विपक्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, जो दलगत सीमाओं से परे उनके सम्मान को दर्शाता है।
नेहरू से चौधरी ब्रह्म प्रकाश के मतभेद किस बारे में थे?
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के अनुसार, जब भी चौधरी ब्रह्म प्रकाश को लगा कि दिल्ली और वहाँ के लोगों के हित दाँव पर हैं, उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों पर अपनी असहमति निर्भीकता से व्यक्त की — चाहे नेहरू का राष्ट्रीय राजनीति में कद कितना भी बड़ा क्यों न हो।
जयंती समारोह में कौन-कौन से प्रमुख लोग शामिल हुए?
समारोह में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता, डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट, भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा और राजकुमार भाटिया के साथ-साथ चौधरी ब्रह्म प्रकाश के परिवार के सदस्य और निकट संबंधी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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