26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र गिरफ्तार: ₹20 लाख का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, सत्यवती कॉलेज से जुड़ा मामला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र गिरफ्तार: ₹20 लाख का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, सत्यवती कॉलेज से जुड़ा मामला

सारांश

दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज का बीए अंतिम वर्ष का छात्र ₹20 लाख के हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ पकड़ा गया — कॉलेज परिसर के भीतर भी नशे की आपूर्ति का आरोप। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

जसीम सियादुल फरसान (22 वर्ष), सत्यवती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के बीए अंतिम वर्ष के छात्र, को 9 जून को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी के पास से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद; अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग ₹20 लाख ।
गिरफ्तारी विजय नगर डबल स्टोरी इलाके में नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने की।
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कॉलेज के अन्य छात्रों को भी नशे की आपूर्ति करता था।
थाना मॉडल टाउन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज; सप्लाई नेटवर्क की जाँच जारी।

नई दिल्ली के विजय नगर इलाके में 9 जून को नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज के एक छात्र को हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग ₹20 लाख बताई जा रही है।

गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विजय नगर डबल स्टोरी इलाके में एक युवक उच्च-गुणवत्ता वाले प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर एक विशेष टीम गठित की गई और कार्रवाई में 22 वर्षीय जसीम सियादुल फरसान को मौके पर गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया।

आरोपी की पृष्ठभूमि

जाँच में सामने आया कि जसीम सियादुल फरसान दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष (आठवें सेमेस्टर) का छात्र है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह जल्दी पैसे कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में शामिल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, वह न केवल स्वयं इस कारोबार में सक्रिय था, बल्कि कॉलेज के अन्य छात्रों को भी नशे की आपूर्ति करता था।

हाइड्रोपोनिक गांजा क्यों है खतरनाक

डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट आकांक्षा यादव ने बताया कि हाइड्रोपोनिक गांजा एक उच्च-गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित मादक पदार्थ है, जिसकी बाज़ार में भारी माँग रहती है। यह पारंपरिक गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है और युवाओं में तेज़ी से फैल रहा है। गौरतलब है कि इस तरह के उच्च-मूल्य नशीले पदार्थों की शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास बढ़ती उपस्थिति कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच

थाना मॉडल टाउन में आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उसके सप्लाई नेटवर्क, मादक पदार्थ के स्रोत और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी है। फिलहाल जसीम पुलिस हिरासत में है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तस्करों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उच्च-शक्ति नशीले पदार्थ अब शैक्षणिक परिसरों के भीतर तक पहुँच चुके हैं। हाइड्रोपोनिक गांजा पारंपरिक नशे से कहीं अधिक महँगा और प्रभावशाली होता है, जो यह दर्शाता है कि सप्लाई चेन अब परिष्कृत और संगठित हो चुकी है। सिर्फ तस्कर को पकड़ना पर्याप्त नहीं — असली प्रश्न यह है कि यह नेटवर्क कहाँ से संचालित होता है और क्या कॉलेज प्रशासन के पास ऐसे संकेतों को पहचानने की कोई व्यवस्था है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र की गिरफ्तारी किस मामले में हुई?
सत्यवती कॉलेज के बीए अंतिम वर्ष के छात्र जसीम सियादुल फरसान को 9 जून को हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग ₹20 लाख बताई जा रही है।
हाइड्रोपोनिक गांजा क्या होता है और यह इतना महँगा क्यों है?
हाइड्रोपोनिक गांजा मिट्टी के बजाय पानी और पोषक तत्वों के घोल में उगाया जाता है, जिससे यह पारंपरिक गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है। डीसीपी आकांक्षा यादव के अनुसार, इसकी बाज़ार में भारी माँग रहती है, इसीलिए इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बहुत अधिक होती है।
आरोपी के खिलाफ कौन-सी धारा में मामला दर्ज हुआ है?
थाना मॉडल टाउन में आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज एक्ट) की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा गांजे सहित अन्य नशीले पदार्थों के उत्पादन, बिक्री और तस्करी से संबंधित है।
क्या आरोपी कॉलेज के अन्य छात्रों को भी नशा बेचता था?
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कॉलेज के अन्य छात्रों को भी माँग के अनुसार ड्रग्स उपलब्ध कराता था। पुलिस अब उसके पूरे सप्लाई नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की जाँच कर रही है।
दिल्ली पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
पुलिस आरोपी के मादक पदार्थ के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाले तस्करों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले