दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र गिरफ्तार: ₹20 लाख का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, सत्यवती कॉलेज से जुड़ा मामला
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के विजय नगर इलाके में 9 जून को नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज के एक छात्र को हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग ₹20 लाख बताई जा रही है।
गिरफ्तारी कैसे हुई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विजय नगर डबल स्टोरी इलाके में एक युवक उच्च-गुणवत्ता वाले प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर एक विशेष टीम गठित की गई और कार्रवाई में 22 वर्षीय जसीम सियादुल फरसान को मौके पर गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 195 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
जाँच में सामने आया कि जसीम सियादुल फरसान दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष (आठवें सेमेस्टर) का छात्र है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह जल्दी पैसे कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में शामिल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, वह न केवल स्वयं इस कारोबार में सक्रिय था, बल्कि कॉलेज के अन्य छात्रों को भी नशे की आपूर्ति करता था।
हाइड्रोपोनिक गांजा क्यों है खतरनाक
डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट आकांक्षा यादव ने बताया कि हाइड्रोपोनिक गांजा एक उच्च-गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित मादक पदार्थ है, जिसकी बाज़ार में भारी माँग रहती है। यह पारंपरिक गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है और युवाओं में तेज़ी से फैल रहा है। गौरतलब है कि इस तरह के उच्च-मूल्य नशीले पदार्थों की शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास बढ़ती उपस्थिति कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच
थाना मॉडल टाउन में आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उसके सप्लाई नेटवर्क, मादक पदार्थ के स्रोत और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी है। फिलहाल जसीम पुलिस हिरासत में है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तस्करों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।