क्या दिल्ली विधानसभा अब पेपरलेस हो गई है? ई-विधानसभा का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने किया

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क्या दिल्ली विधानसभा अब पेपरलेस हो गई है? ई-विधानसभा का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने किया

सारांश

दिल्ली विधानसभा ने पेपरलेस प्रणाली में कदम रखा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ई-विधानसभा का शुभारंभ किया, जो डिजिटल इंडिया के तहत एक नई शुरुआत है। यह कदम विधायी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाएगा।

मुख्य बातें

दिल्ली विधानसभा ने पेपरलेस प्रणाली को अपनाया।
केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने इसका शुभारंभ किया।
यह डिजिटल इंडिया के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है।
विधायी प्रक्रियाएं अब अधिक पारदर्शी होंगी।
दिल्ली विधानसभा को नौ करोड़ रुपए का बजट मिला।

नई दिल्ली, 14 जून (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा ने अब पूरी तरह से पेपरलेस प्रणाली में प्रवेश कर लिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने शनिवार को विधानसभा भवन में ई-विधानसभा का औपचारिक शुभारंभ किया।

इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उप सभापति मोहन सिंह बिष्ट और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "दिल्ली विधानसभा में ई-विधान परियोजना की स्थापना विधायी दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग की दिशा में एक सराहनीय कदम है।"

उन्होंने आगे कहा, "अब मैं कह सकता हूं कि दिल्ली को एक उत्तरदायी सरकार मिलने जा रही है। नौ करोड़ रुपए की मंजूरी के साथ 108 दिन के भीतर ई-विधान प्रणाली लागू की जा रही है।"

उन्होंने यह भी बताया, "यह आयोजन विधायी शासन के डिजिटलीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। कई राज्यों ने पहले ही ई-विधान प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया है और दिल्ली का इस राष्ट्रीय पहल में शामिल होना बहुत उत्साहजनक है। मुझे इस प्रगतिशील विकास का हिस्सा बनकर खुशी हो रही है। मैं चाहता हूं कि दिल्ली विधानसभा एक आदर्श विधानसभा बने और यह पहल निश्चित रूप से उस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी।"

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, "यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।" उन्होंने बताया कि दिल्ली विधानसभा अब नेशनल ई-विधानसभा पोर्टल से जुड़ गई है और आगामी मानसून सत्र पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा।

यह उल्लेखनीय है कि ई-विधान प्रणाली के तहत विधानसभा की कार्यवाही, प्रश्नोत्तर, नोटिस, दस्तावेज और अन्य आवश्यक कार्य अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही उपलब्ध होंगे। इससे न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि कार्य प्रणाली भी अधिक पारदर्शी और सुगम बनेगी। केंद्र सरकार ने इस पहल के लिए दिल्ली विधानसभा को नौ करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है।

अधिकारियों के अनुसार, अगले 30 दिन में मानसून सत्र की सभी तैयारियां डिजिटल रूप में पूरी कर ली जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिकों के लिए भी जानकारी को सुलभ बनाएगा। यह पहल अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बनेगी और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने में मदद करेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-विधानसभा प्रणाली क्या है?
ई-विधानसभा प्रणाली एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से विधानसभा की कार्यवाहियां, दस्तावेज और प्रश्नोत्तरी अब कागज के बिना संचालित की जाएंगी।
इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य विधायी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना है।
कितने बजट का आवंटन किया गया है?
इस पहल के लिए दिल्ली विधानसभा को नौ करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
यह प्रणाली कब लागू होगी?
यह प्रणाली 108 दिनों के भीतर लागू की जाएगी।
क्या यह अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगी?
हाँ, दिल्ली का यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बनेगा।
राष्ट्र प्रेस