दिल्ली के ग्रीन बजट से विकास, पर्यावरण और महिलाओं को मिलेगी नई शक्ति: मनजिंदर सिंह सिरसा
सारांश
Key Takeaways
- बजट का कुल प्रावधान 1,03,700 करोड़ रुपए है।
- 21 प्रतिशत ग्रीन पहलों के लिए आवंटित किया गया है।
- महिलाओं को 1,000 ई-ऑटो लाइसेंस दिए जाएंगे।
- साइकिल वितरण और लैपटॉप योजना का संचालन होगा।
- गिग वर्कर्स के लिए अटल कैंटीनों की व्यवस्था की जाएगी।
नई दिल्ली, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत 2026-27 के बजट को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट दिल्ली के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश किए गए बजट की सराहना की, जिसमें लगभग 1,03,700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मंत्री सिरसा ने कहा कि यह बजट दिल्ली के लिए बेहद ऐतिहासिक है। पिछले वर्ष जब हमने 1 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था, तब सीएम रेखा गुप्ता से सवाल किए जा रहे थे, कि पैसा कैसे आएगा और कहाँ खर्च होगा। लेकिन सीएम रेखा गुप्ता के अनुभव ने दिखाया कि 1 लाख करोड़ रुपए का बजट सफलतापूर्वक लागू किया गया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1.03 लाख करोड़ रुपए का बजट दिल्ली के विकास को नई गति प्रदान करेगा और शहर के बुनियादी ढांचे को और भी मजबूत करेगा।
पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि यह दिल्ली का ग्रीन बजट है। दिल्ली में सभी आने वाले प्रोजेक्ट्स, चाहे वह ई-वेस्ट, रोड ट्रांसपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर या मेट्रो से संबंधित हों, में पौधारोपण को जोड़कर एनवायरमेंट फ्रेंडली बनाने की पहली कोशिश की गई है। बजट में कुल 21 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन पहलों के लिए आवंटित किया गया है, जो प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास को बढ़ावा देगा।
महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1,000 नए ई-ऑटो के लाइसेंस दिए जाएंगे, जिससे उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में ढाई करोड़ सेनेटरी पैड्स उपलब्ध कराने की पहल को उन्होंने महिला स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंत्री सिरसा ने छात्राओं के लिए साइकिल वितरण, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान करने तथा अस्पतालों में आईसीयू बेड्स की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी पहलों का उल्लेख किया। ये कदम न केवल बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे, बल्कि सेवा वितरण की पारदर्शिता और दक्षता को भी मजबूत करेंगे।
रोजगार और गिग इकॉनमी के संदर्भ में उन्होंने बताया कि सरकार गिग वर्कर्स के लिए बेहतर कार्य-परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अटल कैंटीनों के माध्यम से उनके लिए विश्राम, भोजन और चार्जिंग जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, ऑटो और टैक्सी चालकों तथा गिग वर्कर्स के लिए समर्पित बोर्ड गठित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
अपने वक्तव्य के अंत में मंत्री ने विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खेदजनक है कि विपक्ष इस बजट की सकारात्मकता और दूरगामी प्रभाव को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की लगभग 75 प्रतिशत बजट आवश्यकताएं स्वयं के राजस्व संग्रह से पूरी होती हैं, जो वित्तीय प्रबंधन की मजबूती को दर्शाता है। जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल सामाजिक न्याय बल्कि आर्थिक स्थिरता और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट करता है।