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जयराम रमेश का बड़ा दावा: 'देश के चुनाव निष्पक्ष नहीं, CEC और सरकार के बीच मैच फिक्सिंग'

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जयराम रमेश का बड़ा दावा: 'देश के चुनाव निष्पक्ष नहीं, CEC और सरकार के बीच मैच फिक्सिंग'

सारांश

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि देश के चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं और SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए। पार्टी ने CEC के इस्तीफे और SIR निलंबन की माँग की।

मुख्य बातें

जयराम रमेश ने दावा किया कि देश में हो रहे चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं और सरकार व CEC ज्ञानेश कुमार के बीच 'मैच फिक्सिंग' जैसी व्यवस्था है।
केसी वेणुगोपाल के अनुसार, SIR के दौरान मतदाता सूची से 13 करोड़ 30 लाख से अधिक नाम हटाए गए।
सोमवार को देशभर के 800 जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी बैठक में पिछले दो वर्षों से उठाए जा रहे 'वोट चोरी' मुद्दे को दोहराया।
कांग्रेस ने CEC के तत्काल इस्तीफे, SIR निलंबन और हटाए गए नामों की बहाली की माँग की।

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में यह दावा किया कि देश में हो रहे चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं और सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच 'मैच फिक्सिंग' जैसी व्यवस्था कायम है। यह बयान कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की मंगलवार को हुई बैठक के तुरंत बाद आया।

सीडब्ल्यूसी बैठक और राहुल गांधी के मुद्दे

जयराम रमेश ने बताया कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में 'वोट चोरी' के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। रमेश के अनुसार, राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से इस विषय को लगातार उठाते आ रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा चुनाव, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखी।

रमेश ने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी' से संबंधित जो कानून और अधिनियम सरकार द्वारा पारित किए गए हैं, वे सभी उनके अनुसार गैरकानूनी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल विरोध तक सीमित नहीं, बल्कि यह 'प्रतिरोध की राजनीति' भी है — संसद के भीतर और सड़कों पर।

वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम हटाने का दावा

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि आँकड़ों के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से 13 करोड़ 30 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इन मतदाताओं तक जमीनी स्तर पर पहुँचने के लिए एक सुव्यवस्थित अभियान चलाएगी।

वेणुगोपाल ने यह भी बताया कि सोमवार को देशभर के 800 जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया, जिसमें वरिष्ठ नेता, जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) अध्यक्ष और राज्यों के नेता सड़कों पर उतरे।

लाहौर अधिवेशन का संदर्भ और ऐतिहासिक समानांतर

वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी ने बैठक में 1930 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का संदर्भ दिया। उस समय जब ब्रिटिश सरकार ने प्रांतीय स्वायत्तता देने से इनकार किया था, तब कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज' के लिए आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना की तुलना वर्तमान स्थिति से करते हुए कहा कि जब सरकार जनता की आवाज़ को अनदेखा करती है, तो लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली पार्टियों के पास शांतिपूर्ण विरोध के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचता।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद पहले से गहरा है।

कांग्रेस की प्रमुख माँगें

प्रेस वार्ता में कांग्रेस की ओर से तीन स्पष्ट माँगें रखी गईं। पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा, जिनके बारे में पार्टी का दावा है कि उन्होंने अपनी नैतिक और संस्थागत विश्वसनीयता खो दी है। दूसरी, SIR प्रक्रिया को तत्काल निलंबित किया जाए क्योंकि उसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक वैधता पर गंभीर सवाल हैं। तीसरी, मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नामों को तत्काल बहाल किया जाए।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह पूरे देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और आंदोलनों के माध्यम से अपना विरोध जारी रखेगी। पार्टी एक व्यापक जन-संपर्क अभियान भी चलाने की योजना बना रही है, जिसके तहत उन मतदाताओं तक पहुँचा जाएगा जिनके नाम कथित तौर पर सूची से हटाए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनाव आयोग की चुप्पी और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी विपक्ष को यह नैरेटिव बनाए रखने की जगह देती है। जब तक आयोग संख्याओं के साथ सार्वजनिक जवाब नहीं देता, तब तक लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर यह बहस जारी रहेगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम रमेश ने चुनाव निष्पक्षता पर क्या दावा किया?
जयराम रमेश ने 29 सितंबर 2026 को CWC बैठक के बाद दावा किया कि देश में हो रहे चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं और सरकार व मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच 'मैच फिक्सिंग' जैसी व्यवस्था है। उन्होंने कर्नाटक, हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों का विशेष उल्लेख किया।
SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ नाम हटाने का दावा क्या है?
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से 13 करोड़ 30 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। पार्टी ने इन मतदाताओं तक पहुँचने के लिए एक सुव्यवस्थित अभियान चलाने की घोषणा की है।
कांग्रेस की मुख्य माँगें क्या हैं?
कांग्रेस ने तीन माँगें रखी हैं — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को तुरंत निलंबित किया जाए, और सूची से हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नामों को तत्काल बहाल किया जाए।
राहुल गांधी ने 1930 के लाहौर अधिवेशन का संदर्भ क्यों दिया?
केसी वेणुगोपाल के अनुसार, राहुल गांधी ने CWC बैठक में 1930 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का उल्लेख यह बताने के लिए किया कि जब सत्ता जनता की आवाज़ अनदेखा करे, तो शांतिपूर्ण आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचता है। यह संदर्भ 'पूर्ण स्वराज' आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत से कांग्रेस के मौजूदा विरोध को जोड़ने का प्रयास था।
कांग्रेस आगे क्या कदम उठाने वाली है?
पार्टी ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और आंदोलनों को जारी रखने की घोषणा की है। इसके अलावा, जमीनी स्तर पर उन मतदाताओं तक पहुँचने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा जिनके नाम कथित तौर पर SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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