पीएम मोदी की विदेश यात्रा देशहित में, यूएई से तेल-गैस समझौते की उम्मीद: प्रियंका चतुर्वेदी
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार, 15 मई को मुंबई में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूरोप और यूएई यात्रा देश के हित में है, और उम्मीद है कि इससे भारत की तेल-गैस ज़रूरतों का समाधान निकलेगा। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार, महंगाई और पाकिस्तान नीति को लेकर कड़ा हमला बोला।
पीएम मोदी की विदेश यात्रा पर रुख
चतुर्वेदी ने कहा, 'उनका दौरा देश के फायदे के लिए है। प्रधानमंत्री यूरोपीय संघ, नॉर्डिक देशों और यूएई जा रहे हैं। यूएई हाल ही में ओपेक से बाहर आया है। उम्मीद है कि भारत और यूएई मिलकर तेल-गैस की जरूरतों का समाधान निकालेंगे। साथ ही व्यापार वार्ताओं से युवाओं को रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।' यह उल्लेखनीय है कि विपक्ष की एक प्रमुख नेता का यह बयान सत्तापक्ष की नीति के इस पहलू पर सहमति दर्शाता है, जो सामान्यतः कम देखने को मिलता है।
भ्रष्टाचार और नौकरशाही पर आरोप
चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा, 'अगर 'इंडिया' गठबंधन की बजाय हम केंद्र सरकार की नाकामियों पर ज्यादा ध्यान देते तो आज जवाबदेही होती। देश में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरशाहों ने देश की मेहनत की कमाई को सरकारी कॉलोनियों में स्विमिंग पूल और खेल सुविधाएं बनाने में लगा दिया है।
महंगाई और किसानों की दुर्दशा
महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'दूध के साथ-साथ सब्जी, फल और अनाज की कीमतें आसमान छू रही हैं।' उन्होंने विशेष रूप से महाराष्ट्र के किसानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्याज उत्पादकों को उनकी फसल की उचित कीमत नहीं मिल पा रही — लागत भी नहीं निकल रही — जबकि आम उपभोक्ता भी खाद्य पदार्थ खरीदने में दिक्कत का सामना कर रहा है। उनके अनुसार यह स्थिति आर्थिक व्यवस्था की नाकामी को उजागर करती है।
पाकिस्तान से बातचीत पर कड़ा विरोध
आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबले के पाकिस्तान के साथ बातचीत संबंधी बयान पर चतुर्वेदी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'भारत के लोग पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत के मूड में नहीं हैं। जब सरकार खुद कहती है कि आतंकवाद के साथ कोई बातचीत नहीं होगी, तो फिर किस आधार पर बातचीत की बात हो रही है? पाकिस्तान ने स्वागत किया है, लेकिन भारत की जनता इसका समर्थन नहीं करती।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ी हुई है।
विपक्ष की भूमिका पर जोर
चतुर्वेदी ने कहा कि विपक्ष को केंद्र सरकार की नाकामियों, महंगाई, भ्रष्टाचार और विदेश नीति पर सवाल उठाने चाहिए। उनका दावा है कि जनता इन मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह ठहराएगी। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पीएम मोदी की यूएई यात्रा से ऊर्जा क्षेत्र में कोई ठोस समझौता सामने आता है या नहीं।