19 अगस्त 2026
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'धमाल' के राइट्स की आड़ में ₹1.50 करोड़ की ठगी, निर्देशक इंद्र कुमार व निर्माता अशोक ठाकरिया पर मुंबई में केस दर्ज

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'धमाल' के राइट्स की आड़ में ₹1.50 करोड़ की ठगी, निर्देशक इंद्र कुमार व निर्माता अशोक ठाकरिया पर मुंबई में केस दर्ज

सारांश

बॉलीवुड की चर्चित फिल्म 'धमाल' के अधिकार बेचने के नाम पर ₹1.50 करोड़ की कथित ठगी का मामला मुंबई में सामने आया है। निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक ठाकरिया पर आरोप है कि उन्होंने 2015 में शेमारू को बेचे जा चुके डिजिटल अधिकार 2019 में ग्रैंड मास्टर को भी बेच दिए।

मुख्य बातें

मुंबई की अंबोली पुलिस ने 17 अगस्त 2026 को निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक नवल कुमार ठाकरिया के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
आरोप है कि फिल्म 'धमाल' के ऑल-वर्ल्ड वितरण व कॉपीराइट अधिकार ₹1.50 करोड़ में ग्रैंड मास्टर को बेचे गए, जबकि ये अधिकार 2015 में ही शेमारू एंटरटेनमेंट को दिए जा चुके थे।
भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय ने 28 अप्रैल 2023 को ग्रैंड मास्टर को फिल्म का आधिकारिक कॉपीराइट स्वामी दर्ज किया है।
आरोपियों ने कथित तौर पर अक्टूबर 2020 में शेमारू के साथ संशोधित करार कर ग्रैंड मास्टर के अधिकारों को दबाने का प्रयास किया।
2 जनवरी 2023 को भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मुंबई पुलिस की अंबोली शाखा ने 17 अगस्त 2026 को बॉलीवुड की चर्चित कॉमेडी फिल्म 'धमाल' के वितरण, डिजिटल और कॉपीराइट अधिकार बेचने के नाम पर कथित तौर पर ₹1.50 करोड़ की धोखाधड़ी करने के आरोप में प्रसिद्ध निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक नवल कुमार ठाकरिया के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला अंधेरी पश्चिम स्थित फिल्म वितरण कंपनी ग्रैंड मास्टर के मालिक विकास बलदेवराज साहनी की शिकायत पर दर्ज हुआ है।

मामले की पृष्ठभूमि

शिकायतकर्ता विकास साहनी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2019 को उनकी कंपनी ग्रैंड मास्टर और आरोपियों की कंपनी मारुति इंटरनेशनल के बीच एक आधिकारिक समझौता हुआ था। इस करार के तहत संजय दत्त, अरशद वारसी और रितेश देशमुख अभिनीत सुपरहिट फिल्म 'धमाल' के ऑल-वर्ल्ड वितरण अधिकार, राइट्स और कॉपीराइट्स ₹1.50 करोड़ में स्थायी रूप से ग्रैंड मास्टर को हस्तांतरित किए गए थे।

सौदे के दौरान निर्माताओं ने यह आश्वासन दिया था कि फिल्म के अधिकार किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेचे गए हैं। परंतु बाद में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 2015 में ही फिल्म के लाइफटाइम ओटीटी व डिजिटल अधिकार शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड को बेच दिए थे।

फर्जी दस्तावेज़ और कानूनी दांव-पेच

आरोप है कि धोखाधड़ी उजागर होने के बाद आरोपियों ने बॉन्ड पेपर पर एक कथित फर्जी समझौता प्रस्तुत किया और अक्टूबर 2020 में शेमारू के साथ एक संशोधित करार कर ग्रैंड मास्टर के कानूनी अधिकारों को दबाने का प्रयास किया। पीड़ित साहनी ने पुलिस के समक्ष कई दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं जो उनके मालिकाना दावे को पुष्ट करते हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय ने सभी दस्तावेजों की जाँच के बाद 28 अप्रैल 2023 को प्रमाण पत्र जारी कर ग्रैंड मास्टर को फिल्म 'धमाल' का आधिकारिक एवं कानूनी कॉपीराइट स्वामी दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, जनवरी 2020 में निर्माताओं ने फिल्म लैब को पत्र लिखकर फिल्म की मूल नेगेटिव — ध्वनि और चित्र दोनों — का संपूर्ण मालिकाना हक ग्रैंड मास्टर को सौंपा था, जो वर्तमान में भी कानूनी रूप से उन्हीं के पास सुरक्षित है।

व्यावसायिक नुकसान और कानूनी नोटिस

आरोपियों की इस कथित धोखाधड़ी के कारण ग्रैंड मास्टर के अन्य प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ चल रहे व्यावसायिक सौदे रद्द हो गए, जिससे कंपनी को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा। 2 जनवरी 2023 को भेजे गए कानूनी नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर साहनी ने पुलिस का दरवाज़ा खटखटाया।

जाँच की स्थिति

मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में ओटीटी और डिजिटल अधिकारों को लेकर विवाद तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और कॉपीराइट कानून की व्याख्या को लेकर कई अदालती मामले लंबित हैं। आगे की कार्रवाई जाँच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अनुबंध सत्यापन की प्रणाली उतनी ही कमज़ोर बनी हुई है। इस प्रकरण में यह भी देखना होगा कि क्या मुंबई पुलिस इस जटिल बौद्धिक संपदा विवाद में आपराधिक इरादे को साबित कर पाती है, या यह मामला दीवानी अदालत में जाता है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'धमाल' फिल्म राइट्स ठगी का मामला क्या है?
यह मामला फिल्म 'धमाल' के वितरण, डिजिटल और कॉपीराइट अधिकार बेचने के नाम पर ₹1.50 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि निर्माता-निर्देशक की कंपनी मारुति इंटरनेशनल ने 2019 में ग्रैंड मास्टर को वे अधिकार बेचे जो 2015 में ही शेमारू एंटरटेनमेंट को दिए जा चुके थे।
इस मामले में किन लोगों पर केस दर्ज हुआ है?
अंबोली पुलिस ने 17 अगस्त 2026 को निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक नवल कुमार ठाकरिया के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत ग्रैंड मास्टर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मालिक विकास बलदेवराज साहनी ने दर्ज कराई है।
ग्रैंड मास्टर के पास 'धमाल' के अधिकारों का क्या सबूत है?
भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय ने 28 अप्रैल 2023 को प्रमाण पत्र जारी कर ग्रैंड मास्टर को फिल्म 'धमाल' का आधिकारिक कॉपीराइट स्वामी दर्ज किया है। इसके अलावा जनवरी 2020 में निर्माताओं ने फिल्म की मूल नेगेटिव का मालिकाना हक भी ग्रैंड मास्टर को सौंपा था।
शेमारू एंटरटेनमेंट का इस विवाद में क्या रोल है?
आरोप के अनुसार, आरोपियों ने 2015 में ही फिल्म के लाइफटाइम ओटीटी व डिजिटल अधिकार शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड को बेच दिए थे। बाद में अक्टूबर 2020 में शेमारू के साथ एक संशोधित करार कर ग्रैंड मास्टर के कानूनी अधिकारों को कथित तौर पर दबाने की कोशिश की गई।
इस मामले में आगे क्या होगा?
मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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