ईडी ने एक्सेल व्हीकल्स और उनके निदेशकों के खिलाफ विशेष न्यायालय में शिकायत दायर की
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार को विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के सामने एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशकों के खिलाफ अभियोजन शिकायत प्रस्तुत की है।
न्यायालय द्वारा जारी नोटिस के बाद, सभी आरोपी अदालत में उपस्थित हुए, जहां उन्हें अभियोजन शिकायत (पीसी) और जिन दस्तावेजों पर अभियोजन पक्ष ने भरोसा किया, उनकी विधिवत प्रतियां उपलब्ध कराई गईं।
यह मामला मूलतः केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अंतर्गत कंपनी और उसके निदेशकों पर बैंक ऑफ इंडिया के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी करके लगभग 42 करोड़ रुपए का नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया गया है। इस प्रकरण में सीबीआई ने 20 दिसंबर 2022 को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई प्रकरण), इंदौर के समक्ष आरोप पत्र (चार्जशीट) भी दाखिल किया था।
ईडी द्वारा की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान 6 नवंबर 2024 को एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 109.90 लाख रुपए की नकदी और आभूषण जब्त किए गए। जांच से यह भी पता चला कि कंपनी ने ऋण प्राप्त करने के लिए कोलेटरल प्रतिभूतियों के संबंध में गलत जानकारी दी थी और गिरवी रखी गई संपत्तियों में से एक पर कोटक महिंद्रा बैंक का पूर्व प्रभार छिपाया गया था। इन तथ्यों के आधार पर कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया से लगभग 42 करोड़ रुपए की ऋण सुविधाएं प्राप्त कीं।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के कैश क्रेडिट खातों से बड़ी मात्रा में धनराशि को विभिन्न सहयोगी संस्थाओं और संबंधित इकाइयों में बिना किसी वैध व्यावसायिक कारण के स्थानांतरित किया गया। इस प्रक्रिया में धन का डायवर्जन और गबन किया गया, जो धन शोधन के तहत लेयरिंग और उसके दुरुपयोग की ओर संकेत करता है।
इससे पहले, ईडी ने इसी मामले में पीएमएलए के प्रावधानों के अंतर्गत लगभग 12.62 करोड़ रुपए मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इनमें मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के कोलार तहसील में एक कृषि भूमि और एक व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना है।