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उत्तरी कश्मीर डीआईजी का उरी दौरा: पुलिस थानों, एनएचपीसी और सेना के साथ सुरक्षा समीक्षा

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उत्तरी कश्मीर डीआईजी का उरी दौरा: पुलिस थानों, एनएचपीसी और सेना के साथ सुरक्षा समीक्षा

सारांश

उत्तरी कश्मीर के डीआईजी ने 16 जून को उरी उपमंडल में पुलिस थानों से लेकर एनएचपीसी जलविद्युत परियोजनाओं और 12वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड तक — हर मोर्चे पर सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की। सीमावर्ती क्षेत्र में यह व्यापक समीक्षा बहु-एजेंसी समन्वय को मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

उत्तरी कश्मीर रेंज के डीआईजी ने 16 जून को एसएसपी बारामूला के साथ उरी उपमंडल का दौरा किया।
बोनियार पुलिस स्टेशन , उरी पुलिस स्टेशन और उदूसा पुलिस चौकी का निरीक्षण; दक्षता सुधार के निर्देश जारी।
एनएचपीसी जिंगल में उरी-प्रथम और उरी-द्वितीय जलविद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा समीक्षा; बैराज बोनियार और डैम साइट सलामाबाद का आकलन।
12वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर के साथ समन्वय बैठक; सूचना साझाकरण और संयुक्त परिचालन तैयारियों पर सहमति।
पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था और कमान पोस्ट की स्थिति का भी संयुक्त मूल्यांकन किया गया।

उत्तरी कश्मीर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ने एसएसपी बारामूला के साथ मंगलवार, 16 जून को उरी उपमंडल का व्यापक दौरा किया और क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र एवं परिचालन तत्परता का गहन मूल्यांकन किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब सीमावर्ती जिले बारामूला में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।

पुलिस थानों और चौकियों का निरीक्षण

दौरे के पहले चरण में बोनियार पुलिस स्टेशन, उरी पुलिस स्टेशन और उदूसा पुलिस चौकी का विस्तृत निरीक्षण किया गया। समीक्षा में अपराध पंजीकरण एवं जाँच कार्य, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, अभिलेख रखरखाव और दैनिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया। डीआईजी ने अधिकारियों को चल रही पहलों की जानकारी दी और दक्षता तथा नागरिक सेवा वितरण में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।

एनएचपीसी जिंगल में जलविद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा समीक्षा

इसके बाद डीआईजी ने एनएचपीसी जिंगल का दौरा किया और उरी-प्रथम तथा उरी-द्वितीय जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैराज बोनियार, डैम साइट सलामाबाद और एनएचपीसी आवासीय कॉलोनियों सहित प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया गया। चर्चा में पहुँच नियंत्रण उपायों, निगरानी प्रणालियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्रों और अंतर-एजेंसी समन्वय पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

सेना के साथ समन्वय बैठक

उरी स्थित 12वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था के कामकाज पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सूचना साझाकरण, संयुक्त परिचालन तैयारियों और एजेंसियों के बीच प्रभावी तालमेल से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाई गई। गौरतलब है कि उरी जैसे अग्रिम मोर्चे के क्षेत्र में पुलिस और सेना के बीच निर्बाध समन्वय सुरक्षा तंत्र की धुरी माना जाता है।

कमान पोस्ट और पर्यटक सुरक्षा का आकलन

डीआईजी ने कमान पोस्ट का भी दौरा किया, जहाँ संबंधित एजेंसियों के संयुक्त सहयोग से पर्यटकों और आगंतुकों के लिए लागू सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया। यह पहलू विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि उरी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ रही हैं और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

दौरे का निष्कर्ष और आगे की राह

दौरे का समापन सुरक्षा एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने और उभरती सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा के साथ हुआ। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की नियमित समीक्षाएँ सुरक्षा तंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने और किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य हैं। आने वाले समय में इन निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एजेंडे की व्यापकता बताती है कि उरी में सुरक्षा चुनौतियाँ बहुआयामी हैं। हालाँकि, ऐसी समीक्षाओं के बाद जारी निर्देशों के ज़मीनी क्रियान्वयन की कोई स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। प्रश्न यह है कि क्या ये आवधिक दौरे दीर्घकालिक संस्थागत सुधार की ओर ले जाते हैं, या केवल तात्कालिक आश्वासन का काम करते हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरी कश्मीर डीआईजी ने उरी दौरे में क्या-क्या समीक्षा की?
डीआईजी ने बोनियार, उरी पुलिस स्टेशन और उदूसा चौकी का निरीक्षण किया, एनएचपीसी जलविद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा की समीक्षा की और 12वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के साथ समन्वय बैठक आयोजित की। पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया गया।
एनएचपीसी उरी जलविद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा समीक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
उरी-प्रथम और उरी-द्वितीय जलविद्युत परियोजनाएँ नियंत्रण रेखा के निकट स्थित महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचा हैं। बैराज बोनियार और डैम साइट सलामाबाद जैसे प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में किसी भी चूक के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इसलिए नियमित सुरक्षा समीक्षा अनिवार्य मानी जाती है।
12वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के साथ समन्वय बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में उरी क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, सूचना साझाकरण, संयुक्त परिचालन तैयारियों और एजेंसियों के बीच समन्वय के मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। पुलिस और सेना के बीच निर्बाध तालमेल सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
उरी उपमंडल में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
डीआईजी ने कमान पोस्ट का दौरा कर संबंधित एजेंसियों के संयुक्त सहयोग से पर्यटकों और आगंतुकों के लिए लागू सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया। उरी में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के मद्देनज़र यह समीक्षा विशेष रूप से की गई।
बारामूला ज़िले में इस तरह की सुरक्षा समीक्षाएँ कितनी नियमित हैं?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा संवेदनशील उपमंडलों का दौरा और बहु-एजेंसी समीक्षा सुरक्षा तंत्र की मानक प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी समीक्षाएँ परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने और उभरती चुनौतियों के अनुरूप रणनीति अद्यतन करने के लिए आवश्यक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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