ममता के दिल्ली दौरे पर दिलीप घोष का तंज: 'याचिकाओं से बंगाल नहीं बदलेगा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 8 अक्टूबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि राष्ट्रपति से मिलने और याचिकाएँ दायर करने से पश्चिम बंगाल में कोई ठोस बदलाव नहीं आएगा। घोष का यह बयान उस समय आया जब ममता बनर्जी इंडी गठबंधन की प्रस्तावित बैठक और राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए नई दिल्ली पहुँची हैं।
घोष का सीधा हमला
दिलीप घोष ने कहा, 'उन्हें दिल्ली जाने दें, आने दें और जितनी चाहें उतनी याचिकाएँ दायर करने दें। इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इससे हासिल क्या होगा? बंगाल में क्या होने वाला है? यहाँ अब कोई विपक्ष नहीं बचा है।' उन्होंने आगे कहा कि जनता ने जिन्हें विपक्ष में बैठने के लिए चुना है, वे अपनी भूमिका निभाने के बजाय दिल्ली की राह पकड़ रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि घोष पहले भी कई बार ममता सरकार की नीतियों पर सवाल उठा चुके हैं।
हुमायूँ कबीर के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी
घोष ने हुमायूँ कबीर के जल्द राजनीति से संन्यास लेने के संकेतों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कबीर को अपनी राजनीति में बदलाव लाने की ज़रूरत है, क्योंकि बंगाल बदल चुका है, लेकिन उनकी राजनीतिक सोच नहीं बदली। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'दादागिरी वाली राजनीति' अब राज्य में नहीं चलेगी।
घोष ने पुलिस द्वारा स्थिति को संभाले जाने की सराहना करते हुए कहा कि आम जनता इस कदम से संतुष्ट है। साथ ही, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चाहे कोई राजनेता हो या अभिनेता — कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और चुनावों को प्रभावित करने की दीर्घकालिक कोशिशें अब बंद होनी चाहिए।
मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति पर उत्साह
BJP नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ सलाहकार नियुक्त किए जाने पर दिलीप घोष ने इसे 'बहुत अच्छा फैसला' बताया। नबान्ना की ओर से इस संबंध में अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।
घोष ने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में मिथुन चक्रवर्ती के दशकों के अनुभव और योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए। उनके अनुसार, बंगाल में सकारात्मक बदलाव लाने में चक्रवर्ती की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और उनकी नियुक्ति राज्य के कला व संस्कृति जगत में नई ऊर्जा भरेगी। नबान्ना सूत्रों के अनुसार, चक्रवर्ती जल्द ही अपनी नई ज़िम्मेदारी संभालेंगे।
राजनीतिक संदर्भ
ममता बनर्जी का यह दिल्ली दौरा इंडी गठबंधन के भीतर रणनीतिक स्तर पर समन्वय बनाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। हालाँकि, BJP नेता इसे राज्य की समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के नज़दीक आते ही राजनीतिक बयानबाज़ी के और तेज़ होने की संभावना है।