डिंडौरी में मूसलाधार बारिश: 650 मिमी से अधिक वर्षा, जबलपुर-अमरकंटक मार्ग बंद, स्कूल-आंगनबाड़ी बंद
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने 26 सितंबर 2026 को जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले की प्रमुख नदियाँ और नाले उफान पर आ गए हैं, कई मार्ग बाधित हो गए हैं और प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।
मार्ग अवरुद्ध और संपर्क टूटा
भारी वर्षा के कारण जबलपुर-अमरकंटक मार्ग बंद हो गया है। जोगी टिकरिया पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। जिला मुख्यालय को शहडोल से जोड़ने वाले मार्ग पर भी सुबह से यातायात बाधित है, क्योंकि वहाँ के पुल पर भी पानी चढ़ आया है।
बजाग और करंजिया जनपद क्षेत्रों में भारी बारिश का सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों के 100 से अधिक गाँवों का संपर्क जनपद एवं जिला मुख्यालय से टूट गया है। अमरकंटक, बजाग और करंजिया सहित दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में लगातार तेज बारिश से कई ग्रामीण मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। कुछ स्थानों पर पानी घरों में घुसने की स्थिति भी बनी हुई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर 26 सितंबर को जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू है। सीबीएसई स्कूल, नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाएँ भी आज बंद हैं। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी इस दिन बंद रखे गए हैं, हालाँकि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे।
प्रशासन ने नर्मदा नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षा के दृष्टिगत प्रभावित क्षेत्रों को खाली करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील घाटों और पुल-पुलियों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने की अपील की गई है।
अत्यधिक बारिश के कारण करंजिया में शनिवार को आयोजित होने वाला जन विश्वास अभियान कैंप भी स्थगित कर दिया गया है। मौसम सामान्य होने के बाद नई तिथि घोषित की जाएगी।
वर्षा के आँकड़े
भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, जिले में पिछले 24 घंटों में कुल 650.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जिले की औसत वर्षा 92.9 मिमी रही। सबसे अधिक बारिश बजाग में 143.0 मिमी दर्ज हुई। इसके अलावा अमरपुर में 96.3 मिमी, डिंडौरी में 93.2 मिमी, समनापुर में 89.0 मिमी, मेहदवानी में 84.3 मिमी, करंजिया में 80.0 मिमी और शहपुरा में 64.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
जिले की सामान्य औसत वार्षिक वर्षा 1404.8 मिमी है। इस वर्ष 1 जून से 26 सितंबर तक कुल 8236.1 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिसका औसत 1176.6 मिमी है। दीर्घ सामान्य वर्षा की तुलना में जिले में अब तक 83.74 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष इसी अवधि में औसतन केवल 3.9 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, और आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक कुल वर्षा में 5.83 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के कई अन्य जिले भी मानसून की अत्यधिक वर्षा से जूझ रहे हैं। डिंडौरी एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ कच्ची सड़कों और पुलों की संख्या अधिक है, जिससे संपर्क टूटने का खतरा अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहता है। गौरतलब है कि 100 से अधिक गाँवों के अलग-थलग पड़ने से राशन, चिकित्सा सेवा और आपातकालीन सहायता की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन और पुलिस की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। मौसम के जल्द सामान्य होने पर ही बाधित मार्गों और सेवाओं को पुनः शुरू किया जा सकेगा।