तमिलनाडु CM विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी, डीएमके पार्षद सुधा समेत दो पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई में 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक सार्वजनिक बैठक के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की पार्षद सुधा दीनदयालन और बैठक आयोजक मुरलीधरन के खिलाफ बी-2 एस्प्लेनेड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) पदाधिकारी उदयकुमार की शिकायत पर यह कार्रवाई 20 अक्टूबर 2026 को की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
विवाद उस भाषण से उपजा है, जिसमें सुधा दीनदयालन ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर अपने वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस भाषण के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए, जिसके बाद TVK समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किए।
गौरतलब है कि यह बैठक उस समय आयोजित की गई थी जब तमिलनाडु में सत्ताधारी TVK और विपक्षी DMK के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर था।
शिकायत में क्या आरोप हैं
TVK पदाधिकारी उदयकुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पार्षद सुधा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ 'आपत्तिजनक और अपमानजनक' भाषा का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उन्होंने बैठक के आयोजन में भूमिका निभाने के लिए मुरलीधरन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। इन्हीं दो आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
मंच पर मौजूद वरिष्ठ DMK नेताओं पर सवाल
TVK सदस्यों ने आरोप लगाया कि बैठक के मंच पर चेन्नई की मेयर प्रिया, सांसद कनिमोझी और पूर्व मंत्री पी.के. सेकरबाबू मौजूद थे। सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि इन वरिष्ठ नेताओं ने टिप्पणियों के दौरान कोई आपत्ति नहीं जताई, जिसे TVK ने इस हमले के प्रति मौन सहमति करार दिया है।
इस आरोप ने तमिलनाडु में सत्ताधारी TVK और विपक्षी DMK के बीच तीखी बयानबाजी को और तेज़ कर दिया है।
सुधा के अन्य आरोप
अपने भाषण में सुधा ने यह भी कहा था कि विजय सरकार का प्रशासन पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं को ही आगे बढ़ा रहा है। हालाँकि, मुख्यमंत्री के खिलाफ उनकी कथित भाषा ही इस विवाद का मुख्य कारण बन गई।
आगे क्या होगा
पुलिस ने दोनों नामज़द आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। हालाँकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह स्पष्ट नहीं है कि अब तक उनसे पूछताछ की गई है या उन्हें तलब किया गया है। आरोपों पर सुधा दीनदयालन और मुरलीधरन की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला तमिलनाडु में राजनीतिक टकराव को नया आयाम देने वाला साबित हो सकता है।