28 अक्टूबर 2026
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तमिलनाडु: CM विजय के खिलाफ धमकी भरे बयान पर DMK पार्षद तीता सरवनन गिरफ्तार, आश्रय देने वाला भी हिरासत में

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तमिलनाडु: CM विजय के खिलाफ धमकी भरे बयान पर DMK पार्षद तीता सरवनन गिरफ्तार, आश्रय देने वाला भी हिरासत में

सारांश

तमिलनाडु में DMK पार्षद तीता सरवनन की गिरफ्तारी ने पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता की परतें उघाड़ दी हैं — पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के विरोध में उमड़ी भीड़ में CM विजय के खिलाफ धमकी भरे बोल, करूर त्रासदी का संदर्भ और फिर फरार होने की कोशिश — यह घटना सत्तारूढ़ दल के लिए गहरी असहजता बनी।

मुख्य बातें

DMK पार्षद तीता सरवनन को 28 अक्टूबर 2026 को विल्लुपुरम से गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि सरवनन ने पुझल सेंट्रल जेल के बाहर CM सी.
जोसेफ विजय के खिलाफ धमकी भरी टिप्पणी की, जिसमें 2025 की करूर भगदड़ का संदर्भ था।
DMK यूथ विंग उपसंयोजक एसीके प्रेमकुमार को सरवनन को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने सरवनन के खिलाफ चार धाराओं में मामला दर्ज किया — डराना-धमकाना, सरकारी कर्तव्य में बाधा और शांतिभंग शामिल।
तलाश के लिए तीन विशेष पुलिस दल गठित किए गए थे; सरवनन ने बेंगलुरु जाने का भ्रामक संदेश देकर फरार होने की कोशिश की।

तमिलनाडु में वेल्लोर के द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पार्षद तीता सरवनन को 28 अक्टूबर 2026 को पुझल पुलिस ने विल्लुपुरम से गिरफ्तार किया। आरोप है कि सरवनन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ धमकी भरी टिप्पणी की थी, जिसमें 2025 की करूर भगदड़ त्रासदी का संदर्भ दिया गया था। यह गिरफ्तारी एक वीडियो के वायरल होने के बाद हुई, जिसमें सरवनन पुझल सेंट्रल जेल के बाहर कथित तौर पर यह बयान देते दिख रहे थे।

घटनाक्रम की पृष्ठभूमि

यह विवाद उस समय उभरा जब पूर्व शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार कर पुझल सेंट्रल जेल लाया गया था। जेल के बाहर DMK समर्थक एकत्रित हुए और तमिलनाडु सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे। इसी भीड़ के बीच सरवनन ने कथित तौर पर कहा, 'काश हमने उसे करूर में ही खत्म कर दिया होता, तो क्या हालात इस हालत तक पहुँचते?' — यह टिप्पणी मुख्यमंत्री विजय की ओर इशारा करती बताई जा रही है।

गौरतलब है कि करूर भगदड़ तमिलनाडु की एक संवेदनशील त्रासदी रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए थे। इस त्रासदी का संदर्भ लेकर धमकी देने की टिप्पणी ने तत्काल राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया उत्पन्न की।

गिरफ्तारी का विवरण

पुलिस ने सरवनन की तलाश में तीन विशेष दल गठित किए थे। रिपोर्टों के अनुसार, सरवनन ने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए यह जानकारी दी कि वह बेंगलुरु जा रहे हैं। हालाँकि, पुलिस ने उन्हें विल्लुपुरम में DMK सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूथ विंग के उपसंयोजक एसीके प्रेमकुमार के आवास पर ढूंढ निकाला, जहाँ विशेष दल ने उन्हें हिरासत में लिया।

प्रेमकुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि पुलिस की तलाशी के दौरान उन्होंने सरवनन को अपने घर में पनाह दी। प्रेमकुमार की पहचान विल्लुपुरम के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में पार्टी की युवा शाखा के एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में की गई है।

पुलिस की कानूनी कार्रवाई

पुझल पुलिस ने सरवनन के विरुद्ध चार धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें सरकारी कर्मचारियों को कर्तव्य-पालन से रोकना, डराना-धमकाना और सार्वजनिक शांतिभंग से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब वायरल वीडियो में की गई टिप्पणियों की पुलिस ने पहचान कर तत्काल कार्रवाई शुरू की।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

यह घटना तमिलनाडु की राजनीति में ऐसे समय में आई है जब DMK सरकार पहले से ही अंदरूनी और बाहरी दबावों का सामना कर रही है। एक ओर पूर्व मंत्री पोय्यामोझी की गिरफ्तारी ने पार्टी के भीतर असंतोष को हवा दी, तो दूसरी ओर पार्षद के बयान ने पार्टी नेतृत्व को असहज स्थिति में डाल दिया। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के बयान सत्तारूढ़ दल की आंतरिक अनुशासनहीनता को उजागर करते हैं।

यह घटना तमिलनाडु में राजनीतिक दलों के भीतर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और सार्वजनिक भाषण की सीमाओं पर बहस को नए सिरे से जन्म दे सकती है। आगामी दिनों में इस मामले की अदालती सुनवाई और पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब फरार होना और पार्टी के ही एक कार्यकर्ता के घर पनाह लेना — यह शृंखला पार्टी अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। करूर त्रासदी जैसी संवेदनशील घटना का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल तमिलनाडु की सामाजिक स्मृति के साथ खिलवाड़ है। CM विजय की सरकार के लिए असली परीक्षा यह होगी कि वह इस मामले में दलीय पक्षपात से परे निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करे।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तीता सरवनन को किस कारण गिरफ्तार किया गया?
वेल्लोर के DMK पार्षद तीता सरवनन को 28 अक्टूबर 2026 को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया कि उन्होंने पुझल सेंट्रल जेल के बाहर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ धमकी भरा बयान दिया। इस बयान में 2025 की करूर भगदड़ त्रासदी का उल्लेख था।
एसीके प्रेमकुमार को क्यों गिरफ्तार किया गया?
एसीके प्रेमकुमार, जो DMK की विल्लुपुरम सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूथ विंग के उपसंयोजक हैं, को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि पुलिस की तलाशी के दौरान उन्होंने अपने घर में सरवनन को शरण दी। पुलिस ने इसे भगोड़े को पनाह देना माना।
सरवनन ने CM विजय के खिलाफ क्या कहा था?
एक वायरल वीडियो के अनुसार, सरवनन ने कथित तौर पर कहा, 'काश हमने उसे करूर में ही खत्म कर दिया होता, तो क्या हालात इस हालत तक पहुँचते?' यह टिप्पणी पूर्व मंत्री पोय्यामोझी की गिरफ्तारी के विरोध में जेल के बाहर इकट्ठा भीड़ के बीच कही गई बताई जाती है।
सरवनन पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुझल पुलिस ने सरवनन के खिलाफ चार धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्य-पालन से रोकना, डराना-धमकाना और सार्वजनिक शांति भंग करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
यह घटना तमिलनाडु की राजनीति में क्यों अहम है?
यह घटना ऐसे समय में आई है जब DMK के पूर्व मंत्री पोय्यामोझी रिश्वत मामले में जेल में हैं और पार्टी के भीतर असंतोष दिख रहा है। सत्तारूढ़ दल के ही निर्वाचित जनप्रतिनिधि का मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह का बयान पार्टी अनुशासन और आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्र प्रेस
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