15 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डीएमके ने सीजेपी से साधा संपर्क, एमके स्टालिन की थर्ड फ्रंट तलाश तेज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डीएमके ने सीजेपी से साधा संपर्क, एमके स्टालिन की थर्ड फ्रंट तलाश तेज

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव हारने के बाद गठबंधन की राह संकरी हो चुकी DMK ने सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर एकजुटता दिखाकर थर्ड फ्रंट की ओर एक और कदम बढ़ाया है। लेकिन बिना साझा कार्यक्रम और नेतृत्व सहमति के यह कोशिश पिछले प्रयोगों की तरह अधूरी रह सकती है।

मुख्य बातें

एमके स्टालिन ने 15 अक्टूबर 2026 को सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी की निंदा कर कानूनी सहायता का ऐलान किया।
डीएमके राष्ट्रीय स्तर पर थर्ड फ्रंट बनाने की कोशिश के तहत सीजेपी से संपर्क में है; कोई औपचारिक गठबंधन अभी घोषित नहीं।
कनिमोझी पहले ममता बनर्जी , शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मिल चुकी हैं, लेकिन उन संपर्कों से कोई ठोस गठजोड़ नहीं बना।
TVK नेतृत्व वाले गठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने और AIADMK के BJP से जुड़े होने के कारण DMK के पारंपरिक विकल्प सीमित हैं।
प्रस्तावित थर्ड फ्रंट के पास अभी कोई परिभाषित संरचना या साझा राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के गिरफ्तार नेताओं को समर्थन देने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। डीएमके की यह पहल 15 अक्टूबर 2026 को उस वक्त सामने आई जब पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेतृत्व वाले दोनों बड़े गठबंधनों से बाहर एक राष्ट्रीय थर्ड फ्रंट की जमीन तैयार करने में जुटी है। हालाँकि अभी तक किसी औपचारिक गठबंधन या लिखित समझौते की घोषणा नहीं की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

नई दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया। इसके बाद एमके स्टालिन ने इन गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा करते हुए कानूनी सहायता सहित पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्टालिन के इस कदम के लिए सार्वजनिक रूप से आभार जताया, जिससे दोनों दलों के बीच बातचीत की खबरें और पुख्ता हुईं।

डीएमके की राजनीतिक मजबूरी

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद डीएमके की राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति कमजोर हुई है। कांग्रेस उसके पूर्व सहयोगी के विरुद्ध विजयी टीवीके नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गई और दो मंत्री पद भी हासिल किए, जिसे डीएमके के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है। दूसरी ओर, एआईएडीएमके के BJP के साथ गठबंधन और TVK के कांग्रेस गुट से जुड़ाव ने DMK के लिए परंपरागत गठबंधन की राह लगभग बंद कर दी है।

थर्ड फ्रंट की कोशिशें और पिछला इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब DMK ने वैकल्पिक राजनीतिक ध्रुव बनाने की कोशिश की हो। डीएमके उप महासचिव कनिमोझी पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता शरद पवार और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर चुकी हैं। हालाँकि उन संपर्कों से कोई ठोस व्यवस्था नहीं बन पाई। गौरतलब है कि थर्ड फ्रंट की अवधारणा भारतीय राजनीति में कई बार उभरी, लेकिन एक परिभाषित संरचना और साझा राजनीतिक कार्यक्रम के अभाव में यह टिकाऊ नहीं रह सकी।

स्टालिन का रुख और उनकी दलील

एमके स्टालिन ने सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार कितने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर सकती है और कितनी युवा आवाजों को दबा सकती है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अधिक गिरफ्तारियाँ केवल अधिक विरोध को जन्म देंगी और बिना राजनीतिक जुड़ाव वाले आम नागरिक भी सड़कों पर उतर आएँगे। उनका यह बयान सीजेपी के साथ एकजुटता तो दर्शाता है, लेकिन इसे व्यापक राजनीतिक समझ का रूप मिलेगा या नहीं, यह अभी अनिश्चित है।

क्या होगा आगे

DMK और सीजेपी के बीच संपर्क अभी प्रारंभिक चरण में है और किसी ठोस गठबंधन की रूपरेखा तय नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक विश्वसनीय थर्ड फ्रंट के लिए साझा मुद्दों, नेतृत्व की सहमति और चुनावी रणनीति की ज़रूरत होगी — जो फिलहाल दूर की कौड़ी लगती है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि यह संपर्क केवल राजनीतिक एकजुटता के प्रतीकात्मक संकेत तक सीमित रहेगा या इसे किसी ठोस रणनीतिक गठजोड़ की दिशा मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे थर्ड फ्रंट की ठोस नींव मानना जल्दबाजी होगी — कनिमोझी के ममता, पवार और ठाकरे दौरों से कोई नतीजा नहीं निकला था। असली सवाल यह है कि क्या DMK के पास राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा कोई साझा एजेंडा है जो भिन्न विचारधाराओं वाली पार्टियों को एकसूत्र में बाँध सके। तमिलनाडु में हार के बाद DMK की केंद्रीय राजनीति में साख कमजोर हुई है और छोटे दलों के सहारे राष्ट्रीय प्रासंगिकता बनाए रखना एक जोखिम भरी रणनीति है जो भारतीय राजनीति में पहले भी कई बार आजमाई और विफल की जा चुकी है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएमके और सीजेपी के बीच संपर्क क्यों हुआ?
नई दिल्ली में मतदाता सूची के SIR के विरोध में प्रदर्शन के दौरान सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद एमके स्टालिन ने उन्हें कानूनी सहायता देने की घोषणा की, जिससे दोनों दलों के बीच संपर्क की खबरें सामने आईं। यह कदम DMK की थर्ड फ्रंट बनाने की व्यापक कोशिशों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
थर्ड फ्रंट की कोशिश में DMK अब तक कहाँ तक पहुँची है?
डीएमके उप महासचिव कनिमोझी तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, NCP के शरद पवार और शिवसेना के उद्धव ठाकरे से पहले ही मिल चुकी हैं। हालाँकि इनमें से किसी भी संपर्क से अभी तक कोई औपचारिक गठजोड़ या साझा कार्यक्रम नहीं बन पाया है।
DMK के लिए BJP और कांग्रेस दोनों गठबंधनों से बाहर रहना क्यों मजबूरी बन गई है?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस विजयी TVK नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गई, जबकि AIADMK BJP के साथ है। इससे DMK के पास किसी बड़े राष्ट्रीय गठबंधन में जगह बनाने के सीमित विकल्प बचे हैं और पार्टी वैकल्पिक राजनीतिक जगह तलाश रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) क्या है और इसके नेताओं को क्यों गिरफ्तार किया गया?
सीजेपी एक राजनीतिक संगठन है जिसके नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया। DMK ने इन गिरफ्तारियों को लोकतांत्रिक विरोध का दमन बताया है।
क्या DMK-सीजेपी का संपर्क किसी औपचारिक गठबंधन में बदलेगा?
फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह संपर्क अभी प्रारंभिक और प्रतीकात्मक चरण में है और प्रस्तावित थर्ड फ्रंट के पास न कोई साझा कार्यक्रम है, न कोई परिभाषित नेतृत्व संरचना। आने वाले हफ्तों में ही स्पष्ट होगा कि यह संपर्क किस दिशा में आगे बढ़ता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले