डोडा में गैर-राजपत्रित कर्मियों की सर्विस रूल लागू करने की मांग के लिए प्रदर्शन

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डोडा में गैर-राजपत्रित कर्मियों की सर्विस रूल लागू करने की मांग के लिए प्रदर्शन

सारांश

डोडा में गैर-राजपत्रित कर्मचारियों ने सर्विस रूल की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपने हितों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। जानें, इस प्रदर्शन की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • सर्विस रूल से कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा होती है।
  • प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया।
  • कर्मचारी पिछले सात साल से अपनी मांगों पर जोर दे रहे हैं।
  • कामकाज में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई है।
  • सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।

डोडा, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के डोडा में गैर-राजपत्रित कर्मचारियों ने सोमवार को सर्विस रूल लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपने आक्रोश का इजहार करते हुए कहा कि सर्विस रूल से कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा होती है। हम लंबे समय से सर्विस रूल की मांग कर रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि हमारी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

प्रदर्शनकारी चिकित्सा कर्मियों ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बातों को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति बने, इसलिए हम बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारा मकसद केवल इतना है कि हमारी बातें शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचें और हमारी मांगों पर विचार किया जाए।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम यहाँ पिछले छह साल से कार्यरत हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि हमारी सर्विस रूल की मांग को अभी तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। सर्विस रूल में वेतन, पदोन्नति और एक कर्मचारी के संदर्भ में सभी जरूरी बातें शामिल होती हैं, जिससे एक कर्मचारी को सुरक्षित महसूस होता है। हम अपने शीर्ष नेतृत्व से यही मांग करते हैं कि जल्द से जल्द सर्विस रूल को लागू किया जाए, ताकि हम सुरक्षित महसूस कर सकें।

उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से कामकाज में कोई बाधा नहीं आ रही है। सभी कर्मचारी अपने कार्य में लगे हुए हैं। आपातकालीन वार्ड से लेकर ओपीडी तक सभी लोग कार्य में जुटे हैं। प्रदर्शन से पहले हमने यह सुनिश्चित किया है कि कामकाज में कोई बाधा न आए। सर्विस रूल हर एक कर्मचारी के लिए आवश्यक है।

एक अन्य चिकित्सा कर्मचारी ने भी सर्विस रूल लागू न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले सात साल से हम इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया गया। सर्विस बुक हर कर्मचारी का अधिकार है, जिसमें वेतन से लेकर प्रमोशन तक की जानकारियाँ शामिल हैं।

हमने पिछले डेढ़ साल से सरकार से अपील की है कि हमारे लिए सर्विस रूल लागू किया जाए, लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इसके बाद हमने विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।

चिकित्सक कर्मचारी ने कहा कि यदि हमारे लिए सर्विस बुक लागू नहीं की गई तो हमें अपने विरोध प्रदर्शन को और व्यापक रूप देना होगा, ताकि हमारी मांग शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे और हमारी समस्याओं का समाधान हो सके।

उन्होंने कहा कि अब सात साल से हमारी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे हम एक बहुत बड़े नजरअंदाज के रूप में देखते हैं। अगर यह एक-दो साल की बात होती, तो बर्दाश्त किया जा सकता था। हम चिकित्सा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हम कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। चाहे कोई भी अप्रिय स्थिति हो, हम अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाते हैं। ऐसी स्थिति में शीर्ष नेतृत्व को हमारी मांगों पर ध्यान देना चाहिए।

Point of View

और यह आवश्यक है कि सरकार उनकी चिंताओं पर ध्यान दे। एक मजबूत कार्यबल के लिए आवश्यक है कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

सर्विस रूल क्या है?
सर्विस रूल एक ऐसा नियम है जो कर्मचारियों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा करता है।
डोडा में प्रदर्शन का उद्देश्य क्या है?
प्रदर्शन का उद्देश्य सर्विस रूल को लागू करना और कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा करना है।
प्रदर्शन के दौरान कार्य में बाधा आती है?
प्रदर्शन के दौरान कामकाज में कोई बाधा नहीं आ रही है, सभी कर्मचारी अपने कार्य में लगे हुए हैं।
कर्मचारी कितने समय से सर्विस रूल की मांग कर रहे हैं?
कर्मचारी पिछले सात साल से सर्विस रूल की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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