डीआरआई नागपुर ने ट्रेन में महिला से ₹1.05 करोड़ का 1.312 किलो एम्फेटामाइन जब्त किया
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की नागपुर क्षेत्रीय इकाई ने 27 सितंबर 2026 को नागपुर रेलवे स्टेशन पर हजरत निजामुद्दीन-केएसआर बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22692) में यात्रा कर रही एक महिला यात्री से 1.312 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद कर अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जब्त नशीले पदार्थ की अवैध बाजार में अनुमानित कीमत ₹1.05 करोड़ बताई गई है।
कैसे हुई कार्रवाई
विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर DRI के अधिकारी नागपुर में ट्रेन में सवार हुए और संदिग्ध महिला यात्री के सामान की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान अधिकारियों को उसके सूटकेस के अंदर कपड़े की परत के पीछे एक छिपा हुआ हिस्सा मिला, जो हार्ड कार्डबोर्ड से बनाया गया था।
उस छिपे हुए हिस्से में नीले रंग के कार्बन पेपर में लपेटे गए दो पैकेट मिले। फील्ड ड्रग टेस्टिंग किट से की गई जांच में पदार्थ में एम्फेटामाइन की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
महिला यात्री को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। उसे उसी दिन, 27 सितंबर 2026 को, नागपुर की हॉलिडे कोर्ट में पेश किया गया। जब्त एम्फेटामाइन को भी NDPS अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कब्जे में ले लिया गया।
हैदराबाद में भी बड़ी बरामदगी
एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में DRI ने 30 सितंबर 2026 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक यात्री के सामान से 4.9 किलोग्राम कोकीन बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹24.5 करोड़ बताई गई है। यह यात्री कतर से आया था।
अधिकारियों को सामान की स्क्रीनिंग के दौरान चॉकलेट ट्यूबों का वजन असामान्य रूप से अधिक लगा। बारीकी से जांच करने पर उन ट्यूबों के अंदर छिपाई गई कोकीन की खेप बरामद हुई — जो तस्करों की बदलती छुपाने की तकनीकों का संकेत है।
'नशा मुक्त भारत' अभियान में योगदान
DRI ने कहा है कि राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध उसकी यह निरंतर कार्रवाई केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' के लक्ष्य में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में DRI ने देशभर के रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर अपनी निगरानी काफी बढ़ाई है।
ये दोनों मामले अलग-अलग तरीकों से की जाने वाली तस्करी की बानगी पेश करते हैं — एक सूटकेस में छिपे बोगस कम्पार्टमेंट के ज़रिए ट्रेन में, और दूसरा चॉकलेट पैकेजिंग में हवाई मार्ग से। DRI की जाँच आगे भी जारी है।