नागपुर में ₹2.4 करोड़ का एम्फेटामाइन जब्त: दिल्ली-बेंगलुरु बस से डीआरआई ने दो तस्कर दबोचे
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की नागपुर क्षेत्रीय इकाई (मुंबई ज़ोन) ने 28 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर में एनएच-47 पर स्थित भागीमारी टोल प्लाजा के पास एक अंतरराज्यीय बस को रोककर 3.01 किलो एम्फेटामाइन बरामद की, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹2.4 करोड़ बताई जाती है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में दो यात्रियों को गिरफ्तार किया गया, जो दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे थे।
कैसे हुई कार्रवाई
डीआरआई को पूर्व में गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली-बेंगलुरु मार्ग पर चलने वाली एक बस के ज़रिए मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने भागीमारी टोल प्लाजा पर बस को रोककर दो संदिग्ध यात्रियों के सामान की जाँच शुरू की।
तलाशी के दौरान बस में रखे तीन लेडीज सूट असामान्य रूप से भारी पाए गए। संदेह गहराने पर जब उन्हें खोला गया, तो अंदर सफेद पाउच में पारदर्शी पॉलिथीन से लिपटा सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ मिला। मौके पर की गई फील्ड टेस्टिंग में इस पदार्थ की पहचान एम्फेटामाइन के रूप में हुई।
बरामदगी का ब्यौरा
दोनों यात्रियों के पास से कुल मिलाकर 3.01 किलोग्राम एम्फेटामाइन ज़ब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार, इसकी अवैध बाज़ार में कीमत लगभग ₹2.4 करोड़ है। तस्करों ने ड्रग छिपाने के लिए महिलाओं के परिधान का चतुराई से उपयोग किया, जो कि जाँच-एजेंसियों को चकमा देने की एक सुनियोजित कोशिश थी।
डीआरआई ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत समस्त माल ज़ब्त करते हुए दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
अदालत में पेशी और कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तारी के अगले दिन, 29 अक्टूबर 2026 को, दोनों आरोपियों को नागपुर के जेएफएमसी (प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट) की अदालत में पेश किया गया। मामले में आगे की विधिवत कानूनी कार्रवाई और जाँच जारी है।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
डीआरआई के अनुसार, यह कार्रवाई राज्यों की सीमाओं के पार फैले संगठित मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि दिल्ली-बेंगलुरु जैसे दीर्घ-दूरी बस मार्ग लंबे समय से अंतरराज्यीय तस्करों के लिए एक संवेदनशील रूट रहे हैं। एम्फेटामाइन एक उत्तेजक मादक पदार्थ है जिसका दुरुपयोग विशेष रूप से युवाओं में बढ़ रहा है, और इसकी बड़ी खेप का पकड़ा जाना जाँच एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामले की जाँच के दौरान तस्करी के पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की संभावना है।