30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नागपुर में ₹2.4 करोड़ का एम्फेटामाइन जब्त: दिल्ली-बेंगलुरु बस से डीआरआई ने दो तस्कर दबोचे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नागपुर में ₹2.4 करोड़ का एम्फेटामाइन जब्त: दिल्ली-बेंगलुरु बस से डीआरआई ने दो तस्कर दबोचे

सारांश

दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एक बस में लेडीज सूट के भीतर छिपाकर ले जाया जा रहा ₹2.4 करोड़ का एम्फेटामाइन नागपुर के भागीमारी टोल प्लाजा पर डीआरआई की गुप्त सूचना-आधारित कार्रवाई में पकड़ा गया। दो आरोपी गिरफ्तार, जाँच जारी।

मुख्य बातें

डीआरआई नागपुर ने 28 अक्टूबर 2026 को एनएच-47 स्थित भागीमारी टोल प्लाजा पर दिल्ली-बेंगलुरु बस को रोककर तलाशी ली।
बस सवार दो यात्रियों के लगेज में लेडीज सूट के भीतर छिपाई गई 3.01 किलो एम्फेटामाइन बरामद हुई।
ज़ब्त मादक पदार्थ की अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹2.4 करोड़ बताई गई है।
दोनों आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया और 29 अक्टूबर 2026 को नागपुर के जेएफएमसी कोर्ट में पेश किया गया।
डीआरआई ने कहा कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की नागपुर क्षेत्रीय इकाई (मुंबई ज़ोन) ने 28 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर में एनएच-47 पर स्थित भागीमारी टोल प्लाजा के पास एक अंतरराज्यीय बस को रोककर 3.01 किलो एम्फेटामाइन बरामद की, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹2.4 करोड़ बताई जाती है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में दो यात्रियों को गिरफ्तार किया गया, जो दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे थे।

कैसे हुई कार्रवाई

डीआरआई को पूर्व में गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली-बेंगलुरु मार्ग पर चलने वाली एक बस के ज़रिए मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने भागीमारी टोल प्लाजा पर बस को रोककर दो संदिग्ध यात्रियों के सामान की जाँच शुरू की।

तलाशी के दौरान बस में रखे तीन लेडीज सूट असामान्य रूप से भारी पाए गए। संदेह गहराने पर जब उन्हें खोला गया, तो अंदर सफेद पाउच में पारदर्शी पॉलिथीन से लिपटा सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ मिला। मौके पर की गई फील्ड टेस्टिंग में इस पदार्थ की पहचान एम्फेटामाइन के रूप में हुई।

बरामदगी का ब्यौरा

दोनों यात्रियों के पास से कुल मिलाकर 3.01 किलोग्राम एम्फेटामाइन ज़ब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार, इसकी अवैध बाज़ार में कीमत लगभग ₹2.4 करोड़ है। तस्करों ने ड्रग छिपाने के लिए महिलाओं के परिधान का चतुराई से उपयोग किया, जो कि जाँच-एजेंसियों को चकमा देने की एक सुनियोजित कोशिश थी।

डीआरआई ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत समस्त माल ज़ब्त करते हुए दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।

अदालत में पेशी और कानूनी प्रक्रिया

गिरफ्तारी के अगले दिन, 29 अक्टूबर 2026 को, दोनों आरोपियों को नागपुर के जेएफएमसी (प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट) की अदालत में पेश किया गया। मामले में आगे की विधिवत कानूनी कार्रवाई और जाँच जारी है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

डीआरआई के अनुसार, यह कार्रवाई राज्यों की सीमाओं के पार फैले संगठित मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि दिल्ली-बेंगलुरु जैसे दीर्घ-दूरी बस मार्ग लंबे समय से अंतरराज्यीय तस्करों के लिए एक संवेदनशील रूट रहे हैं। एम्फेटामाइन एक उत्तेजक मादक पदार्थ है जिसका दुरुपयोग विशेष रूप से युवाओं में बढ़ रहा है, और इसकी बड़ी खेप का पकड़ा जाना जाँच एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामले की जाँच के दौरान तस्करी के पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह खेप कहाँ से आई और इसका गंतव्य कौन था — जो तब तक अधूरा रहेगा जब तक पूरे नेटवर्क की जाँच नहीं होती। एम्फेटामाइन की बढ़ती तस्करी, विशेषकर उत्तर से दक्षिण भारत के रूटों पर, एक उभरती चिंता है जिस पर समन्वित बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया की ज़रूरत है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर में डीआरआई ने कितना और कौन-सा ड्रग ज़ब्त किया?
डीआरआई ने 3.01 किलोग्राम एम्फेटामाइन ज़ब्त की, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹2.4 करोड़ है। यह मादक पदार्थ दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एक बस में लेडीज सूट के भीतर छिपाकर ले जाया जा रहा था।
डीआरआई ने यह कार्रवाई कब और कहाँ की?
यह कार्रवाई 28 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर में एनएच-47 पर स्थित भागीमारी टोल प्लाजा पर की गई। गुप्त सूचना के आधार पर बस को वहाँ रोककर जाँच की गई।
गिरफ्तार आरोपियों पर कौन-सी धारा लगाई गई है?
दोनों आरोपियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें 29 अक्टूबर 2026 को नागपुर के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएफएमसी) कोर्ट में पेश किया गया।
तस्करों ने ड्रग छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया?
आरोपियों ने एम्फेटामाइन को लेडीज सूट के भीतर सफेद पाउच और पारदर्शी पॉलिथीन में लपेटकर छिपाया था। तलाशी के दौरान सूट असामान्य रूप से भारी मिले, जिससे अधिकारियों को संदेह हुआ।
यह कार्रवाई 'नशा मुक्त भारत' अभियान से कैसे जुड़ी है?
डीआरआई ने इस कार्रवाई को केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान की दिशा में एक अहम कदम बताया है। राज्यों की सीमाओं के पार फैले संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करना इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले