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भुवनेश्वर में नशेड़ी बेटे ने पिता की हत्या की, लोहे के पाइप और पत्थर से किया हमला — आरोपी हिरासत में

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भुवनेश्वर में नशेड़ी बेटे ने पिता की हत्या की, लोहे के पाइप और पत्थर से किया हमला — आरोपी हिरासत में

सारांश

भुवनेश्वर में 24 घंटे के भीतर दूसरी हत्या — इस बार एक नशेड़ी बेटे ने नशा-मुक्ति दवा को लेकर हुए विवाद में अपने लेबर कॉन्ट्रैक्टर पिता को लोहे के पाइप और पत्थर से मार डाला। आरोपी को ब्रेन ट्यूमर भी है। मंचेश्वर थाना क्षेत्र में बढ़ती हिंसा ने प्रशासन को चिंता में डाल दिया है।

मुख्य बातें

देबराज (25) ने 29 जुलाई 2025 को भुवनेश्वर में अपने पिता एस.
दुर्योधन (50) की लोहे के पाइप और पत्थर से हत्या की।
विवाद का कारण नशा-मुक्ति दवा मिली बीड़ी थी, जो पिता डॉक्टर की सलाह पर बेटे को देते थे।
आरोपी ब्राउन शुगर का आदी था और पहले नशा-मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जा चुका था।
परिवार के अनुसार आरोपी को ब्रेन ट्यूमर है और उसे अचानक गुस्से के दौरे पड़ते हैं।
यह मंचेश्वर थाना क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दूसरी हत्या है।
आरोपी पुलिस हिरासत में है और शीघ्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के मंचेश्वर थाना क्षेत्र में 29 जुलाई 2025 को एक दर्दनाक हत्याकांड सामने आया, जब ब्राउन शुगर का आदी 25 वर्षीय एस. देबराज ने नशा-मुक्ति दवा को लेकर हुए विवाद में अपने 50 वर्षीय पिता एस. दुर्योधन की लोहे के पाइप और पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल के निकट से हिरासत में लिया और मामले की जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, एस. दुर्योधन लेबर कॉन्ट्रैक्टर का काम करते थे और अपने इकलौते बेटे देबराज की नशे की लत से लंबे समय से परेशान थे। डॉक्टर की सलाह पर वे नशा-मुक्ति की दवा बीड़ी में मिलाकर बेटे को पिलाते थे। सोमवार रात इसी मुद्दे पर तीखी बहस हुई, जिससे आरोपी की माँ और परिवार के अन्य सदस्य डरकर घर छोड़कर चले गए।

मंगलवार सुबह घर में केवल पिता और पुत्र थे। जब दुर्योधन ने पुनः देबराज को दवा मिली बीड़ी दी और आम बीड़ी देने से इनकार किया, तो विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी ने पहले लोहे के पाइप से पिता पर हमला किया, फिर पत्थर से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी।

पुलिस की प्रतिक्रिया

हत्या की सूचना मिलते ही मंचेश्वर थाना पुलिस और साइंटिफिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (जोन 5) विश्वरंजन सेनापति ने पत्रकारों को बताया, "शुरुआती जाँच से पता चलता है कि देबराज ने नशे की लत को लेकर हुए झगड़े के बाद अपने पिता की हत्या कर दी।"

सेनापति ने यह भी बताया कि परिवार के अनुसार आरोपी को ब्रेन ट्यूमर है और उसे अचानक तीव्र क्रोध के दौरे पड़ते हैं। आरोपी को फिलहाल पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है और उसे बाद में न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

गौरतलब है कि यह मंचेश्वर थाना क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दूसरी हत्या है। इससे एक दिन पहले चकेइसियानी इलाके में एक पति द्वारा पत्नी की हत्या का मामला सामने आया था। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में नशे की लत से जुड़ी पारिवारिक हिंसा की घटनाएँ चिंता का विषय बन रही हैं। आरोपी को पहले भी नशा-मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जा चुका था, परंतु वह पुनः नशे की गिरफ्त में आ गया।

आम जनता पर असर

यह घटना नशे की लत और पारिवारिक हिंसा के बीच गहरे संबंध को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नशा-मुक्ति उपचार की सफलता के लिए परिवार के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी अनिवार्य है। ब्रेन ट्यूमर जैसी चिकित्सीय स्थिति का नशे की लत के साथ जुड़ाव मामले को और जटिल बनाता है।

क्या होगा आगे

पुलिस के अनुसार आरोपी एस. देबराज को शीघ्र ही न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहाँ उसकी चिकित्सीय स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा। जाँच टीम घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु न तो नशा-मुक्ति केंद्र और न ही घरेलू उपाय उस हिंसा को रोक सके जो ब्रेन ट्यूमर और नशे की लत के घातक संयोजन से उपजी। मंचेश्वर थाना क्षेत्र में 24 घंटे में दो हत्याएँ यह भी पूछती हैं कि क्या शहरी ओडिशा में सामाजिक सुरक्षा तंत्र उन परिवारों तक पहुँच पाता है जो नशे की लत से अकेले जूझ रहे हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर में नशेड़ी बेटे ने पिता की हत्या क्यों की?
पुलिस के अनुसार, आरोपी एस. देबराज अपने पिता द्वारा नशा-मुक्ति दवा बीड़ी में मिलाकर देने की प्रथा से नाराज था। सोमवार रात और मंगलवार सुबह इसी विषय पर हुई तीखी बहस के बाद उसने लोहे के पाइप और पत्थर से पिता पर हमला कर उनकी हत्या कर दी।
आरोपी एस. देबराज की वर्तमान स्थिति क्या है?
आरोपी को मंचेश्वर पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया है। एसीपी विश्वरंजन सेनापति के अनुसार उसे शीघ्र न्यायालय में पेश किया जाएगा। परिवार ने बताया है कि आरोपी को ब्रेन ट्यूमर है, जिसे जाँच में ध्यान में रखा जाएगा।
क्या देबराज को पहले भी नशा-मुक्ति उपचार मिला था?
हाँ, पुलिस के अनुसार पिता एस. दुर्योधन ने बेटे को पहले नशा-मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। इसके बाद डॉक्टर की सलाह पर वे नशा-मुक्ति दवा को बीड़ी में मिलाकर देते थे, जो विवाद का कारण बनी।
मंचेश्वर थाना क्षेत्र में 24 घंटे में दो हत्याएँ कैसे हुईं?
इससे एक दिन पहले चकेइसियानी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या की थी। अगले दिन उसी थाना क्षेत्र में यह पिता-पुत्र हत्याकांड सामने आया। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जाँच कर रही है।
ब्रेन ट्यूमर का इस मामले में क्या महत्व है?
परिवार ने पुलिस को बताया कि आरोपी देबराज को ब्रेन ट्यूमर है, जिससे उसे अचानक तीव्र क्रोध के दौरे पड़ते हैं। यह चिकित्सीय तथ्य न्यायालय में उसके बचाव या मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन में प्रासंगिक हो सकता है, हालाँकि इसकी पुष्टि अभी चिकित्सीय जाँच से होनी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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