दिलीप घोष का बड़ा बयान: दुर्गा पूजा के नाम पर वसूली गैरकानूनी, होगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 29 सितंबर 2026 को मिदनापुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के नाम पर लोगों से पैसे वसूलना पूरी तरह गैरकानूनी है और ऐसी शिकायतें मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गा पूजा के नाम पर वसूली पर कड़ा रुख
घोष ने कहा, 'भ्रष्टाचार के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी और कोई मनमानी नहीं करने पाएगा। जैसे ही शिकायत आएगी, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दुर्गा पूजा के नाम पर पैसे लेना गैरकानूनी है और इसके खिलाफ सरकार की कार्रवाई जारी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में अवैध वसूली की शिकायतें बढ़ने की खबरें सामने आई हैं।
एसआईआर विवाद और राहुल गांधी के आरोप
विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर घोष ने कहा कि यह प्रक्रिया अभी जारी है और धीरे-धीरे सब स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि मतदाताओं ने बड़ी संख्या में वोट डाले और परिणाम सकारात्मक रहे। घोष ने कहा, 'जो हार गए उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है।'
नंदीग्राम उपचुनाव और मिलन प्रधान की जमानत
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की जमानत पर सुनवाई के मामले में घोष ने इसे न्यायालय का विषय बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस की ओर से ऐसे दागी व्यक्तियों को उम्मीदवार क्यों बनाया जाता है, और कहा कि समाज में योग्य लोगों की कमी नहीं है।
अभिषेक बनर्जी की जेड प्लस सुरक्षा पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को जेड प्लस सुरक्षा देने के प्रश्न पर घोष ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर भ्रष्टाचार के इतने मामले चल रहे हों, उसे इस स्तर की सुरक्षा देना प्रशासन का अपमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मिलेगी, लेकिन वह जरूरत और पात्रता के आधार पर होनी चाहिए।
चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर बयान
TMC के चुनाव चिह्न के मामले पर घोष ने कहा कि यह मामला न्यायालय में लंबित है और चुनाव आयोग न्यायालय की निगरानी में इसे देख रहा है। कांग्रेस द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना कांग्रेस की आदत बन गई है और इस तरह की राजनीति स्वीकार्य नहीं है। आगे के दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।