भारत निर्वाचन आयोग ने SSR कार्यक्रम जारी किया, 4 जनवरी 2027 को आएगी अंतिम मतदाता सूची
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया, जिसके तहत 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी। यह कार्यक्रम उन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित है, जहाँ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अभी नहीं चल रही।
कौन-से राज्य शामिल हैं
आयोग का 15 अक्टूबर 2026 को जारी परिपत्र अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इनमें से कई राज्यों में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया जारी है या हाल ही में पूरी हुई है — जैसे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना — वहाँ SSR का कार्यक्रम बाद में अलग से घोषित किया जाएगा।
मुख्य कार्यक्रम और समयसीमा
आयोग द्वारा जारी SSR कार्यक्रम के अनुसार, 2 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन पूरा किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
मतदाताओं से संबंधित दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा, और इस पूरी प्रक्रिया का समापन 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से होगा। गौरतलब है कि इस SSR का उद्देश्य न केवल 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के लिए पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ना है, बल्कि 2027 की तीन अन्य अर्हता तिथियों — 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर — के लिए अग्रिम आवेदन स्वीकार करने की सुविधा भी देना है।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की विशेष स्थिति
आधिकारिक परिपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अब तक SIR शुरू नहीं हुआ है। इन क्षेत्रों में मौसम की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम उचित समय पर अलग से घोषित किया जाएगा।
आधार और नामांकन प्रक्रिया पर आयोग का स्पष्टीकरण
निर्वाचन आयोग ने आधार संख्या के उपयोग को लेकर अपनी नीति को पुनः स्पष्ट किया है। आयोग के अनुसार, आवेदक फॉर्म-6 और फॉर्म-8 में स्वेच्छा से आधार संख्या दे सकते हैं, किंतु केवल आधार न देने के आधार पर किसी भी आवेदन को खारिज नहीं किया जाएगा और न ही मतदाता सूची से किसी प्रविष्टि को हटाया जाएगा।
यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत संचालित होगा। आयोग ने यह भी बताया कि 29 सितंबर 2026 को जारी पूर्व निर्देशों के अंतर्गत छूटे हुए, युवा और पहली बार पात्र होने वाले मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान पहले ही चलाया जा रहा है।
आगे क्या होगा
SSR प्रक्रिया के पूर्ण होते ही जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव निकट हैं, वहाँ अद्यतन मतदाता सूची चुनावी तैयारियों का आधार बनेगी। यह प्रक्रिया मतदाता पंजीकरण की पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में आयोग का एक निर्धारित कदम है।