15 अक्टूबर 2026
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भारत निर्वाचन आयोग ने SSR कार्यक्रम जारी किया, 4 जनवरी 2027 को आएगी अंतिम मतदाता सूची

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भारत निर्वाचन आयोग ने SSR कार्यक्रम जारी किया, 4 जनवरी 2027 को आएगी अंतिम मतदाता सूची

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SSR कार्यक्रम जारी कर दिया है। 1 जनवरी 2027 अर्हता तिथि होगी, दावे-आपत्तियाँ 28 दिसंबर तक निपटेंगी और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को आएगी — जो कई राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनावों की तैयारी की दृष्टि से अहम है।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम जारी किया।
अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 निर्धारित; अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।
परिपत्र 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित; जहाँ SIR जारी है वहाँ SSR कार्यक्रम बाद में।
मतदान केंद्रों का पुनर्व्यवस्थापन 2 नवंबर तक; प्रारूप सूची 12 नवंबर को; दावे-आपत्तियाँ 28 दिसंबर तक।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में SIR अभी शुरू नहीं; मौसम को देखते हुए अलग कार्यक्रम घोषित होगा।
आधार संख्या स्वैच्छिक; केवल आधार न देने के आधार पर आवेदन खारिज नहीं किया जाएगा।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया, जिसके तहत 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी। यह कार्यक्रम उन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित है, जहाँ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अभी नहीं चल रही।

कौन-से राज्य शामिल हैं

आयोग का 15 अक्टूबर 2026 को जारी परिपत्र अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इनमें से कई राज्यों में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया जारी है या हाल ही में पूरी हुई है — जैसे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना — वहाँ SSR का कार्यक्रम बाद में अलग से घोषित किया जाएगा।

मुख्य कार्यक्रम और समयसीमा

आयोग द्वारा जारी SSR कार्यक्रम के अनुसार, 2 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन पूरा किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

मतदाताओं से संबंधित दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा, और इस पूरी प्रक्रिया का समापन 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से होगा। गौरतलब है कि इस SSR का उद्देश्य न केवल 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के लिए पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ना है, बल्कि 2027 की तीन अन्य अर्हता तिथियों — 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर — के लिए अग्रिम आवेदन स्वीकार करने की सुविधा भी देना है।

हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की विशेष स्थिति

आधिकारिक परिपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अब तक SIR शुरू नहीं हुआ है। इन क्षेत्रों में मौसम की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम उचित समय पर अलग से घोषित किया जाएगा।

आधार और नामांकन प्रक्रिया पर आयोग का स्पष्टीकरण

निर्वाचन आयोग ने आधार संख्या के उपयोग को लेकर अपनी नीति को पुनः स्पष्ट किया है। आयोग के अनुसार, आवेदक फॉर्म-6 और फॉर्म-8 में स्वेच्छा से आधार संख्या दे सकते हैं, किंतु केवल आधार न देने के आधार पर किसी भी आवेदन को खारिज नहीं किया जाएगा और न ही मतदाता सूची से किसी प्रविष्टि को हटाया जाएगा।

यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत संचालित होगा। आयोग ने यह भी बताया कि 29 सितंबर 2026 को जारी पूर्व निर्देशों के अंतर्गत छूटे हुए, युवा और पहली बार पात्र होने वाले मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान पहले ही चलाया जा रहा है।

आगे क्या होगा

SSR प्रक्रिया के पूर्ण होते ही जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव निकट हैं, वहाँ अद्यतन मतदाता सूची चुनावी तैयारियों का आधार बनेगी। यह प्रक्रिया मतदाता पंजीकरण की पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में आयोग का एक निर्धारित कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे अद्यतन मतदाता सूची सीधे चुनावी तैयारियों को प्रभावित करेगी। आयोग का आधार को स्वैच्छिक रखने का स्पष्टीकरण उन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास है जो पहले के नामांकन अभियानों में जताई गई थीं। हालांकि SIR और SSR के बीच राज्य-वार विभाजन प्रशासनिक जटिलता बढ़ाता है — नागरिकों और बूथ स्तरीय अधिकारियों को यह स्पष्ट रूप से समझाना होगा कि उनका राज्य किस प्रक्रिया के अंतर्गत आता है। कार्यान्वयन की एकरूपता ही इस अभ्यास की वास्तविक परीक्षा होगी।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत निर्वाचन आयोग का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) क्या है?
SSR मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसमें पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाते हैं, गलतियाँ सुधारी जाती हैं और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टियाँ हटाई जाती हैं। 2026 के इस चक्र में 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानकर 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चलाई जाएगी।
अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी और इसकी समयसीमा क्या है?
अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी। इससे पहले 2 नवंबर तक मतदान केंद्रों का पुनर्व्यवस्थापन, 12 नवंबर को प्रारूप सूची का प्रकाशन और 28 दिसंबर 2026 तक दावों-आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा।
किन राज्यों में SSR कार्यक्रम अभी लागू नहीं होगा?
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है या हाल ही में पूरी हुई है — जैसे आंध्र प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, झारखंड समेत 17 इकाइयाँ — वहाँ SSR का कार्यक्रम बाद में अलग से घोषित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसमी कारणों से कार्यक्रम उचित समय पर घोषित होगा।
क्या मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आधार अनिवार्य है?
नहीं, आधार देना पूरी तरह स्वैच्छिक है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6 या फॉर्म-8 में आधार संख्या न देने के आधार पर किसी भी आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जाएगा और न ही मतदाता सूची से कोई प्रविष्टि हटाई जाएगी।
SSR 2027 का चुनावों पर क्या असर होगा?
SSR के तहत तैयार अद्यतन मतदाता सूची उन राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए आधार बनेगी जहाँ 2027 की शुरुआत में मतदान होना है। इसके अतिरिक्त, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन इसी प्रक्रिया में स्वीकार किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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